एचओडी डॉ. पंकज शर्मा की इस विशेष तकनीक से होगा इलाज , शिवपुरी के मरीजों को मिलेगी बड़ी राहत
शिवपुरी। ग्वालियर में आयोजित इंडियन ऑर्थोपेडिक एसोसिएशन (MP चैप्टर) के वार्षिक सम्मेलन में श्रीमंत राजमाता विजयाराजे सिंधिया (SRVS) मेडिकल कॉलेज, शिवपुरी के ऑर्थोपेडिक विभाग ने बड़ी सफलता हासिल की है। विभाग के प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष डॉ. पंकज शर्मा ने कॉन्फ्रेंस में बकौल फैकल्टी शामिल होकर "काउडल एपिड्यूरल इंजेक्शन तकनीक" के सफल उपयोग पर अपनी महत्वपूर्ण स्टडी साझा की। डॉ. शर्मा शिवपुरी अंचल के मरीजों के इलाज में इस पद्धति के उपयोग को बढ़ाने पर विशेष जोर दे रहे हैं जिससे मरीजों को कमर दर्द और साइटिका से मुक्ति मिल सके।
बता दें कि विभाग के प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष डॉ. पंकज शर्मा द्वारा इस पद्धति के उपयोग को बढ़ावा देने पर विशेष फोकस दिया जा रहा है,जिससे लोगों को कमर दर्द और साइटिका जैसी बीमारियों से छुटकारा मिल सके। जब हमारे संवाददाता ने डॉक्टर पंकज शर्मा से बात की तो उन्होंने इस तकनीक के फायदे बताते हुए कहा कि यह पद्धति गंभीर कमर दर्द और साइटिका के मरीजों के लिए बेहद कारगर है। जब गंभीर कमर दर्द और साइटिका में सामान्य दवाइयां बेअसर हो जाती हैं, तब यह तकनीक काम आती है। इसमें बिना किसी चीर-फाड़ के, रीढ़ की हड्डी के निचले हिस्से से एक विशेष बारीक सुई द्वारा दवा सीधे प्रभावित नस के पास पहुंचाई जाती है, जिससे दर्द ठीक होता है। रीढ़ की हड्डी का ऑपरेशन हमेशा आखिरी रास्ता होना चाहिए। डॉ. शर्मा द्वारा इस तकनीक के उपयोग से बिना ऑपरेशन दर्द ठीक होता है और सर्जरी के समय को लंबे समय तक के लिए टालना संभव हो जाता है।
*दवाओं के नुकसान व आर्थिक बोझ से होगा बचाव: डॉ पंकज शर्मा
मेडिकल कॉलेज, शिवपुरी के ऑर्थोपेडिक विभाग के प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष डॉ. पंकज शर्मा ने कहा कि लंबे समय तक दर्द निवारक दवाएं खाने से किडनी और लीवर को भारी नुकसान पहुंचता है। साथ ही लगातार दवाएं खरीदने से मरीजों पर आर्थिक बोझ भी बढ़ता है। इस तकनीक का उपयोग बढ़ाने से मरीज शरीर के नुकसान और पैसों के बोझ, दोनों से बच सकते हैं। डॉ. पंकज शर्मा ने बताया कि इस किफायती तकनीक के उपयोग को बढ़ावा देने का सबसे बड़ा लाभ शिवपुरी अंचल की आम ग्रामीण व शहरी जनता को मिल रहा है। अब रीढ़ की हड्डी और कमर दर्द के मरीजों को इलाज के लिए बड़े शहरों में जाकर लाखों रुपए खर्च करने की जरूरत नहीं है।
कॉन्फ्रेंस में शिवपुरी के डॉक्टरों और जूनियर डॉक्टरों की सहभागिता इस राष्ट्रीय स्तर की कॉन्फ्रेंस में विभाग के एमएस ऑर्थो (MS) (Ortho) पोस्ट ग्रेजुएट जूनियर डॉक्टरों ने भी अपने शोध पत्र और पोस्टर प्रेजेंटेशन प्रस्तुत किए, जिसे वहां काफी सराहा गया। इसके साथ ही विभाग के विशेषज्ञ डॉ. सोनेन्द्र शर्मा ने स्टेट मेडिकल कौंसिल से (state medical council se ) ऑब्जर्वर, तथा डॉ. अरविंद करोरिया व डॉ. निशांत वर्मा ने डेलीगेट्स के रूप में भाग लेकर नई तकनीकों को साझा करने और सीखने में सक्रिय भूमिका निभाई।

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