सागर। न्यायालय- सुश्री आरती आर्य न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी, खुरई, जिला सागर के न्यायालय ने आरोपी हजारी पिता दलू आदिवासी उम्र 51 वर्ष निवासी ग्राम उमरई थाना बांदरी जिला-सागर को मारपीट करने का आरोपी पाते हुए भादवि की धारा 325 अंतर्गत 1 वर्ष के सश्रम कारावास एवं 1000 रूपये के अर्थदण्ड तथा भादवि की धारा 323 के अंतर्गत छः मास के सश्रम कारावास एवं 500 रूपये के अर्थदण्ड से दण्डित करने का आदेश दिया। राज्य शासन की ओर से पैरवी सहायक जिला अभियोजन अधिकारी अनिल अहिरवार ने की।
घटना का संक्षिप्त विवरण इस प्रकार है कि शासकीय जमीन का पट्टा फरियादी को मिला है उस जमीन को गांव का हजारी आदिवासी अपनी जमीन होना कहता है घटना दिनांक 13.08.2011 को 12 बजे फरियादी के घर के सामने खड़े होकर आरोपी हजारी ने फरियादी को गंदी गंदी गालियां दीं। फरियादी ने गालियां देने से मना किया तो आरोपी ने फरियादी को एक लाठी मारी जो उसके बायें हाथ के कौंचा में लगी। फरियादी को बचाने उसकी पत्नी आई तो हजारी ने उसे भी एक लाठी मार दी जो उसकी पीठ में लगी व उसे बायें हाथ में भी चोट लगी। मौके पर उपस्थित एक व्यक्ति ने बीच बचाव किया। हजारी बोला आज तो बच गये दोबारा मिले तो जान से खत्म कर देगा।
फरियादी की उक्त रिपोर्ट के आधार पर प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। विवेचना उपरांत अभियुक्त के विरूद्ध अभियोग पत्र न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया। जहां अभियोजन ने मामला संदेह से परे प्रमाणित किया। माननीय न्यायालय द्वारा उभय पक्ष को सुना गया। न्यायालय द्वारा प्रकरण के तथ्य परिस्थितियों व अभियोजन के तर्कों से सहमत होकर आरोपी हजारी आदिवासी को भादवि की धारा 325 अंतर्गत 1 वर्ष के सश्रम कारावास एवं 1000 रूपये के अर्थदण्ड तथा भादवि की धारा 323 के अंतर्गत छः मास के सश्रम कारावास एवं 500 रूपये के अर्थदण्ड से दण्डित करने का आदेश दिया।
एक्सीडेंट कर भागने वाले मैजिक चालक को 6 माह का सश्रम कारावास
सागर। न्यायालय- सुश्री आरती आर्य न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी, खुरई, जिला सागर के न्यायालय ने आरोपी सतीश पिता परमानंद अहिरवार उम्र 44 वर्ष निवासी जगजीवनराम वार्ड खुरई जिला सागर को भादवि की धारा 279 अंतर्गत 500 रूपये अर्थदण्ड, धारा 338(दो काउंट) अंतर्गत छः-छः माह के सश्रम कारावास व 1000-1000 रूपये अर्थदण्ड, धारा 337 अतंर्गत तीन माह के सश्रम कारावास व 500 रूपये अर्थदण्ड तथा मोटरयान अधिनियम की धारा 134/187 अंतर्गत 500 रूपये के अर्थदण्ड से दण्डित करने का आदेश दिया। राज्य शासन की ओर से पैरवी सहायक जिला अभियोजन अधिकारी अनिल अहिरवार ने की।
घटना का संक्षिप्त विवरण इस प्रकार है कि दिनांक-11.07.2016 को फरियादी अपनी मोटरसाईकिल से खुरई से बारधा अपने छोटे भाई की पत्नी व बेटी को लेकर आ रहा था कि रास्ते में पीछे से सफेद रंग की टाटा मैजिक आ रही थी जिसका चालक उस टाटा मैजिक को तेज गति व लापरवाही से चलाता हुआ आया और पीछे से टक्कर मार दी। टक्कर लगने से फरियादी तथा उसके छोटे भाई की पत्नी व उसकी बेटी को चोटें आईं। फरियादी की उक्त रिपोर्ट के आधार पर प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया।
विवेचना उपरांत अभियुक्त के विरूद्ध अभियोग पत्र न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया। जहां अभियोजन ने मामला संदेह से परे प्रमाणित किया। माननीय न्यायालय द्वारा उभय पक्ष को सुना गया। न्यायालय द्वारा प्रकरण के तथ्य परिस्थितियों व अभियोजन के तर्कों से सहमत होकर आरोपी सतीश को भादवि की धारा 279 अंतर्गत 500 रूपये अर्थदण्ड, धारा 338(दो काउंट) अंतर्गत छः-छः माह के सश्रम कारावा व 1000-1000 रूपये अर्थदण्ड, धारा 337 अतंर्गत तीन माह के सश्रम कारावास व 500 रूपये अर्थदण्ड तथा मोटरयान अधिनियम की धारा 134/187 अंतर्गत 500 रूपये के अर्थदण्ड से दण्डित करने का आदेश दिया।
द्विविवाह करने वाले आरोपी को 3 वर्ष का सश्रम कारावास
सागर। न्यायालय- श्रीमती ज्योत्सना तोमर न्यायिक मजिस्टेªट प्रथम श्रेणी बण्डा जिला-सागर के न्यायालय ने आरोपी अनिल पिता प्रीतम यादव उम्र 25 वर्ष निवासी ग्राम मउ थाना बहरोल बण्डा जिला सागर को द्विविवाह करने का आरोपी पाते हुए को भादवि की धारा 494 के तहत 3 वर्ष के सश्रम कारावास एवं 800 रूपये के अर्थदण्ड से दण्डित करने का आदेश दिया। राज्य शासन की ओर से पैरवी सहायक जिला अभियोजन अधिकारी ताहिर खान एवं शरद सिंह यादव ने की।
घटना का संक्षिप्त विवरण इस प्रकार है कि फरियादिया ने इस आषय की रिपोर्ट लेखबद्ध कराई कि उसका विवाह दिनांक-11.07.2016 को आरोपी अनिल के साथ हिन्दू रीति रिवाज अनुसार सात भांवर पढ़कर संपन्न हुआ था। फरियादिया के माता पिता द्वारा विवाह के समय दान दहेज अपनी हैसियत से बढ़कर दिया था विवाह में आरोपी के परिवारजन द्वारा दहेज मांगने पर एक लाख रूपये एवं कपड़ों के लिये दस हजार रूपये लगुन एवं टीका के तौर पर दिया था। विवाह के भांवर के समय दहेज में वर्तन, अलमारी, पंलग पेटी, सोफासेट, बेड आदि दिये थे। फरियादिया को विवाह के प्रथम विदा से ही दहेज प्रताड़ना करने लगे और कहते थे कि उसके माता पिता द्वारा एक मोटरसाईकिल नहीं दी एवं 20 हजार रूपये नगद नहीं दिये गये अपने माता पिता के यहां से एक मोटरसाईकिल एवं 20 हजार रूपया नगद लेकर आना तभी हमारे घर पर अच्छे से रह पाओगी।
फरियादिया ने अपने मायके में आने पर अपने माता पिता को घटना की सारी बात बताई तब उसके भाई ने उसके पति को समझाया तो अभियुक्त अनिल ने गंदी गंदी गालियां देकर कहने लगा कि उसकी बहिन को अपने घर पर ही रखे वह दूसरा विवाह करेगा। अभियुक्त अनिल ने दूसरा विवाह दिनांक-18.04.2018 को खुरई सम्मेलन से मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के अंतर्गत कर लिया। फरियादिया दो वर्षों में मात्र चार बार ससुराल गई जिस दौरान अभियुक्त व उसके परिवारजन द्वारा आये दिन उसके दहेज हेतु प्रताडि़त किया तथा अभद्र व्यवहार किया गया एवं मिट्टी का तेल डालकर जला कर मार देने की धमकी देते थे तथा उसके सारे सोने चांदी के गहने स्त्रीधन छीनकर घर से भगा दिया।
फरियादिया की उक्त रिपोर्ट के आधार पर थाना बहरोल में प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। विवेचना उपरांत अभियुक्त के विरूद्ध अभियोग पत्र न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया। जहां अभियोजन ने महत्वपूर्ण तथ्य प्रस्तुत किये। माननीय न्यायालय द्वारा उभय पक्ष को सुना गया। न्यायालय द्वारा प्रकरण के तथ्य परिस्थितियों एवं अपराध की गंभीरता को देखते हुए व अभियोजन के तर्कों से सहमत होकर आरोपी अनिल यादव को भादवि की धारा 494 के तहत 3 वर्ष के सश्रम कारावास एवं 800 रूपये के अर्थदण्ड से दण्डित करने का आदेश दिया।
नाबालिग से छेड़छाड़ के आरोपी को एक वर्ष का सश्रम कारावास
सागर। न्यायालय- श्री प्रषांत कुमार निगम, द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीष, खुरई जिला सागर के न्यायालय ने आरोपी विकास उर्फ विक्की पिता सुरेष साहू उम्र 20 वर्ष निवासी थाना अंतर्गत खुरई जिला-सागर को नाबालिग से छेड़छाड़ करने का आरोपी पाते हुए को पॉक्सो एक्ट की धारा 12 एवं भादवि की धारा 354 व 456 के तहत 01-01 वर्ष के सश्रम कारावास एवं 1000-1000 रूपये के अर्थदण्ड से दण्डित करने का आदेश दिया। राज्य शासन की ओर से विषेष लोक अभियोजक/सहायक जिला अभियोजन अधिकारी त्रिलोकराज शास्त्री ने शासन का पक्ष रखा।
घटना का संक्षिप्त विवरण इस प्रकार है कि फरियादी ने दिनांक-08.03.2020 को अपनी नानी, मां एवं मामा के साथ थाना आकर इस आषय का लिखित आवेदन पत्र दिया कि अभियुक्त उसके पड़ोस में रहता है जो उसे एक माह से फोन से परेषान कर रहा है। दिनांक-07.03.2020 की रात्रि लगभग 02.30 बजे जब वह अपने घर में सो रही थी तो अभियुक्त का फोन आया और कहा कि छत पर आ जाओ तो फरियादिया ने मना कर दिया। फरियादिया थोड़ी देर बाद बाथरूम गयी तो पीछे से अभियुक्त आ गया और बुरी नियत से उसका दाहिना हाथ पकड़ लिया एवं उसके साथ जबरदस्ती करने लगा। वो चिल्लायी तो उसका मामा एवं नानी आ गई तो अभियुक्त भाग गया।
फरियादी की उक्त रिपोर्ट के आधार पर प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। विवेचना उपरांत अभियुक्त के विरूद्ध अभियोग पत्र न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया। जहां अभियोजन ने महत्वपूर्ण तथ्य प्रस्तुत किये। माननीय न्यायालय द्वारा उभय पक्ष को सुना गया। न्यायालय द्वारा प्रकरण के तथ्य परिस्थितियों एवं अपराध की गंभीरता को देखते हुए व अभियोजन के तर्कों से सहमत होकर आरोपी विकास उर्फ विक्की को पॉक्सो एक्ट की धारा 12 एवं भादवि की धारा 354 व 456 के तहत 01-01 वर्ष के सश्रम कारावास एवं 1000-1000 रूपये के अर्थदण्ड से दण्डित करने का आदेश दिया।
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