आचार्य बृजभूषण महाराज ने सुनाई शिव-पार्वती विवाह की कथाशिवपुरी-कोलारस के समीप ग्राम सिंगारपुर चल रही श्री शिवमहापुराण कथा में आचार्य श्री बृजभूषण जी महाराज ने सुंदर शिव विवाह का प्रसंग सुनाया प्रसंग सुनकर के सभी श्रोताजन झूम उठे। आचार्य जी ने कथा के प्रसंग में बताया कि शिव और पार्वती जगत के माता पिता है एवं इस संसार को प्रसन्न करने के लिए अवतार लेकर के इस पृथ्वी पर आते हैं और नाना प्रकार की लीला भगवान करते हैं, माता सती ने पार्वती के रूप में जन्म लिया और भगवान शिव की तपस्या करके भोलेनाथ की तपस्या करके उन्होंने भगवान शिव से अपना विवाह किया। उन्होंने कहा कि अगर कोई भजन कर रहा हो तो भजन करते हुए व्यक्ति की तपस्या में बाधा नहीं डालना चाहिए, अगर भजन करते हुए व्यक्ति की तपस्या में हम विघ्न डालते हैं तो हमारा ही सर्वनाश होता है इसलिए जो कोई भजन करें पूजन करें तो कभी भी बाधा ना डालें। आचार्य ने कथा के अंत में सुंदर-सुंदर भजन सुना करके श्रोताओं को मंत्र मुग्ध किया एवं कथा के अंत में शिव पार्वती की पावन झांकी लगाई गई और शिव पार्वती के विवाह उत्सव को बड़े धूमधाम से मनाया गया, सभी ने भगवान शिव पार्वती का पूजन किया। अंत में मंगल आरती की गई एवं सुंदर प्रसार वितरण किया गया।
आचार्य बृजभूषण महाराज ने सुनाई शिव-पार्वती विवाह की कथाशिवपुरी-कोलारस के समीप ग्राम सिंगारपुर चल रही श्री शिवमहापुराण कथा में आचार्य श्री बृजभूषण जी महाराज ने सुंदर शिव विवाह का प्रसंग सुनाया प्रसंग सुनकर के सभी श्रोताजन झूम उठे। आचार्य जी ने कथा के प्रसंग में बताया कि शिव और पार्वती जगत के माता पिता है एवं इस संसार को प्रसन्न करने के लिए अवतार लेकर के इस पृथ्वी पर आते हैं और नाना प्रकार की लीला भगवान करते हैं, माता सती ने पार्वती के रूप में जन्म लिया और भगवान शिव की तपस्या करके भोलेनाथ की तपस्या करके उन्होंने भगवान शिव से अपना विवाह किया। उन्होंने कहा कि अगर कोई भजन कर रहा हो तो भजन करते हुए व्यक्ति की तपस्या में बाधा नहीं डालना चाहिए, अगर भजन करते हुए व्यक्ति की तपस्या में हम विघ्न डालते हैं तो हमारा ही सर्वनाश होता है इसलिए जो कोई भजन करें पूजन करें तो कभी भी बाधा ना डालें। आचार्य ने कथा के अंत में सुंदर-सुंदर भजन सुना करके श्रोताओं को मंत्र मुग्ध किया एवं कथा के अंत में शिव पार्वती की पावन झांकी लगाई गई और शिव पार्वती के विवाह उत्सव को बड़े धूमधाम से मनाया गया, सभी ने भगवान शिव पार्वती का पूजन किया। अंत में मंगल आरती की गई एवं सुंदर प्रसार वितरण किया गया।


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