जनजाति सुरक्षा मंच के कार्यालय का हुआ शुभारंभशिवपुरी-जनजाति सुरक्षा मंच शिवपुरी द्वारा डीलिस्टिंग महारैली का आयोजन 15 मर्ई को प्रात:11 बजे तात्याटोपे मैदान में किया जाएगा। महारैली के लिए जिले भर में जोरशोर से तैयारियां की जा रही है। इसी तारतम्य में जनजाति सुरक्षा मंच के कार्यालय का उद्घाटन जनजाति मंच के प्रदेश अधिकारी तिलकराज एवं राजू बाथम द्वारा किया गया। कार्यालय शुभारंभ के समय हेमंत ओझा, पंकज आहुजा, अजय राजपूत, उमेश भारद्वाज, विनोद शर्मा, राजकुमार शर्मा, दिलीप पाराशर, मनीष शुक्ला सहित अन्य लोग उपस्थित थे।
जनजाति सुरक्षा मंच के जिला संयोजक विनोद शर्मा ने डिलिस्टंग के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि यह मामला 1967 से चला आ रहा है। उन्होंने बताया कि 1950 में अनुसूचित जनजाति की पहचान बचाए रखने एवं उनकी संस्कृति यथा स्थिति में रहे इसके लिए उन्हें आरक्षण का लाभ भारत के संविधान के माध्यम से दिया गया था। लेकिन देखने में आ रहा है कि जो लोग धर्मपरिवर्तन कर लेते हैं वे लोग भी नियम विरूद्ध जनजातिय आरक्षण का लाभ लेकर उनके अधिकारों पर डांका डालने का काम तो कर ही रहे हैं साथ में जिस धर्म को अपना रहे हैं उस धर्म के अंतर्गत आने वाले आरक्षण का भी लाभ ले रहे हैं। जबकि शासकीय नियमों के मुताबिक धर्म परिवर्तन करने वाले लोगों को अनुसूचित जनजाति आरक्षण का लाभ नहीं दिया जा सकता।
श्री शर्मा ने बताया कि 1967 में डिलिस्टिंग करने की मांग बाबा कार्तिक उरांव ने उठाई थी उस समय 348 सांसदों एवं 2010 में तत्कालीन राष्ट्रपति प्रतिभा ताई पाटिल को 28 लाख जनजातियों के हस्ताक्षरयुक्त आवेदन दिए गए थे, के बाद भी आज तक डिलिस्टिंग की मांग पूरी नहीं हुई है। इस मांग को पूरा करने के लिए जनजाति सुरक्षा मंच के तत्वाधान में देश व्यापी महाअभियान चलाया जा रहा है। अभी तक मध्य प्रदेश के 11 जिलों में डिलिस्टंग महारैलियां निकाली जा चुकी हैं। इसी तारतम्य में शिवपुरी जिले में प्रदेश की पहली डिलिस्टंग महारैली 15 मई को प्रात: 11 बजे तात्याटोपे मैदान से निकाली जाएगी।

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