एक माह में चिकित्सकों को मरीज को देना होगी क्षतिपूर्ति
शिवपुरी-उपभोक्ता फ ोरम के अध्यक्ष गौरीशंकर दुबे व सदस्य राजीवकृष्ण शर्मा ने मरीज के इलाज में लापरवाही बरतने वाले दो डॉक्टरों को एक माह में 13 लाख 23 हजार रूपए क्षतिपूर्ति राशि अदा करने के निर्देश दिए है। यदि यह एक माह में राशि मरीज को उपलब्ध नहीं कराएंगे तो उन्हें 7 प्रतिशत ब्याज का भी भुगतान करना होगा। मामले पैरवी अभिभाषक विजय तिवारी द्वारा की गई।
अभियोजन के अनुसार अंजुम पत्नी इस्माइल खान निवासी बाबू क्वाटर रोड शिवपुरी ने शहर के विद्यादेवी अस्पताल में डॉ रीता गुप्ता को दिखाया तो उन्होंने उन्हें बच्चेदानी के ऑपरेशन की सलाह दी जिसके बाद डॉ रीता गुप्ता ने कहा कि वह अपने अस्पताल में झांसी के सर्जन डॉ एनण्एस राजपूत स्त्री रोग विशेषज्ञ के द्वारा उसका ऑपरेशन करवाएंगी और 9 नवंबर 2014 को ऑपरेशन किया गया जिसके दो दिन बाद अंजुम का पेट फूलना शुरू हो गया और उसे असहनीय दर्द होने लगा िजसके बाद कल्पना नर्सिंग होम पर उसका सोनोग्राफी टेस्ट भी कराया गया। डॉ रीता गुप्ता ने ऑपरेशन के बदले 18 हजार रूपए लिए थे। सोनोग्राफी के बाद अंजुम को ग्वालियर के डॉ अंशुमन सोमानी के यहां रैफर कर िदया था। डॉक्टरों द्वारा लापरवाही से ऑपरेशन करने के चलते अंजुम की बडी आंत में छेद हो गया था िजसके बाद डॉ सोमानी ने उसे सराफ अस्पताल में भर्ती कराया और यहां भी उपचार व ऑपरेशन के बाद जब उसे कोई आराम नहीं मिला तो उसे सर गंगाराम अस्पताल िदल्ली रैफर कर दिया गया जिसके बाद उसकी 15 मई 2015 को फिर से सर्जरी की गई। जिसमें करीब 3 लाख रूपए का खर्च आया। जिसके बाद अंजुम ने अभिभाषक िवजय ितवारी के माध्यम से उपभोक्ता फोरम में परिवाद पेश किया जिसके बाद अनावेदक और आवेदक के द्वारा दिए साक्ष्यों के परीक्षण उपरांत फोरम ने डॉ रीता पत्नी डॉ राजेन्द्र गुप्ता विद्यादेवी अस्पतालए डॉ एनएस राजपूत स्त्री रोगविशेषज्ञ झांसी उत्तरप्रदेश को 13 लाख 23 हजार रूपए क्षतिपूर्ति राशि एक माह में अदा करने के निर्देश दिए।

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