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Sunday, April 9, 2023

देश हित में बड़ी से बड़ी कुर्बानी देने के लिए तत्पर रहते हैं फोर्स के जवान : कमाण्डेट प्रवीन थपलियाल





सीआरपीएफ सीआईएटी संस्थान मेंं सैनिक सम्मेलन, पेंटिंग एवं निबंध प्रतियोगिता,बॉलीवाल मैच के साथ मनाया शौर्य दिवस

शिवपुरी-सीआरपीएफ दुनिया का सबसे बड़ा अर्ध सैनिक बल है, जिस प्रकार से उसे पूरे भारत का विश्वास हासिल है, वह केवल हमारे वीर बलिदानियों के पराक्रम द्वारा ही संभव हो सका है, देश हित में बड़ी से बड़ी कुर्बानी देने के लिए फोर्स के जवान हमेशा तत्पर रहते हैं, इन्हीं बलिदानों के रूप में शौर्य दिवस का दिन सीआरपीएफ के लिए ऐतिहासिक दिन है, जो हर साल सीआरपीएफ के द्वारा 9 अप्रैल को शौर्य दिवस के रूप में मनाया जाता है। उक्त उद्गार व्यक्त किए शिवपुरी जिले के बड़ौदी स्थित सी.आई.ए.टी. संस्थान, सी.आर.पी.एफ.ट्रेनिंग सेंटर के प्रवीन थपलियाल (कमांडेंट)द्वारा जो स्थानीय संस्थान परिसर में मनाए जा रहे शौर्य दिवस कार्यक्रम को संबोधित करते हुए देश के शहीद जवानों के साहस को स्मरण कर उपस्थित जवानों को संबोधित कर रहे थे। 

इस दौरान कमाण्डेट श्री थपलियाल के द्वारा सीआरपीएफ के बलिदान की महान परंपरा को याद किया और सभी जवानों को सीआरपीएफ की द्वितीय बटालियन के शौर्य पूर्ण कार्य का अनुसरण करने का आव्हान किया। शौर्य दिवस पर प्रकाश डालते हुए कमाण्डेट श्री थपलियाल ने संक्षिप्त उद्बोधन में बताया कि सन् 1965 युद्ध के दौरान कम संख्या में रहते हुए सीआरपीएफ की एक छोटी सी टुकड़ी ने पाकिस्तान की एक पूरी ब्रिगेड का मुकाबला इतने साहस से किया कि पाकिस्तान की पूरी ब्रिगेड को पीछे हटना पड़ा था।

शिवपुरी जिले के बड़ौदी स्थित सी.आई.ए. टी., सी.आर.पी.एफ.ट्रेनिंग सेंटर में रविवार को शौर्य दिवस बड़े धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर सी.आर.पी.एफ. कैंप में विभिन्न कार्यक्रमों जैसे सैनिक सम्मेलन, पेंटिंग प्रतियोगिता, निबंध प्रतियोगिता एवं वॉलीबॉल मैच  आदि का आयोजन किया गया जिसमे बच्चों तथा जवानों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। 

कार्यक्रम में उत्कृष्ट कार्य करने वाले जवानों और शहीदों को याद किया गया। इस दौरान बड़ौदी स्थित सी.आई.ए.टी. संस्थान, सी.आर.पी.एफ.ट्रेनिंग सेंटर के प्रवीन थपलियाल (कमांडेंट)द्वारा शहीद स्मारक पर पुष्पांजलि देकर वीर बलिदानियों को नमन किया गया व गार्ड की सलामी ली गई। इस अवसर पर राजू डी नायक द्वितीय कमान अधिकारी, डॉ. मोहम्मद लतीफ (सी.एम.ओ.), संस्थान के अन्य राजपत्रित अधिकारी दिनेश कुमार, संजीव जोशी, मनजीत ढोडी, शुभम गुप्ता अन्य अधिकारीगण और जवान कार्यक्रम में उपस्थित रहे।

जानें क्यों मनाया जाता है शौर्य दिवस
आज ही के दिन 1965 युद्ध के दौरान कच्छ सीमा पर जब पाकिस्तान की एक ब्रिगेड ने सीआरपीएफ की दो कंपनियों पर आक्रमण कर दिया था, तब इन टुकडिय़ों ने पाकिस्तानी ब्रिगेड के हमले को नाकाम करते हुए उन्हें लगभग 12 घंटे तक रोके रखा, जब तक कि पीछे से भारतीय सेना की मदद नहीं पहुंच गई। इस हमले में सीआरपीएफ के 6 जवान शहीद हो गए थे, जबकि उन्होंने पाकिस्तान के 34 जवान मार गिराए थे, यह दिन सेना युद्ध के इतिहास में एक बहुत बड़ी मिसाल है। सीआरपीएफ के जवानों की गाथा को श्रद्धांजलि के रूप में हर साल 9 अप्रैल को शौर्य दिवस के रूप में मनाया जाता है।

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