एकीकृत विकास मिशन अंतर्गत आयोजित कार्यक्रम में पहुंचे राज्यमंत्रीशिवपुरी-म.प्र. पाठ्य पुस्तक निगम के उपाध्यक्ष राज्य मंत्री दर्जा प्रहलाद भारती ने कृषि विज्ञान केंद्र शिवपुरी द्वारा ग्राम पिपरसमा में आयोजित सुपारी और मसाला विकास निदेशालय कालीकट (केरल) द्वारा प्रायोजित बागवानी में एकीकृत विकास मिशन के अन्तर्गत मसाला फसलों में तकनीकी हस्तांतरण कृषक प्रशिक्षण में बतौर मुख्य अतिथि उपस्थित रहे। इस अवसर पर अपने उदबोधन में भारती ने कहा कि हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खेती को लाभ का धंधा बनाने का संकल्प लिया है। सशक्त और समृद्ध भारत के निर्माण हेतु हमें आत्मनिर्भर बनाना होगा। कृषक खेती में वैज्ञानिक तकनीक से,जैविक खेती से एवं मसाले की फसलो का उत्पादन कर अच्छा लाभ कमा सकते है। कृषको को खेती के अलावा फसल उत्पादन, पशुपालन एवं मत्स्य पालन से भी जुडऩा चाहिये। इस अवसर पर कृषि विज्ञान केंद्र के प्रमुख एस.पी. सिंह ने कार्यक्रम की रूपरेखा रखी। कार्यक्रम को डॉ. शैलेंद्र कुशवाह, डॉ. भार्गव, कृषि उपसंचालक यूसी तोमर , उद्यानिकी उपसंचालक एस एस कुशवाह ने भी सम्बोधित किया। प्रशिक्षण में जिले के दो सैकड़ा से अधिक किसान उपस्थित रहे।
एकीकृत विकास मिशन अंतर्गत आयोजित कार्यक्रम में पहुंचे राज्यमंत्रीशिवपुरी-म.प्र. पाठ्य पुस्तक निगम के उपाध्यक्ष राज्य मंत्री दर्जा प्रहलाद भारती ने कृषि विज्ञान केंद्र शिवपुरी द्वारा ग्राम पिपरसमा में आयोजित सुपारी और मसाला विकास निदेशालय कालीकट (केरल) द्वारा प्रायोजित बागवानी में एकीकृत विकास मिशन के अन्तर्गत मसाला फसलों में तकनीकी हस्तांतरण कृषक प्रशिक्षण में बतौर मुख्य अतिथि उपस्थित रहे। इस अवसर पर अपने उदबोधन में भारती ने कहा कि हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खेती को लाभ का धंधा बनाने का संकल्प लिया है। सशक्त और समृद्ध भारत के निर्माण हेतु हमें आत्मनिर्भर बनाना होगा। कृषक खेती में वैज्ञानिक तकनीक से,जैविक खेती से एवं मसाले की फसलो का उत्पादन कर अच्छा लाभ कमा सकते है। कृषको को खेती के अलावा फसल उत्पादन, पशुपालन एवं मत्स्य पालन से भी जुडऩा चाहिये। इस अवसर पर कृषि विज्ञान केंद्र के प्रमुख एस.पी. सिंह ने कार्यक्रम की रूपरेखा रखी। कार्यक्रम को डॉ. शैलेंद्र कुशवाह, डॉ. भार्गव, कृषि उपसंचालक यूसी तोमर , उद्यानिकी उपसंचालक एस एस कुशवाह ने भी सम्बोधित किया। प्रशिक्षण में जिले के दो सैकड़ा से अधिक किसान उपस्थित रहे।
No comments:
Post a Comment