युवा साहित्यकार स्वर्गीय डॉ अखिल बंसल की दशमी पुण्यतिथि पर व्याख्यान व काव्य संध्या सम्पन्नशिवपुरी- शिवपुरी के युवा साहित्यकार अल्पायु में दुनिया से विदा ले लेने वाले डॉ अखिल बंसल की दशमी पुण्यतिथि पर स्थानीय सरस्वती शिशु मंदिर अस्पताल चौराहा पर व्याख्यान व काव्य संध्या अखिल भारतीय साहित्य परिषद जिला शिवपुरी द्वारा आयोजित की गई। इस अवसर पर बोलते हुए मुख्य अतिथि डीआईजी एसएएफ आलोक सिंह ने कहा कि जब युवा कवि अखिल बंसल के देहावसान का समाचार प्राप्त हुआ तब में शिवपुरी में ही एडिशनल एसपी था, तथा किसी कार्य से ग्वालियर गया था, इस समाचार को सुन सारे कार्य छोड़ कर उनके अंतिम संस्कार में सम्मिलित होने इसलिए पहुंचा क्योंकि उनका निश्चल प्रेम और संस्कार मुझे काफी प्रभावित करती थी, आज वह इस दुनिया में नहीं है लेकिन उनके साहित्य के माध्यम से सदा हमारे दिलों में बसे हुए है।
मुख्य वक्ता प्रो दिग्विजय सिंह सिकरवार ने कहा कि नैसर्गिक प्रतिभा के धनी स्वर्गीय अखिल महज 37 वर्ष की अल्पायु में इस दुनिया से विदा ले गए,परन्तु वह इतना कार्य कर गए जो कई लोग लम्बा जीवन जीकर भी नहीं कर पाते।उनकी एक कृति प्रहार उनके जीवित रहते हुए आई तो उनके जाने के बाद तीन और कृतियाँ उनके साहित्य के प्रति समर्पण और निष्ठा का ही प्रमाण है,वह न सिर्फ अच्छे चिकित्सक थे,न सिर्फ अच्छे साहित्यकार थे बल्कि सरल हृदय के संवेदनशील व्यक्ति भी थे। उनका जाना शिवपुरी साहित्य के लिए अपूरणीय क्षति थी। काव्य संध्या में वरिष्ठ साहित्यकार डॉ एच.पी.जैन ने अध्यक्षता की, साथ ही सुकून शिवपुरी, प्रदीप अवस्थी ,श्याम बिहारी सरल और अंजली गुप्ता ने अपनी कविताओं से सभी का मन मोहा। दोनों सत्रों का कुशल संचालन आशुतोष शर्मा ओज ने किया तो सभी का आभार स्वर्गीय अखिल के पिताजी डॉ डी के बंसल ने ज्ञापित किया। कार्यक्रम में शिवपुरी नगर के सैकड़ों गणमान्य जन उपस्थित रहे, सभी ने स्वर्गीय अखिल बंसल को पुष्पांजलि अर्पित कर पुण्य स्मरण किया।

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