अक्षय तृतीया पर हर विवाह आयोजन पर प्रशासन की नजरशिवपुरी-चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 पर प्राप्त सूचना के आधार पर प्रशासन की टीम ने रविवार को तत्परता दिखाते हुए 2 बाल विवाह मौके पर जाकर रुकवाए। अक्षय तृतीया को देखते हुए जिले में सभी विवाह आयोजनों पर प्रशासन की विशेष निगरानी रहेगी।
जिला कार्यक्रम अधिकारी ने बताया कि पहले मामलें में ग्राम डेहरवारा, तेंदुआ थाना क्षेत्र में बाल्मीक समाज के 17 वर्षीय लड़के के बाल विवाह की सूचना हेल्पलाइन पर प्राप्त हुई। जांच में पाया गया कि जिस लड़की से विवाह तय था, वह तोड़ी बगरोड, सिरोंज की निवासी है और उसकी उम्र भी 18 वर्ष से कम है। जबकि दूसरे मामले में ग्राम छाबरा, रन्नौद थाना क्षेत्र में लोधी समाज की 17 वर्ष 10 माह की लड़की के बाल विवाह की सूचना प्राप्त हुई।
कलेक्टर अर्पित वर्मा के निर्देशन में परियोजना अधिकारियों एवं पर्यवेक्षकों की टीम ने दोनों स्थानों पर पहुंचकर जांच की। उम्र कम पाए जाने पर परिजनों को विवाह नहीं करने के लिए समझाइश दी गई। बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम के कानूनी प्रावधान एवं सजा की जानकारी देने पर दोनों परिवारों ने निर्धारित उम्र पूरी होने से पूर्व विवाह नहीं करने का लिखित आश्वासन दिया। विदिशा जिले की टीम ने भी सिरोंज स्थित लड़की के परिवार से संपर्क कर विवाह रोकने हेतु समझाइश दी। परियोजना अधिकारी अमित यादव ने बताया कि डेहरवारा मामले में लड़के और लड़की दोनों के नाबालिग होने की पुष्टि के बाद कार्रवाई की गई। जिला कार्यक्रम अधिकारी धीरेंद्र सिंह जादौन ने बताया कि अक्षय तृतीया पर होने वाले विवाह आयोजनों की निगरानी के लिए विशेष दल गठित किए गए हैं। यदि कोई व्यक्ति चोरी-छिपे बाल विवाह संपन्न कराता है तो उसके विरुद्ध बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम, 2006 तथा किशोर न्याय अधिनियम के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी। आमजन से अपील है कि बाल विवाह की किसी भी सूचना को तुरंत चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 या नजदीकी थाने पर दें। सूचना देने वाले की पहचान गोपनीय रखी जाएगी। लड़के की विवाह की न्यूनतम आयु 21 वर्ष तथा लड़की की 18 वर्ष निर्धारित है। इससे कम आयु में विवाह कराना दंडनीय अपराध है।

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