Responsive Ads Here

Shishukunj

Shishukunj

Sunday, November 26, 2023

सलाद डेकोरेशन प्रतियोगिता के माध्यम से लैंगिक समानता का संदेश



प्रतियोगिता में शामिल छात्रों ने कहा, लड़कियां ही क्यों, हम भी तो खाना बना सकते है

शिवपुरी- किचन का काम तो सिर्फ लड़कियों का होता है। आमतौर पर यह धारणा हमारे समाज में मौजूद है। यह पीढ़ी दर पीढ़ी ट्रांसफर होती चली जाती है। ऐसा नहीं है कि खाना बनाने की महारथ सिर्फ महिलाओं के ही पास होती है। होटलों में मिलने वाले स्वादिष्ट खाने को पुरुषों के द्वारा ही तैयार किया जाता है। फिर ऐसा क्या है कि हम लड़के घरों में किचन के काम से दूर भागते है। भोजन बनाना, सलाद डेकोरेट करना, घर मे झाढ़ू पोंछा करने जैसे कामों का बोझ सिर्फ लड़कियों के ऊपर डाल देना बेमानी है। 

यह एक कला है जो हर व्यक्ति को आनी चाहिए। अब हमें इस विचारधारा में बदलाव लाने की जरूरत है। लैंगिक समानता के लिये यह बहुत जरूरी है। इसी विचारधारा के तहत बाल संरक्षण माह के तहत सीएम राइज स्कूल में सलाद डेकोरेशन प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। जिसमें 15 टीमों में विद्यालय के 30 छात्रों ने भाग लिया।
क्या कामों का बटवारा लैंगिक आधार सही है?

सलाद मेकिंग एंड डेकोरेटिंग पश्चात क्या कामों का बटवारा लैंगिंक आधार पर सही है? विषय पर वाद विवाद प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया। जिसमें विद्यालय के 70 से अधिक बच्चों ने अपने विचार रखे। जहां अधिकांश लड़कों ने लैंगिक आधार पर कामों के बंटवारे को उपयुक्त माना,कुछ लड़कियां भी पक्ष में दिखीं। किंतु कुछ लड़कियों और लड़कों ने लैंगिक आधार पर काम के बंटवारे को गलत ओर भेदभावपूर्ण बताया। 

इस दौरान बाल संरक्षण अधिकारी राघवेंद्र शर्मा, ममता संस्था की जिला समन्वयक कल्पना रायजादा, कैलाश सत्यार्थी चिल्ड्रन फाउंडेशन के जिला समन्वयक गिर्राज धाकड़, प्राचार्य विनय गोपाल, उप प्राचार्य संजीव पुरोहित, शिक्षिका सेफिया खान, मृदुला नामदेव, सायरा बानो, शिक्षक महेंद्र धाकड़, कन्हैया लाल कुशवाह, अमित कुमार वर्मा एवं स्टाफ के अन्य सदस्य मौजूद रहे। कार्यक्रम में दोनों प्रतियोगिताओं में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले छात्र छात्राओं को पुरस्कार प्रदान किया गया।

No comments:

Post a Comment