घर ले जाकर परिजनों को दी समझाईश, बच्चों को ना चलाने दें वाहनशिवपुरी। नाबालिग तीन बच्चों ने घर से बिना बताए एक स्कूटी उठाई और फर्राटे भरते हुए शहर में घूमने लगे तभी इन नाबालिग बच्चों पर यातायात प्रभारी रणवीर यादव की नजर गई और उन्होंने देखा कि एक एक्टिवा वाहन पर तीन नाबालिग बच्चे घूम रहे है ऐसे में इन बच्च्चों को ना केवल रोका गया बल्कि उन्हें अपने वाहन में बिठाकर परिजनों के सुपुर्द भी किया और समझाईश दी कि घर के नाबालिग बच्चों को वाहन चलाने दें कभी भी हादसा हो सकता है। इस तरह की समझाईश के बाद परिजन ने इस हिदायत को समझा।
बताना होगा कि यातायात प्रभारी रणवीर यादव के द्वारा शहर में यातायात व्यवस्था को लेकर भ्रमण किया जा रहा था इसी दरम्यिान उन्होंने देखा कि एक एक्टिवा वाहन पर तीन नाबालिग अपने माता—पिता को बिना बताए ही स्कूटर लेकर निकल बाजार में घूम रहे है और यातायात नियमों की अव्हेलना करते हुए शहर की सड़कों पर फर्राटा भर रहे थे। स्कूटर चला रहे नाबालिगों को यातायात प्रभारी रणवीर यादव ने देखा और उन्हें रोक लिया।
यहां यातायात प्रभारी रणवीर यादव ने जब इन बच्चों से सवाल किए तो बताया कि उसका नाम हितांशु है और वह उसकी उम्र 12 साल है तथा वह खेड़ापति कॉलोनी में रहता है। नाबालिग के साथ उसके दो दोस्त भी थे वह भी नाबालिग थे। यातायात प्रभारी रणवीर यादव तुरंत इन नाबालिग बच्चों को अपने वाहन में लेकर जाकर इनके घर पहुंचे और परिजनों को समझाईश दी कि नाबालिग बच्चों को वाहन न दे नहीं तो किसी दिन दुर्घटना घटित हो सकती है। इस समझाईश पर परिनजों ने बताया कि वह घर तो घर पर खाना बना रही थी बच्चा कब स्कूटी ले गया यह पता ही नहीं चला। इसके साथ परिजनों ने यातयात प्रभारी को आश्वस्त किया कि आगे से वह ध्यान देंगें और इस तरह की घटना पुन: ना हो इसका ध्यान रखेंगें।

No comments:
Post a Comment