बस संचालक जय सिंह रावत ने मामले में की निष्पक्ष जांच की मांगशिवपुरी- एक तो चोरी ऊपर से सीना जोरी यह कहावत इन दिनों ग्राम सिंहनिवास में घटित घटनाक्रम पर सटीक बैठती हुई नजर आ रही है कारण साफ है कि एक ओर जहां बीते रविवार की रात्रि के समय बस संचालक जय सिंह रावत के घर में घुसकर रंजिश रखते हुए आरोपी प्रमोद रावत व उसके परिजन व अन्य करीब दर्जन भर हमलावारों के द्वारा हथियारों की दम पर अपनी गुण्डागर्दी की गई और पुलिस के सामने ही हमलावरों ने अपनी बंदूकों से फायरिंग कर फरियादी पक्ष को डराया-धमकाया और फायरिंग कर घायल भी कर दिया, हालांकि इस मामले में पुलिस ने आरोपी पक्ष के प्रमोद रावत व उसके अन्य परिजन व सहयोगियों में शामिल सरपंच पति प्रमोद रावत, प्रगट रावत, प्रभात रावत, दीपक रावत, पवन रावत, रुण उर्फ छोटू रावत, रोहित धाकड़, दुष्यंत धाकड़, आदित्य उपाध्याय, राजकुमार रावत और रवि जाट सहित करीब 15 आरोंपियों के विरूद्ध धारा 307 सहित अन्य धाराओं में मामला पंजीबद्ध कर लिया गया लेकिन इधर घटनाक्रम के अगले ही दिन पुलिस के द्वारा बिना किसी जांच के केवल बयानों के आधार पर ही फरियादी जय सिंह रावत व उसके अन्य तीन लोगों पर भी पुलिस थाना कोतवाली के द्वारा धारा 307 का मामला क्रॉस के रूप में दर्ज किया गया जो कि न्यायोचित नहीं है। इस मामले में फरियादी जय सिंह रावत ने पूरे मामले में पुलिस से निष्पक्ष जांच की मांग की है।
बताना होगा कि कोतवाली थाना क्षेत्र के सिंहनिवास गांव में बीती रविवार की रात पुरानी रंजिश और इलाके में टेरर टैक्स की वसूली को लेकर सरपंच पति प्रभात रावत और पूर्व राज्य मंत्री सुरेश राठखेड़ा के भतीजे रोहित धाकड़ (राठखेड़ा) समेत करीब 15 बदमाशों ने ग्राम सिंहनिवास में निवास करने वाले बस संचालक जय सिंह रावत के घर पर जानलेवा हमला बोल दिया, इस हमले के दौरान हुई अंधाधुंध फायरिंग में बस संचालक जय सिंह बाल-बाल बच गए, गोली उनके बाएं हाथ को छूकर निकल गई जबकि उनके परिजन इस मारपीट में घायल हुए है, घटना की सूचना मिलते ही मौके पर पुलिस कोतवाली पहुंची और यहां पुलिस के सामने भी आरोपियों के द्वारा बंदूकों से फायरिंग की गई। इस घटना में मौके से पुलिस ने घटना स्थल से एक 315 बोर की रायफल (नंबर ्र1805-2891-315-1975) जब्त की है। साथ ही मौके से तीन चले हुए खाली खोखे और 4 जिंदा राउंड भी मिले हैं। पुलिस अब रायफल के लाइसेंसधारी के बारे में जानकारी जुटा रही है ताकि उस पर भी कड़ी कानूनी कार्रवाई की जा सके। यहां फरियादी जय सिंह रावत की रिपोर्ट पर कोतवाली पुलिस ने दर्जन भर से अधिक हमलावर आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 109(1), 332(बी), 296(1), 351(3), 115(2), 191(2), 193(3), 190 और आर्म्स एक्ट की धारा 25(1)(बी) के तहत मामला दर्ज किया है।
प्रगट और रोहित पर पहले से दर्ज हैं केस
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार किए गए आरोपियों में से प्रगट रावत पर पहले से ही हत्या के प्रयास और मारपीट के कई मामले दर्ज हैं। वहीं, रोहित धाकड़ के विरुद्ध भी मारपीट के पुराने अपराधिक रिकॉर्ड पाए गए हैं। रात के समय हुई इस फायरिंग से गांव में दहशत का माहौल था, जिसे देखते हुए अब पुलिस गांव में लगातार पेट्रोलिंग कर रही है।
पुलिस ने क्रॉस मामला किया दर्ज
पुलिस थाना कोतवाली के द्वारा ग्राम सिंहनिवास में हुए घटनाक्रम को लेकर एक ओर जहां दर्जन भर हमलावरों पर मामला पंजीबद्ध कर करीब 9 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया लेकिन इसके अगले ही दिन थाना कोतवाली के द्वारा बस संचालक जय सिंह रावत एवं उसके अन्य परिजन के विरूद्ध भी धारा 307 सहित अन्य धाराओं में क्रास मामला दर्ज कर लिया गया। यहां पूर्व जनपद अध्यक्ष पारम सिंह रावत के भाई जय सिंह रावत सहित चार लोगों के खिलाफ हत्या के प्रयास (अटेम्प्ट टू मर्डर) की गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई है। इस कार्रवाई के बाद गांव में तनाव की स्थिति बनी हुई है और पुलिस लगातार मामले की जांच कर रही है।
इनका कहना है-
ग्राम सिंहनिवास में हुई घटना में दोनों ही पक्षों के विरूद्ध क्रास कायमी की है, अभी मामले की जांच चल रही है पुलिस बयान दर्ज कर रही है, फिलहाल दोनो पक्षों के घर आमने सामने है इसलिए विवाद थमने तक पुलिस ने सुरक्षा हेतु फॉर्स तैनात किया गया है। दोनों मामलों में क्रास कायमी के बाद दूसरे पक्ष के लोगों को भी कार्यवाही अनुसार जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।
रोहित दुबे, निरीक्षक
थाना कोतवाली शिवपुरी

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