किसानों के लिए संसाधन और सुविधाऐं दिलाने में अग्रणीय, एसडीएम ने निरीक्षण कर व्यवस्थाओं को सराहाशिवपुरी- इन दिनों हो रही गेहूं खरीदी को लेकर संपूर्ण जिले में सतनबाड़ा स्थित शशिचन्द्र वेयर हाउस गेहूं खरीदी केन्द्र आदर्श केन्द्र के रूप में बना हुआ है, यहां कलेक्टर अर्पित वर्मा के निर्देशन एवं एसडीएम आनंद सिंह राजावत के मार्गदर्शन में किसानों के लिए पर्याप्त मूलभूत सुविधाओं के रूप में छांव, शुद्ध पेयजल, कांटा पर सही तौल, तुरंत खरीदी, समीप भोजन स्थल जैसी अनेकों सुविधाऐं उपलब्ध कराई जा रही है। यही कारण है कि यहां आने वाला हरेक किसान इस गेहूं खरीदी की सभी व्यवस्थाओं से संतुष्ट है और इसके लिए शासन-प्रशासन सहित वेयरहाउस संचालक शशिकांतचन्द्र भारद्वाज एवं एड.विशाल भारद्वाज के प्रयासों को सराहा और सभी व्यवस्थाऐं उपलब्ध कराने पर आभार जताया।
यहां ना केवल गेहूं खरीदी को ध्यान में रखा जा रहा है बल्कि किसानों के लिए हर संभव सहयोग व सहायता भी उपलब्ध कराई जा रही है ताकि किसान अपनी गेहूं खरीदी को लेकर परेशान ना हो और केन्द्र पर मिलने वाली सभी सुविधाओं का लाभ लेकर प्रसन्नचित मन से अपने घर की ओर रवाना हो। यहां भीषण गर्मी में राह प्रदान करने के लिए शशिचन्द्र वेयरहाउस प्रबंधक के द्वारा छांव के लिए पर्याप्त स्थान पर टैंट लगाया गया है तो वहीं ठण्डे शीतल जल के रूप में पेयजल की टंकी व आर.ओ. की सुविधा भी कृषकों के लिए उपलब्ध है, इसके अलावा खरीदी केन्द्र पर आने वाले कृषकों के लिए उनका नंबर आते ही टोकन के साथ सीधी खरीदी की जा रही है ताकि किसान का समय भी व्यर्थ ना जाए।
सतनबाड़ा स्थित शशिचन्द्र वेयरहाउस पर होने वाली गेहूं खरीदी को लेकर एसडीएम आनंद सिंह राजावत भी मौके पर पहुंचे और वेयर हाउस का निरीक्षण करते हुए वहां मौजूद कृषकों से खरीदी संबंधी जानकारी प्राप्त की जिस पर सभी कृषकों ने वेयर हाउस पर मिलने वाली सुविधाओं व गेहूं खरीदी को लेकर प्रशंसा की। इस पर एसडीएम श्री राजावत ने भी वेयर हाउस प्रबंधन की सभी व्यवस्थाओं का निरीक्षण करते हुए व्यवस्थाओं को सराहा और इसी तरह कार्य करने के निर्देश दिए। इस दौरान वेयरहाउस पर संचालित सभी तरह की सेवाओं की जानकारी वेयरहाउस प्रबंधक एड.विशाल भारद्वाज के द्वारा एसडीएम श्री राजावत को दी गई। इस अवसर पर वेयरहाउस मैनेजर देवेंद्र कुशवाहा, समिति सचिव रवि धाकड़, सर्वेयर शिवम चौधरी, वेयरहाउस लॉजिस्टिक कॉर्पोरेशन विकास रजक आदि सहित बड़ी संख्या में कृषकगण मोजूद रहे।




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