योजनाओं के क्रियान्वयन एवं निर्माण कार्यों में गति लाने के निर्देश, काम में लापरवाही पर नोटिस जारी करने के निर्देशशिवपुरी-कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अर्पित वर्मा ने पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की विस्तृत समीक्षा बैठक ली। बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी विजय राज सहित समस्त परियोजना अधिकारी, जनपद सीईओ, सहायक यंत्री और विकासखंड समन्वयक उपस्थित रहे। बैठक के दौरान कलेक्टर श्री वर्मा ने विभागीय योजनाओं के त्वरित क्रियान्वयन, ग्रामीण विकास कार्यों में गति लाने और निर्माण कार्यों में गुणवत्ता बनाए रखने के कड़े निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि समस्त जनपद सीईओ नियमित रूप से फील्ड भ्रमण कर धरातल पर विकास कार्यों की स्थिति का जायजा लें।
प्रधानमंत्री आवास योजना में बदरवास और खनियाधाना सीईओ को नोटिस
प्रधानमंत्री आवास योजना की समीक्षा के दौरान बदरवास और खनियाधाना में आवास निर्माण में धीमी प्रगति देखते हुए कलेक्टर श्री वर्मा ने सख्त रुख अपनाते हुए बदरवास और खनियाधाना सीईओ, विकासखंड समन्वयक और परियोजना अधिकारी प्रधानमंत्री आवास प्रभारी को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आवास योजना की पहली किस्त अनावश्यक रूप से लंबित न रहे। ब्लॉक समन्वयक लगातार फील्ड में जाएं और आवासों का निर्माण समय सीमा में पूरा कराएं। बैठक में बीबी जीरामजी (विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन ग्रामीण) की भी समीक्षा की गई।
स्व करधान के लिए प्रेरित करने के निर्देश
कलेक्टर अर्पित वर्मा ने ग्राम पंचायतों में स्व करधान के लिए विशेष प्रयास करने पर बल दिया। यदि ग्रामीणों को प्रेरित कर छोटी-छोटी धनराशि भी कर के रूप में एकत्रित की जाएगी, तो पंचायत के पास एक बड़ा फंड एकत्र होगा। इस राशि का उपयोग विकास कार्यों में किया जा सकेगा। स्वच्छ भारत मिशन और स्व करधान की समीक्षा में असंतोषजनक प्रगति पाए जाने पर प्रभारी अधिकारी सत्यमूर्ति पांडे को नोटिस जारी करने का निर्देश दिए।
समीक्षा बैठक में निर्देश
नवीन आंगनबाड़ी भवन निर्माण में ग्रामीण यांत्रिकी सेवा द्वारा बनाए जा रहे नए आंगनबाड़ी भवनों का निर्माण समय सीमा में और उच्च गुणवत्ता के साथ पूरा किया जाए। मध्यान्ह भोजन योजना प्रभारी अधिकारी को सभी विकासखंडों का नियमित निरीक्षण करने के निर्देश दिए हैं, जहाँ भी अनियमितता पाई जाए, संबंधित स्वयं सहायता समूहों को तत्काल हटाकर कार्रवाई की जाए। जिले की अपूर्ण एवं अक्रियाशील गौशालाओं की समीक्षा की गई और जनपद सीईओ को समय-समय पर गौशालाओं का निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए।

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