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𝙎𝙝𝙞𝙫𝙥𝙪𝙧𝙞 𝙆𝙝𝙖𝙗𝙖𝙧

Thursday, October 1, 2020

7वें दिन संयुक्त संघर्ष मोर्चा संघ के बैनर तले मंडी अधिकारी-कर्मचारी संघ ने निकाली रैली, सौंपा ज्ञापन


आज करेंगें भूख हड़ताल बैठेंगें अनशन पर, राज्य सरकार का कर्मचारी घोषित करने की मांग

शिवपुरी- संयुक्त संघर्ष मोर्चा भोपाल के आह्वान पर अब मंडी अधिकारी-कर्मचारी संघ व मंडी बोर्ड कर्मचारियों की हड़ताल सड़कों पर आ गई है। इसी क्रम में गुरूवार को मंडी बोर्ड अधिकारी-कर्मचारीयों के द्वारा मंडी प्रांगण से पैदल रैली निकाली गई जो पोलोग्राउण्ड पर पहुंचकर एकत्रित हुई और यहां कर्मचारी एकता जिन्दाबाद, हमारी मांगें पूरी करें जैसे नारों की तख्तियां लहराई गई। इस दौरान संयुक्त संघर्ष मोर्चा संघ के जिलाध्यक्ष शिवपुरी भूपेश तिवारी, मंडी सचिव आर.पी. सिंह, प्रदेश सचिव श्रीमन जायसवाल, अनुपम दुबे, पंकज छारी सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारियों ने मिलकर अपनी समस्याओं के संदर्भ में ज्ञापन जिलाधीश केा मुख्यमंत्री के नाम सौंपा। 

इस ज्ञापन के माध्यम से इन मंडी अधिकारी-कर्मचारियों की मांग है कि मंडीयों को खत्म करने के बाद अब मंडी अधिकारी-कर्मचारियों को मप्र सरकार राज्य कर्मचारी घोषित करें और राज्य कर्मचारी की भांति वेतन-भत्ते जारी किये जावे। विरोध प्रदर्शन अधिक उग्र होने के बारे में जानकारी देते हुए मंडी बोर्ड के श्रीमन जायसवाल ने बताया कि मंडी बोर्ड अधिकारी-कर्मचारियों की 8वें दिन की अनिश्चितकालीन हड़ताल आज शुक्रवार को भूख हड़ताल व अनशन के रूप में होगी जिसमें सभी मंडी बोर्ड के अधिकारी-कर्मचारी शामिल होंगें और भूख हड़ताल पर बैठेंगें। 

इस प्रदर्शन में भूपेश तिवारी जिलाध्यक्ष संयुक्त संघर्ष मोर्चा जिला शिवपुरी व मंडी सचिव आर.पी. सिंह सहित श्रीमन जायसवाल, ललित चौधरी, शशिकांत महाजन, हजारी लाल सेन, शिवशंकर शर्मा, रामदास लोहिया, श्रीमती जूली रघुवंशी, श्रीमती जामबती बाई पाल आदि शामिल रहे जिन्होंने मंडी अधिनियम में किए गए संशोधन और मप्र सरकार द्वारा मॉडल एक्ट को लेकर किए गए संशोधन के विरोध में यह प्रदर्शन किया। इसके पूर्व सौंपे गए ज्ञापन में संयुक्त संघर्ष मोर्चा मप्र मंडी बोर्ड को आश्वस्त किया गया था कि संचालनालय कृषि विपणन में मर्ज करने का प्रस्ताव दिया गया था लेकिन संचालक मण्डल द्वारा उक्त प्रस्ताव पर कोई कार्यवाही की आवश्यकता नहीं है का लेख किया गया है अत: उपरोक्त प्रस्ताव में माननीय मुख्यमंत्री की मंशानुसार कार्यवाही नहीं की गई। 

इस लेकर मंडी बोर्ड के द्वारा स्थगित किया गया सत्याग्रह/आन्दोलन पुन:25 सितम्बर से अनिश्चितकालीन के लिए शुरू कर दिया गया है। जिसमें प्रदेश की समस्त 259 मडी समितियां/07 आंचलिक कार्यालय/13 तकनीकी कार्यालय/मंडी बोर्ड मुख्यालय दिनांक 25 सितम्बर से अनिश्चितकालीन बंद रखे जाकर किसी प्रकार का क्रय-विक्रय एवं कर्यालयीन कार्य बंद रखे गए तथा कर्मचारी/अधिकारी द्वारा अपने कार्यास्थल के गेट पर धरना-प्रदर्शन मांगों की पूर्ति किये जाने तक निरंतरता में जारी रहेगा।

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