कलश यात्रा के साथ श्रीमद् भागवत कथा का भव्य शुभारंभशिवपुरी/पोहरी-पोहरी अनुभाग के ग्राम चकराना में भव्य कलश यात्रा और विधि-विधान से पूजन के साथ संगीतमय श्रीमद् भागवत ज्ञान यज्ञ का भव्य शुभारंभ हुआ। जहां रविवार को कथा व्यास आचार्य पंडित दिनेश कुमार जैमिनी (बमरा बाले) श्रीमद् भागवत कथा से दिव्य अमृत वर्षा करते हुए कथा के महात्म्य पर प्रकाश डाला।
उन्होंने अत्यंत सुमधुर और तार्किक शैली में श्रोताओं को मंत्रमुग्ध करते हुए कहा कि भागवत कथा किसी एक व्यक्ति विशेष के लिए नहीं है। कथा सुनने का अधिकार सृष्टि के प्रत्येक जीव-जंतु को है। चाहे वह हमें दिखाई दे रहा हो या अदृश्य हो। कथाओं का मूल उद्देश्य ही संसार के समस्त जीवों को तारना, मोक्ष प्रदान करना है। कथा व्यास ने राजा परीक्षित और देवताओं के प्रसंग का जीवंत वर्णन करते हुए समझाया कि जब राजा परीक्षित को शुकदेव जी महाराज कथा सुना रहे थे, तब देवता स्वर्ग से अमृत का कलश लेकर आए थे। देवताओं ने शर्त रखी कि परीक्षित को यह स्वर्ग का अमृत पिला दिया जाए और उसके बदले देवताओं को भागवत कथा रूपी चर्चामृत रसपान करा दिया जाए। लेकिन शुकदेव जी महाराज और राजा परीक्षित ने स्वर्ग के अमृत को ठुकरा कर कथा रूपी रस को चुना। मुख्य यजमान ने बताया कि यह दिव्य आयोजन 14 मई से प्रारंभ होकर 21 मई तक चलेगा। कथा के तीसरे दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए।

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