ग्राम चंदनपुरा में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा में बताया अधिक मास का महत्वशिवपुरी-शहर के समीप स्थित ग्राम चंदनपुरा में चल रही श्रीमद् भागवत कथा के द्वितीय दिवस पर राष्ट्रीय कथा प्रवक्ता पंडित श्री बृजभूषण जी महाराज ने बताया कि पुरुषोत्तम मास में किया गया पुण्य कभी भी व्यर्थ नहीं जाता एवं भगवान सबसे अधिक पुण्य कार्यों से प्रसन्न होते हैं इसलिए सभी मनुष्यों को चाहिए कि इस महीने में कोई पाप कर्म न करें एवं कोई अधर्म ना करें अधिक से अधिक भगवान का नाम जाप करें भागवत कथा का श्रवण करें गीता आदि का पाठ करें रामायण का पाठ करें एवं तीर्थ यात्रा करने का विशेष महत्व भी अधिक मास के महीने में बताया गया है।
महाराज जी ने बताया अगर कोई पुरुषोत्तम महीने में ब्रज चौरासी(84) कोस की यात्रा करता है तो ऐसा मनुष्य जो है चौरासी लाख योनियों में भ्रमण नहीं करता भगवान उस पर प्रसन्न रहते हैं और उसको पुन: मनुष्य बना करके फिर से भक्ति करने का वरदान देते हैं नंदबाबा एवं यशोदा मां ने चौरासी कोश में समस्त तीर्थ को बुलाया है इसलिए संपूर्ण तीर्थ चौरासी कोश में विराजमान रहते हैं इसलिए मनुष्य को उसकी परिक्रमा पुरुषोत्तम मास में करना चाहिए एवं अपने जीवन को धन्य करना चाहिए। आचार्य जी ने कथा के विश्राम पर सुंदर परीक्षित को श्राप लगने का प्रसंग सुनाया और बताया कि कभी भूल से भी हम संतों का अपमान ना करें, भूल से भी ब्राह्मण का अपमान ना करें, ब्राह्मण एवं संतों का अपमान हमारे विनाश का कारण भी बन सकता है। इस बात का भी विशेष रूप से ध्यान रखना चाहिए। कथा के यजमान प्रहलाद सिंह धाकड़, विजय सिंह धाकड़ एवं समस्त परिवार जन है।

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