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Sunday, November 30, 2025

बागेश्वरधाम के रूप में मिली हनुमानजी की शक्ति लोगों का भला करने के लिए : पं.धीरेन्द्र शास्त्री



श्रीमद् भागवत कथा के अंतिम दिवस भव्य दिव्य दरबार में उमड़ा आस्था का सैलाब, लाखों लोग पहुंचे

शिवपुरी- आज के दौर में जो मन से ईश्वर का ध्यान और भक्ति करें उसके सारे मनोरथ पूर्ण होते है, हमारे तो दादाजी की कृपा थी कि उन्हें हनुमान जी की शक्ति मिली और यह उनकी विरासत है कि आज हमें भी श्रीबालाली सरकार के रूप में बागेश्ववरधाम की कृपा से शक्ति मिली और यह शक्ति हम लोगों की भलाई के लिए करते है ताकि इस देश का हरेक नागरिक सुख, समृद्ध और स्वस्थ होकर हिन्दू राष्ट्र में अपनी अपनी महती भूमिका निभाई, हिन्दू सनातन के लिए हरेक भारतीय को गर्व से आगे आना होगा और हिन्दुत्व का झण्डा बनाए रखने के लिए सनातन की रक्षा करनी होगी, हरेक लोगों के विचारों में, मन में हिन्दुत्व होगा तभी भारत हिन्दू राष्ट्र कहलाएगा, आज की यह लाखों की भीड़ शिवपुरी में इतिहास लिख रही है जहां कथा श्रीमती ऊषा-रामप्रकाश गुप्ता, श्रीमती शिल्पी-कपिल गुप्ता(कपिल मोटर्स) परिवार द्वारा आयोजित श्रीमद् भागवत कथा में आस्था का सैलाब उमड़ा और यह शिवपुरी का महाकुंभ नजर आया, यहां सात दिनों से कथा श्रवण कर अपने जीवन को धन्य बनाने वाले श्रोता और प्रेत राज सरकार से प्रेत बाधाओं को दूर कराने वाले लोगों सहित दिव्य दरबार में श्रीबागेश्वर धाम की कृपा पाने वाले धर्मप्रेमीजन है सभी का कल्याण होगा और इस राष्ट्र के संरक्षण के लिए श्रीबागेश्वरधाम से जुड़े रहेंगें, हम एक बार फिर भविष्य में शिवपुरी को मास-मदिरा मुक्त होने पर श्रीरामकथा का वाचन करने जरूर आऐंंगें।

श्रीबालाजी सरकार की कृपा, हिन्दू सनातन व हिन्दू राष्ट्र और सात दिनों तक श्रीमद् भागवत कथा का व्यासपीठ से उपदेश देकर जनकल्याण को कृतार्थ करने वाले श्रीबागेश्वरधाम पीठाधाश्वीर पं.धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री ने यह आर्शीवचन श्रीमद् भागवत कथा के विश्राम दिवस पर दिए। इस दौरान पूज्य गुरूदेव ने कहा कि हमे हनुमाजन की शक्ति मिली है कि हिंदुओं का भला करना है, अभी नवरात्रि में एक और शक्ति भी अभी बढ़ गई, हम मनुष्य होकर मनुष्य के काम आते रहेंगे, इस दौरान पूज्य गुरूदेव ने अपनी पोटली से भव्य दिव्य दबार में लगाई जाने वाली सामग्री दिखाई, जिसमें पूज्य हनुमान जी का गदा, अति प्राचीन श्रीकाले हनुमान जी के दर्शन कराते हुए चरण स्पर्श कराए। 

कथा के विश्राम दिवस के अवसर पर सुदामा-श्रीकृष्ण मित्रता कथा का वृतांत श्रवण कराया गया गया और सभी ने भजन-नृत्य करते हुए श्रीकृष्ण सुदामा चरित कथा का धर्मलाभ लिया। इस अवसर पर सभी श्रद्धालुजन भावुक नजर आए और उन्होंनें बड़े भारी बन से पूज्य गुरूदेव को शिवपुरी से श्रीबागेश्वरधाम के लिए विदाई दी। इस दौरान कथा के मुख्य यजमान श्रीमती ऊषा-रामप्रकाश गुप्ता, श्रीमती शिल्पी-कपिल गुप्ता(कपिल मोटर्स) परिवार के द्वारा पूज्य गुरूदेव के श्रीचरणों में नमन् कर आर्शीवाद लेते हुए उन्हें भावभीनी विदाई दी। इस दौरान कथा स्थल नर्सरी ग्राउण्ड हवाई पट्टी के पीछे पूरे प्रांगण की 65 बीघा भूमि में आस्था का महाकुंभ उमड़ते हुए लाखों लोग मौजूद रहे जिन्होंने कथा का धर्मलाभ प्राप्त किया।

श्रीबागेश्वरधाम से जुडऩा है तो करें दुव्र्यसनों का त्याग

धर्म और आस्था का मुख्य केन्द्र बिन्दु श्रीबागेश्श्वर धाम से जुडऩे का आह्वान करते हुए कथा यजमान कपिल गुप्ता के द्वारा बताया गया कि जो भी धर्मप्रेमीजन-श्रद्धालु श्रीबागेश्वरधाम से जुडऩा चाहता है तो वह पहले अपने दुव्र्यसनों का त्याग करें। उन्होंने बताया कि लहसन, प्याज, मास मदिरा आदि से दूर रहने वाला व्यक्ति ही श्रीबागेश्वरधाम से जुड़ सकेगा, उन्होंने धाम से जुड़कर होने वाले हरेक कार्य की सफलता की बात भी कहा कि निश्चित रूप से जो भी श्रद्धालु सच्चे मन से अपने दु:ख, पीड़ा को श्रीबागेश्वर धाम नियमों का पालन करते हुए धाम की पेशी और दर्शन लाभ लेगा, निश्चित ही उसकी अर्जी भी लगेगी और भव्य दिव्य दरबार में स्वयं श्रीबागेश्वरधाम सरकार से मिलने का अवसर भी प्राप्त होगा,  इसके लिए अपने घर पर जप करो और दो से तीन महीने में धाम की पेशी कर दोगे तो हरेक काम बालाजी की कृपा से जरूर सफल होकर रहेगा।

लगा भव्य दिव्य दरबार, पहली बार आए श्रद्धालुओं की भी लगी अर्जी

श्रीबागेश्वरधाम पीठाधीश्वर पं.धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री के पावन सानिध्य में श्रीमती ऊषा-रामप्रकाश गुप्ता, श्रीमती शिल्पी-कपिल गुप्ता(कपिल मोटर्स) परिवार द्वारा आयोजित श्रीमद् भागवत कथा में आस्था का सैलाब उमड़ा जहां कथा विश्राम दिवस पर भव्य दिव्य दरबार लगा जिसमें पहली बार आए कई श्रद्धालुओं की अर्जी भी लगी। इनमें पिपरिया अशोकनगर से अजय नाम का युवक की अर्जी लगी जिसे बताया कि उसके यहां अशांति, लड़ाई झगड़ा, माता पिता और स्वयं का दिमाग भी खराब होता रहता है, शराब का सेवन करता है, जिसे लाभ दिया और अभिमंत्रित नारियल चढ़ाने की विधि बताई। वहीं देवरी से आई महिला जो अभी आईटीआई के पीछे रहती है ने बताया कि वह पति की समस्या को लेकर आई जिसमें तीन विषय, बेटी बीमारी, स्वयं के पेट में दर्द, पति नौकरी की तैयारी प्रमुख थे जिसमें कहा कि  28वे दिन से बेटी को आराम लगेगा, मायके में भी बाधा है, माता पिता धाम जाए, माताजी का रोग है आराम मिलेगा, सीने में अभी दिक्कत है। 07 ऑपरेशन कराए है, 3500 रुपए टोने टोटके के लगा दिए है। इसके अलावा नव युवक राजकुमार शर्मा शिवपुरी भी आया जिसने बताया कि मैं पहली बार कथा में आया हूं और मुझे अंतरात्मा पर भरोसा था, यहां उसकी पीड़ा बताते हुए पूज्य गुरूदेव ने बताया कि कन्या जन्मजात विकलांग है, शारीरिक मानसिक परेशानी है, नौकरी फार्मा कंपनी में एम आर हूं, जल्द लाभ मिलेगा औश्र प्लॉट वाला काम भी है हो जाएगा। यहां मंत्र, भभूति लगाने और 21 बार मंगलवार को मिलेंगें, दरबार में पेशी लगेगी। इसके साथ ही एक दादा जी सपत्नीक पहुंचे, छह माह से बीमार है, दवाई, मेडिकल कॉलेज में भी दिखा दिया है, पति को सुनने में, पाव में दिक्कत है, आराम लगेगा, खून जम गया है, शरीर की नशे टेड़ी हो गई है। झाड़ा लगाएंगे, पैर में सब जगह झाड़ाग तो वह थोड़े से चलने लगे। इसके अलावा एक युवती अपनी जॉब को लेकर, भैंसदा गांव से महिला, नवाब साहब रोड का नव युवक की माताजी रीना कुशवाह, कनाखेडी के युवक राजकुमार, पुरानी शिवपुरी का युवक व ग्राम किंजरी से राघव, पुराने बस स्टैंड से युवती एवं राकेश सोनी और उसका दोस्त दोनों आए जो पत्तों की माला लेकर पहुंचे इन सभी के दु:खों का मौके पर ही निवारण किया गया।

प्रेतराज सरकार का आह्वान कर प्रेतबाधा को किया दूर

श्रीमद् भागवत कथा में विश्राम दिवस के अवसरपर पूज्य श्रीबागेश्वरधाम पीठाधीश्वर के द्वारा प्रेतराज सरकार का आह़्वान करते हुए प्रेत बाधाओं को दूर किया गया जिसमें मंच से ही प्रेतबाधा को दूर करते हुए प्रेत से बाधित लोगों की मु_ी बंधवाई, प्रेत से ग्रसित लोगों को चमीटा की मार लगाई और अपने मंत्रोच्चारण विधि के माध्यम से प्रेतराज सरकार के द्वारा सभी प्रेत बधाई को दूर कराया गया। इस दौरान कई लोगों पर ऊपरी बाधा, तंत्र मंत्र, टोना टोटका असर भी देखने को मिला, जहां सभी के कष्टों को दूर किया गया। इस अवसर पर नकारात्मक शक्तियों को दूर करने के लिए उकेरा कराया और प्रेत बाधा से ग्रसित महिला, पुरूष व बच्चों को अपनी मंत्रोच्चारण विधि एवं श्रीहनुमान जी की कृपा कराते हुए प्रेतराज सरकार का आह्वान करते हुए प्रेत बाधा से दूर कराया। यहां प्रेतबाधा को लेकर 20 मिनट तक हनुमान चालीसा हुआ और प्रेत बाधा को दूर कर कथा श्रवण कराई गई। इसके साथ ही कई जो लोग नारियल और लाल कपड़ा साथ लेकर आए थे उनके नारियल को भी अभिमंत्रित किया गया और सभी से कहा कि यह लाल कपड़े का नारियल अपने घर में पूजा वाले स्थल पर रखें और सभी को सुख-समृद्धि व स्वस्थ रहने की बालाजी सरकार से प्रार्थना की।  

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