एनआईसी कक्ष में वर्चुअल शुभारंभ कार्यक्रम में शामिल हुए राज्यमंत्री व अन्य, शिवपुरी जिले को मिली 34 नई एंबुलेंसशिवपुरी-मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा शुक्रवार को लाल परेड ग्राउंड भोपाल से एकीकृत रेफरल ट्रांसपोर्ट प्रणाली में 108 संजीवनी एम्बुलेंस एवं जननी एक्सप्रेस का लोकार्पण किया गया। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने संजीवनी और जननी एम्बुलेंस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
कार्यक्रम का वर्चुअल प्रसारण एनआईसी के वीडियों कॉन्फ्रेसिंग हॉल में लोक निर्माण विभाग के राज्यमंत्री श्री सुरेश रांठखेड़ा, पाठ्य पुस्तक निगम के उपाध्यक्ष एवं राज्यमंत्री दर्जा प्रहलाद भारती, विधायक कोलारस प्रहलाद भारती, जिलाध्यक्ष राजू बाथम, अपर कलेक्टर उमेश प्रकाश शुक्ला, हरवीर सिंह रघुवंशी, जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ.संजय ऋषिश्वर सहित अन्य अधिकारी तथा एक अन्य जिला चिकित्सालय शिवपुरी में भी आयोजित किया गया। जिसमें सिविल सर्जन डॉ.आर.के.चौधरी सहित जिला चिकित्सालय के अधिकारी-कर्मचारी एवं आशा कार्यकर्ताओं ने वर्चुअल प्रसारण देखा और सुना।
कार्यक्रम के माध्यम से मुख्यमंत्री श्री चौहान द्वारा आज शुक्रवार को 2052 एंबुलेंस का लोकार्पण किया गया। इस अवसर पर 108 संजीवनी ऐप भी शुभारंभ किया गया जिसके माध्यम से एंबुलेंस को बुलाया जा सकेगा। 2052 एंबुलेंस में से 34 एंबुलेंस शिवपुरी जिले को प्राप्त हुई है। जिसमें 18 जननी एक्सप्रेस, 6 बेसिक लाइट स्पोर्ट (बीएलएस) है। जबकि 108 के नाम से संचालित 10 एम्बुलेंस शामिल है। मरीजों द्वारा इन एम्बुलेंस को शासकीय चिकित्सालय एवं शासकीय स्वास्थ्य सेवा संस्थानों तथा आयुष्मान भारत योजना अंतर्गत चिन्हित प्राइवेट हॉस्पिटल के लिए नि:शुल्क बुलाया जा सकेगा।
जबकि मरीजों द्वारा प्राइवेट हॉस्पिटल के लिए बुलाए जाने पर शुल्क देना होगा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि लोगों की जिंदगी बचाने से ब?ा कोई पुण्य नहीं हो सकता। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का आभार मानते हुए कहा कि उन्होंने आयुष्मान योजना बनाई, जिससे 5 लाख रूपए तक का इलाज सरकारी और निजी अस्पताल में निरूशुल्क कराया जा सकता है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार लगातार स्वास्थ्य क्षेत्र में सुधार कर रही है। हमारा प्रयास है कि प्रदेश का कोई भी गरीब और निम्न वर्ग का व्यक्ति बिना इलाज के न रहे। राज्य सरकार रोगियों को नवजीवन देने और प्रदेश को रोग मुक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। स्वास्थ्य सेवाओं से जड़े डॉक्टर, नर्स, पैरामेडिकल स्टाफ का कार्य केवल नौकरी नहीं है, मरीजों और उनके परिजन के लिए ये भगवान के समान हैं।

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