बारिश के बीच भी कथा में उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाबशिवपुरी। शहर के झांसी रोड़ स्थित बांकड़े हनुमान मंदिर पर आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के पांचवें दिन भगवान श्रीकृष्ण की मनोहारी बाल लीलाओं के साथ गोवर्धन पूजा का उत्सव श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया गया। बारिश के बीच भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु कथा स्थल पर पहुंचे और भक्ति रस में सराबोर नजर आए। कथा यजमान श्रीमती आशा-हरिशंकर अग्रवाल ठेइया परिवार हैं। परिवार की ओर से हरिशंकर, रवि शंकर, मुकेश एवं अशोक अग्रवाल सहित मुख्य संयोजक अजीत अग्रवाल ठेइया कथा आयोजन की व्यवस्थाओं में जुटे रहे।
व्यासपीठ से भागवत कथा आचार्य डॉ. गिरीश जी महाराज ने भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का वर्णन करते हुए कहा कि भगवान की बाल लीलाएं केवल मनोरंजन का विषय नहीं, बल्कि इनमें जीवन को प्रेम, सरलता, करुणा और धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा छिपी हुई है। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं का श्रवण करने से मनुष्य के भीतर भक्ति और सकारात्मक भाव का संचार होता है। इस दौरान आचार्य श्री ने श्रीकृष्ण बाल-लीलाओं के साथ गोवर्धन पूजा के प्रसंग का भी वर्णन श्रवण कराते हुए कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने ब्रजवासियों को प्रकृति और गोवर्धन पर्वत के महत्व का संदेश दिया। उन्होंने समझाया कि मनुष्य को प्रकृति के प्रति कृतज्ञ रहना चाहिए और पर्यावरण एवं प्राकृतिक संसाधनों का सम्मान करना चाहिए।
भगवान श्रीकृष्ण द्वारा गोवर्धन पर्वत को अपनी कनिष्ठा अंगुली पर धारण करने का प्रसंग सुनाते हुए आचार्य श्री ने कहा कि जब भक्त सच्चे मन से भगवान की शरण में आता है, तो भगवान स्वयं उसकी रक्षा का दायित्व अपने ऊपर ले लेते हैं। बाहर बारिश का दौर जारी रहने के बावजूद धर्मप्रेमी श्रद्धालुओं की आस्था में कोई कमी नहीं दिखाई दी। इस अवसर पर अग्रवाल समाज के पूर्व अध्यक्ष विष्णु गुप्ता (पिपरघार वाले), रामजीलाल बंसल, निर्मल गुप्ता, पार्षद गौरव सिंघल, घनश्याम गुप्ता (तिघरी वाले), विकास गोयल पूर्व महामंत्री अग्रवाल समाज, राजू गोयल, पूर्व पार्षद गणेश गुप्ता, सुनील गर्ग मामू सहित नगर के गणमान्य नागरिक एवं बड़ी संख्या में धर्मप्रेमी जन मौजूद रहे। कथा के दौरान भक्ति गीतों और भगवान श्रीकृष्ण के जयकारों से पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहा। श्रद्धालुओं ने भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का श्रवण कर पुण्य लाभ अर्जित किया।
भगवान श्रीकृष्ण द्वारा गोवर्धन पर्वत को अपनी कनिष्ठा अंगुली पर धारण करने का प्रसंग सुनाते हुए आचार्य श्री ने कहा कि जब भक्त सच्चे मन से भगवान की शरण में आता है, तो भगवान स्वयं उसकी रक्षा का दायित्व अपने ऊपर ले लेते हैं। बाहर बारिश का दौर जारी रहने के बावजूद धर्मप्रेमी श्रद्धालुओं की आस्था में कोई कमी नहीं दिखाई दी। इस अवसर पर अग्रवाल समाज के पूर्व अध्यक्ष विष्णु गुप्ता (पिपरघार वाले), रामजीलाल बंसल, निर्मल गुप्ता, पार्षद गौरव सिंघल, घनश्याम गुप्ता (तिघरी वाले), विकास गोयल पूर्व महामंत्री अग्रवाल समाज, राजू गोयल, पूर्व पार्षद गणेश गुप्ता, सुनील गर्ग मामू सहित नगर के गणमान्य नागरिक एवं बड़ी संख्या में धर्मप्रेमी जन मौजूद रहे। कथा के दौरान भक्ति गीतों और भगवान श्रीकृष्ण के जयकारों से पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहा। श्रद्धालुओं ने भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का श्रवण कर पुण्य लाभ अर्जित किया।

.jpeg)
.jpeg)
.jpeg)

No comments:
Post a Comment