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𝙎𝙝𝙞𝙫𝙥𝙪𝙧𝙞 𝙆𝙝𝙖𝙗𝙖𝙧

Saturday, March 5, 2022

नाबालिग का शोषण करने वाले आरोपी को 10 वर्ष का सश्रम कारावास


सागर
। न्यायालय-श्रीमती दीपाली शर्मा विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट सागर के न्यायालय ने आरोपी सुनील साहू पिता दामोदर साहू उम्र 30 साल निवासी अंतर्गत थाना मोतीनगर सागर को पॉक्सो एक्ट की धारा 6 के तहत 10 वर्ष के सश्रम कारावास एवं एक हजार रूपये के अर्थदण्ड से तथा एससी/एसटी एक्ट की धारा 3(2)(अ) के तहत 1 वर्ष के सश्रम कारावास एवं पॉंच सौ रूपये के अर्थदण्ड से दण्डित करने का आदेश दिया। राज्य शासन की ओर से विशेष लोक अभियोजक/सहायक जिला अभियोजन अधिकारी रिपा जैन ने शासन का पक्ष रखा।

घटना का संक्षिप्त विवरण इस प्रकार है कि अभियोक्त्री के पिता ने थाना मोतीनगर में पीडि़ता के गुम होने के संबंध में सूचना दी कि अभियोक्त्री घर से स्कूल का कहकर निकली थी लौटकर नहीं आई। उसे शक है कि कोई अज्ञात व्यक्ति उसकी लड़की को बहला फुसलाकर अपने साथ भगा ले गया। जिसकी तलाश की पर नहीं मिली इसलिए रिपोर्ट की गई। उक्त रिपोर्ट के आधार पर थाना मोतीनगर में अज्ञात व्यक्ति के विरूद्ध अपराध पंजीबद्ध किया गया। पीडि़ता के दस्तयाब होने पर दस्तयाबी पंचनामा तैयार किया गया। 

पीडि़ता द्वारा कथनों में सुनील साहू द्वारा उससे शादी करने के बारे में कहने पर उसके साथ घर से भाग जाने, विभिन्न स्थानों पर जाने, शादी करने व पति पत्नि जैसे संबंध होना बताए जाने के आधार पर विवेचना प्रारंभ की गई। विवेचना के दौरान नक्शा मौका तैयार किया गया। पीडि़ता का चिकित्सीय परीक्षण कराया गया। विवेचना पूर्ण कर अभियोग पत्र माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया। 

विचारण के दौरान अभियोजन ने अपना मामला संदेह से परे प्रमाणित किया। जिस पर से न्यायालय ने आरोपी सुनील साहू को दोषी पाते हुए पॉक्सो एक्ट की धारा 6 के तहत 10 वर्ष के सश्रम कारावास एवं एक हजार रूपये के अर्थदण्ड से तथा एससी/एसटी एक्ट की धारा 3(2)(अ) के तहत 1 वर्ष के सश्रम कारावास एवं पॉंच सौ रूपये के अर्थदण्ड से दण्डित करने का आदेश दिया।

कर्मचारीगण को समय प्रबंधन व व्यावहारिक कुशलता में दक्ष होना चाहिए - नगर निगम आयुक्त

सागर।  सागर संभाग के समस्त जिलों के अभियोजन कर्मचारीगण की व्यवसायिक दक्षता संवर्धन हेतु एक दिवसीय संभाग स्तरीय कार्यशाला का आयोजन आज दिनांक 5 मार्च 2022, दिन शनिवार, वरदान होटल सिविल लाइन सागर में किया गया।

अभियोजन के मीडिया प्रभारी श्री सौरभ डिम्हा ने बताया कि आजादी का अमृत महोत्सव के तहत संचालक लोक अभियोजन भोपाल के निर्देशानुसार अभियोजन कर्मचारीगण के व्यावसायिक दक्षता संवर्धन एवं उन्हें नवीन परिदृश्य के अनुरूप कार्य करने में दक्ष करने के उद्देश्य से एक दिवसीय संभाग स्तरीय कार्यशाला का आयोजन वरदान होटल सिविल लाइन सागर में किया गया, जिसमें जिला टीकमगढ़, छतरपुर, दमोह, पन्ना एवं सागर के अभियोजन कार्यालय में पदस्थ कर्मचारीगण सम्मिलित हुए। 

कार्यक्रम मुख्य अतिथि श्री आर.पी. अहिरवार आयुक्त नगर निगम सागर, विशिष्ट अतिथि उप-संचालक (अभियोजन) अनिल कुमार कटारे एवं जिला लोक अभियोजन अधिकारी श्री राजीव रूसिया उपस्थित रहे।  कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथि एवं विशिष्ट अतिथि द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया। कार्यक्रम का संचालन श्री पारस मित्तल ए.डी.पी.ओ द्वारा किया गया एवं कार्यक्रम की रूपरेखा श्री अमित कुमार जैन ए.डी.पी.ओ द्वारा बताई गयी।

नगर निगम आयुक्त ने बताया कि कर्मचारीगण कार्यालय की रीढ़ की हड्डी होते हैं उन्हें अपना कार्य विभाजित कर उनका क्रियान्वित करना चाहिए तथा समय प्रबंधन के साथ कार्य करना चाहिए। कार्यक्रम के प्रथम सत्र में श्री अमित जैन एडीपीओ ने आईसीजेएस पोर्टल के विषय पर महत्व को बताया एवं उसमें किस प्रकार से डाटा एंट्री की जाती है उसके बारे में बताया तत्पश्चात श्री केके चंदेरिया व्याख्याता लेखा प्रशिक्षण शाला सागर के द्वारा पेंशन, वेतन निर्धारण एवं कार्यालयीन प्रक्रिया के बारे में व्याख्यान दिया गया।

श्रीमती साहिबा नासिर, असाइनी एनाउंसर ऑल इंडिया रेडियो सागर के द्वारा प्रतिभागियों को उनके व्यक्तित्व विकास के बारे में बताया गया एवं अंतिम सत्र में प्रो. ललित मोहन विभागाध्यक्ष एवं डीन पत्रकारिता संगीत परफॉर्मिंग आर्ट्स पुस्तकालय विज्ञान विभाग डॉ हरिसिंह गौर सागर विश्वविद्यालय द्वारा मीडिया की भूमिका के विषय पर व्याख्यान दिया। कार्यक्रम के अंत में विशिष्ट अतिथि श्रीमती सपना त्रिपाठी एसडीएम सागर ने उपस्थित प्र्रतिभागियों को संबोधित करते हुए बताया कि कर्मचारीगण के दक्षता संवर्धन हेतु ऐसी कार्यशाला का आयोजन होते रहना चाहिए तथा इससे कर्मचारी की कार्यकुशलता में वृद्धि होती है। अंत में कार्यक्रम में सम्मिलित हुए प्रतिभागियों को स्मृति चिन्ह तथा प्रमाण पत्र वितरित किया गया। 


नाबालिग के बलात्कारी को आजीवन कारावास

सागर। न्यायालय-श्रीमती नीतूकांता वर्मा, विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट सागर के न्यायालय ने नाबालिग लड़की का बलात्कार करने वाले आरोपी रामगोपाल दांगी पिता रामनाथ उम्र 31 वर्ष निवासी ग्राम अंतर्गत थाना बण्डा जिला सागर को दोषी पाते हुए अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम में आजीवन कारावास एवं पॉंच हजार रूपये के अर्थदण्ड तथा भादवि की धारा 376एबी के अंतर्गत 20 वर्ष का कठोर कारावास एवं पॉंच हजार रूपये के अर्थदण्ड से तथा भादवि की धारा 363 एवं 366 के तहत 05-05 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 1-1 हजार रूपये के अर्थदण्ड दण्डित करने का आदेश दिया। राज्य शासन की ओर से विशेष लोक अभियोजक/जिला अभियोजन अधिकारी राजीव रूसिया तथा विशेष लोक अभियोजक/सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी मनोज पटेल ने शासन का पक्ष रखा।

 घटना का संक्षिप्त विवरण इस प्रकार है कि अभियोक्त्री की मां ने दिनांक-11.02.2021 को पुलिस थाना बण्डा में उपस्थित होकर मौखिक रिपोर्ट इस आशय की लेख कराई कि दिनांक-10.02.2021 को शाम साढ़े आठ बजे वह घर के अंदर खाना बना रही थी। घर के बाहर आंगन में उसकी लड़की अभियोक्त्री, उसका लड़का तथा आरोपी रामगोपाल आग ताप रहे थे। वह घर के अंदर काम कर रही थी। कुछ देर बाद वह घर के बाहर आंगन में जब आई तो उसे उसका लड़का अकेला बैठा दिखा तब उसने लड़के से पूछा कि अभियोक्त्री कहां है तो उसके लड़के ने बोला कि रामगोपाल बिस्किट खिलाने ले गया है। फिर उसने तुरंत अपने पति को बताया एवं अभियोक्त्री को ढूंढने लगी।

लगभग एक घंटे बाद रामगोपाल अभियोक्त्री को कैंया (गोदी) लेकर उसके घर के बाहर टटा के पास छोड़कर जाने लगा और बोला कि ‘‘तुम्हारी मोडी कौन हिरा गई जा तो है‘‘ और चला गया। फिर उसने अभियोक्त्री से पूछा कि कहां गई थी उसे शक सा हुआ। उसने पूछा तो अभियोक्त्री ने बताया कि अभियुक्त उसे ले गया था और उसके साथ बुरा काम किया। उक्त रिपोर्ट के आधार पर से आरोपी के विरूद्ध थाना बण्डा में प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज की गई और प्रकरण अनुसंधान में लिया गया। 

विवेचना पूर्ण कर अभियोग पत्र माननीय न्यायालय में पेश किया गया। विचारण के दौरान अभियोजन ने अपना मामला संदेह से परे प्रमाणित किया। जिस पर से न्यायालय ने आरोपी रामगोपाल दांगी को दोषी पाते हुए अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम में आजीवन कारावास एवं पॉंच हजार रूपये के अर्थदण्ड तथा भादवि की धारा 376एबी के अंतर्गत 20 वर्ष का कठोर कारावास एवं पॉंच हजार रूपये के अर्थदण्ड से तथा भादवि की धारा 363 एवं 366 के तहत 05-05 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 1-1 हजार रूपये के अर्थदण्ड दण्डित करने का आदेश दिया।

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