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Friday, September 4, 2026

पार्षदों की सुनवाई नहीं, सीएमओ की कार्यप्रणाली पर भड़का आक्रोश


नगर पालिका में जनप्रतिनिधियों की अनदेखी का आरोप, मूलभूत सुविधाओं को लेकर भी उठे सवाल; जिला प्रशासन तक मामला ले जाने की तैयारी

शिवपुरी। नगर पालिका शिवपुरी में इन दिनों सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है। शहर की समस्याओं और वार्डों में मूलभूत सुविधाओं को लेकर पार्षदों की नाराजगी अब खुलकर सामने आने लगी है। पार्षदों ने नगर पालिका सीएमओ यशवंत राठौर की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करते हुए आरोप लगाया है कि उनकी समस्याओं और मांगों को अपेक्षित गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है।

“जनता हमें जवाब मांगती है, लेकिन नपा में हमारी ही सुनवाई नहीं”

पार्षदों का कहना है कि वे अपने-अपने वार्डों की जनता की समस्याओं को लेकर नगर पालिका प्रशासन के समक्ष लगातार मुद्दे उठाते हैं। सड़क, नाली, सफाई, पेयजल, स्ट्रीट लाइट सहित अन्य मूलभूत सुविधाओं से जुड़े मामलों में पार्षदों को जनता के बीच जवाब देना पड़ता है, लेकिन नगर पालिका स्तर पर समस्याओं के निराकरण में अपेक्षित तत्परता दिखाई नहीं दे रही। पार्षदों में इस बात को लेकर नाराजगी है कि जब जनता अपनी समस्या लेकर उनके पास आती है तो वे उसे लेकर नगर पालिका पहुंचते हैं, लेकिन यदि प्रशासनिक स्तर पर ही सुनवाई नहीं होगी तो वे जनता को क्या जवाब देंगे?

सीएमओ की कार्यप्रणाली को बताया हठधर्मिता

नगर पालिका के कुछ पार्षदों ने सीएमओ की कार्यप्रणाली को लेकर नाराजगी जाहिर करते हुए इसे हठधर्मिता वाला रवैया करार दिया है। उनका कहना है कि नगर पालिका एक निर्वाचित परिषद है और पार्षद जनता द्वारा चुने गए प्रतिनिधि हैं। ऐसे में उनके द्वारा उठाए जाने वाले जनहित के मुद्दों को नजरअंदाज करना उचित नहीं है। पार्षदों का आरोप है कि प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के बीच जिस प्रकार का समन्वय होना चाहिए, वह वर्तमान में नजर नहीं आ रहा है।

शहर की मूलभूत सुविधाओं पर भी सवाल

सीएमओ के अब तक के कार्यकाल को लेकर भी पार्षदों ने सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि शहर में कई स्थानों पर नागरिक मूलभूत सुविधाओं के लिए परेशान हैं। वार्डों की समस्याएं लंबे समय से सामने आती रही हैं, लेकिन उनका स्थायी समाधान नहीं हो पा रहा है। इधर, आम नागरिकों में भी नगर की व्यवस्थाओं को लेकर नाराजगी की स्थिति बताई जा रही है। ऐसे में पार्षदों का आक्रोश अब नगर पालिका प्रशासन की कार्यप्रणाली पर बड़ा सवाल खड़ा कर रहा है।

दो बार निलंबन झेल चुके हैं सीएमओ राठौर

पार्षदों की नाराजगी के बीच सीएमओ यशवंत राठौर का पूर्व प्रशासनिक रिकॉर्ड भी चर्चा में है। बताया जा रहा है कि राठौर पूर्व में दो बार निलंबन की कार्रवाई का सामना कर चुके हैं। ऐसे में शिवपुरी नगर पालिका में उनकी कार्यप्रणाली को लेकर पार्षदों द्वारा उठाए जा रहे सवालों ने मामले को और चर्चा में ला दिया है।

अब जिला प्रशासन तक पहुंचेगा मामला

पार्षदों का कहना है कि यदि नगर पालिका स्तर पर उनकी समस्याओं और मांगों की सुनवाई नहीं होती है तो वे चुप नहीं बैठेंगे। शीघ्र ही जिला प्रशासन एवं नगरीय निकाय के वरिष्ठ अधिकारियों को लिखित शिकायत भेजकर पूरे मामले से अवगत कराया जाएगा। पार्षद अपने अधिकारों और वार्डों की समस्याओं को लेकर पत्राचार करने की तैयारी में हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में नगर पालिका की प्रशासनिक कार्यप्रणाली को लेकर मामला और गरमाने के आसार हैं।

अब देखना यह होगा कि पार्षदों की इस नाराजगी पर जिला प्रशासन और नगरीय निकाय के वरिष्ठ अधिकारी क्या संज्ञान लेते हैं और नगर पालिका में जनप्रतिनिधियों एवं प्रशासन के बीच समन्वय स्थापित करने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।

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