शिवपुरी। अखिल विश्व गायत्री परिवार शांति कुंज हरिद्वार के तत्वावधान में स्वस्थ तन एवं स्वच्छ मन वाले व्यक्तियों एवं सभ्य समाज के निर्माण हेतु संचालित आओ गढ़े संस्कारवान पीढ़ी आंदोलन का एक दिवसीय प्रशिक्षण का आयोजन गायत्री शक्ति पीठ फिजिकल रोड पर किया गया। इस प्रशिक्षण शिविर में शिवपुरी, कोलारस, करैरा व रन्नोद के भाई बहिन शामिल हुए। कार्यक्रम में आओ गढ़े संस्कार वान पीढ़ी कार्यक्रम की जिला समन्वयक विजय लक्ष्मी शर्मा, टोली नायक विदुषी शशि मिश्रा, जिला समन्वयक डॉ पीके खरे, सन्तोष सोनी, सविता सोनी, भावना पाराशर, सविता धाकड़, आशुतोष शर्मा गुना उपजोन, मुख्य प्रबन्ध ट्रस्टी अनिल रावत थे। कार्यक्रम का संचालन कीर्ति गोयल ने किया। कार्यक्रम का आभार व्यक्त मुख्य समन्वयक डॉ पीके खरे ने व्यक्त किया।कार्यक्रम का शुभारंभ देव पूजन व दीप प्रज्वलित कर किया। कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए विजय लक्ष्मी शर्मा ने कहा कि बच्चे का विकास एक दिन, माह नही बल्कि गर्भाधान के पूर्व से जन्म होने तत्पश्चात जन्म से लेकर किशोरावस्था एवं वयस्क होने तक लंबी विकास यात्रा है। पूरी यात्रा पारिवारिक, सांस्कृतिक एवं प्रक वातावरण से प्रभावित होता है इसलिए भारतीय संस्कृति में गर्भाधान एक अचानक की घटना नही है। इस प्रशिक्षण में बताया कि हमारी पी?ी फैशन परस्ती लिव इन रिलेशनशिप, प्लांड फेमिली सोशल मीडिया पर परोसी जा रही भृमित करने वाली सामग्री से दिशाहीन होकर भोग विलास में रत रहती है। कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए अखिल विश्व गायत्री परिवार उप जोन गुना प्रभारी शशि मिश्रा ने कहा कि विश्व की प्राचीनतम भारतीय संस्कृति, जीवन के नैतिक मूल्यों से परिपूर्ण व्यक्तित्त्व निर्माण की धुरी है। भारतीय संस्कृति की परिवार व्यवस्था एवं संस्कार परम्परा व्यक्तीत्व के लिए आवश्यक है।
शिवपुरी। अखिल विश्व गायत्री परिवार शांति कुंज हरिद्वार के तत्वावधान में स्वस्थ तन एवं स्वच्छ मन वाले व्यक्तियों एवं सभ्य समाज के निर्माण हेतु संचालित आओ गढ़े संस्कारवान पीढ़ी आंदोलन का एक दिवसीय प्रशिक्षण का आयोजन गायत्री शक्ति पीठ फिजिकल रोड पर किया गया। इस प्रशिक्षण शिविर में शिवपुरी, कोलारस, करैरा व रन्नोद के भाई बहिन शामिल हुए। कार्यक्रम में आओ गढ़े संस्कार वान पीढ़ी कार्यक्रम की जिला समन्वयक विजय लक्ष्मी शर्मा, टोली नायक विदुषी शशि मिश्रा, जिला समन्वयक डॉ पीके खरे, सन्तोष सोनी, सविता सोनी, भावना पाराशर, सविता धाकड़, आशुतोष शर्मा गुना उपजोन, मुख्य प्रबन्ध ट्रस्टी अनिल रावत थे। कार्यक्रम का संचालन कीर्ति गोयल ने किया। कार्यक्रम का आभार व्यक्त मुख्य समन्वयक डॉ पीके खरे ने व्यक्त किया।कार्यक्रम का शुभारंभ देव पूजन व दीप प्रज्वलित कर किया। कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए विजय लक्ष्मी शर्मा ने कहा कि बच्चे का विकास एक दिन, माह नही बल्कि गर्भाधान के पूर्व से जन्म होने तत्पश्चात जन्म से लेकर किशोरावस्था एवं वयस्क होने तक लंबी विकास यात्रा है। पूरी यात्रा पारिवारिक, सांस्कृतिक एवं प्रक वातावरण से प्रभावित होता है इसलिए भारतीय संस्कृति में गर्भाधान एक अचानक की घटना नही है। इस प्रशिक्षण में बताया कि हमारी पी?ी फैशन परस्ती लिव इन रिलेशनशिप, प्लांड फेमिली सोशल मीडिया पर परोसी जा रही भृमित करने वाली सामग्री से दिशाहीन होकर भोग विलास में रत रहती है। कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए अखिल विश्व गायत्री परिवार उप जोन गुना प्रभारी शशि मिश्रा ने कहा कि विश्व की प्राचीनतम भारतीय संस्कृति, जीवन के नैतिक मूल्यों से परिपूर्ण व्यक्तित्त्व निर्माण की धुरी है। भारतीय संस्कृति की परिवार व्यवस्था एवं संस्कार परम्परा व्यक्तीत्व के लिए आवश्यक है।

No comments:
Post a Comment