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𝙎𝙝𝙞𝙫𝙥𝙪𝙧𝙞 𝙆𝙝𝙖𝙗𝙖𝙧

Tuesday, September 29, 2020

सागर/ घर के अंदर घुसकर लाठी से मारपीट करने वाले आरोपीगण की जमानत निरस्त


सागर
। न्यायालय- न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी श्रीमती वंदना त्रिपाठी, रहली जिला सागर के न्यायालय ने लाठी डंडे से मारपीट करने वाले आरोपीगण महेश पिता भरत कुर्मी उम्र 28 साल एवं सोमेश पिता पवन कुर्मी उम्र 19 साल, निवासी रजवॉश  थाना रहली जिला सागरका जमानत आवेदन निरस्त करने का आदेश दिया गया। वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से जमानत आवेदन पर राज्य शासन की ओर से सहा0 जिला अभियोजन अधिकारी लोकेश दुवे रहली जिला सागर ने शासन का पक्ष रखा।

घटना का संक्षिप्त विवरण इस प्रकार है किदिनांक 08.06.2020 को फरियादी रामशंकर कुर्मी ने थाना रहली में इस आशय की रिपोर्ट लेख कराई कि दिनांक 08.06.2020 को शांम करीब 07ः00 बजे जब फरियादी गल्ले पर जा रहा था तो रास्ते में आरोपीगण महेश एवं सोमेश मिले जो उसे पुरानी बुराई पर से गंदी गंदी गालियां देने लगे। फरियादी ने गालियां देने से मना किया तो आरोपीगण साथ मे लिए डंडे/लाठी से मारपीट करने लगे। फरियादी अपने बचाव के लिए वहा से भाग कर अपने घर के अन्दर चला गया पर आरोपीगण भी उसके पीछे उसके घर के अन्दर घुसकर उसके साथ मारपीट करते रहे। फरियादी की रिपोर्ट पर से आरोपीगण के विरूद्ध धारा 294,323,506,456,34 भादवि का प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। आरोपीगण को गिरिफतार कर न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया। आरोपीगण के अधिवक्ता ने न्यायालय में जमानत आवदेन प्रस्तुत किया गया। जहां अभियोजन ने जमानत आवेदन का विरोध किया। माननीय न्यायालय द्वारा उभय पक्ष को सुना गया। न्यायालय द्वारा प्रकरण के तथ्य परिस्थितियों एवं अपराध की गंभीरता को देखते हुए व अभियोजन के तर्कों से सहमत होकर आरोपीगण महेश कुर्मी एवं सोमेश कुर्मी का प्रस्तुत जमानत हेतु धारा 437 दप्रसं का आवेदन निरस्त कर दिया गया। 

धोखाधडी कर चना खरीदी करने के आरोपी की जमानत खारिज

सागर। करीब दो वर्ष पूर्व चने की अमानक खरीदी करने के आरोपी बहादुर पिता भैयाराम की जमानत न्यायालय- न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी श्रीमती वंदना त्रिपाठी, रहली जिला सागर के न्यायालय ने खारिज करते हुए जेल पहुंचा दिया है। वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से जमानत आवेदन पर राज्य शासन की ओर से सहा0 जिला अभियोजन अधिकारी लोकेश दुवे रहली जिला सागर ने शासन का पक्ष रखा।


 


घटना का संक्षिप्त विवरण इस प्रकार है कि फरियादी को शासन से 35 क्विंटल चना बेचे जाने संबंधी टोकन प्राप्त हुआ था, लेकिन वहां पर पुराने चने की तुलाई  की जा रही थी और बार-बार उपार्जन केन्द्र प्रभारी विहारी तिवारी से कहने पर भी उसके और अन्य किसानों के चने की तुलाई नही हुई। फरियादी की शिकायत पर कनिष्ठ अपूर्ति अधिकारी जिला सागर द्वारा उसका प्रतिवेदन थाना प्रभारी रहली को दिया गया जिसमें पाया गया कि उपार्जन केन्द्र प्रभारी बिहारी तिवारी द्वारा अमानक कम कीमत के पुराने चने को बेईमानी से बिना सर्वेयर से चैक कराये लाभ कमाने एवं शासन को नुकसान पहुचाने की दृष्टि से खरीदा गया। उक्त प्रतिवदेन में बहादुर पिता भैयराम , संतोष कुर्मी एवं बिहारी तिवारी के विरूद्व धारा 417,418 एवं 420 भादवि का  प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। आरोपीगण को गिरिफतार कर न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया। आरोपी बहादुर के अधिवक्ता ने न्यायालय में जमानत आवदेन प्रस्तुत किया गया। जहां अभियोजन ने जमानत आवेदन का विरोध किया। माननीय न्यायालय द्वारा उभय पक्ष को सुना गया। न्यायालय द्वारा प्रकरण के तथ्य परिस्थितियों एवं अपराध की गंभीरता को देखते हुए व अभियोजन के तर्कों से सहमत होकर आरोपी बहादुर पिता भैयाराम का प्रस्तुत जमानत हेतु धारा 437 दप्रसं का आवेदन निरस्त कर उप जेल रहली भेज दिया गया।

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