दम मारो दम मिट जाएं ग़म, बोलो सुबह-शाम हरे कृष्णा हरे रामशिवपुरी- गायिका शालू गोस्वामी ने जब अपने मस्ती भरे अंदाज़ में स्व.आशा भोंसले जी का गाया हुआ यह गाना श्रद्धांजलि सभा में सुनाया तो श्रोता झूम उठे। दरअसल समाज सेवी व पत्रकार आरती जैन के संयोजन में स्व.आशा भोंसले जी को श्रद्धांजलि देने के उद्देश्य से समाज सेवी राजेंद्र जैन राजमाया वालों के निवास पर एक रंगारंग कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें शहर के समस्त जाने-माने गायकों ने आशा भोंसले जी के गाये हुए एक से बढ़कर एक एकल व युगल गीत सुना कर भावभीनी श्रद्धांजलि दी। कार्यक्रम में शायर पं0 सुकून शिवपुरी विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित थे। इससे पूर्व सभी ने आशा भोंसले जी के चित्र पर माल्यार्पण करते हुए अपने श्रद्धा सुमन अर्पित किए। सभी गायकों द्वारा गाए गए प्रमुख गीतों के गीतांश पर एक नजऱ डालें।
गायक कलाकारों ने अपनी-अपनी प्रस्तुति दी जिसमें शुभ्रा शर्मा-लग जा गले कि फिर ये हसीं रात हो न हो, राम यादव- बजाने-जां ओ मेरे जाने-जां, आरती जैन- मिलने की तुम कोशिश करना वादा कभी न करना वादा तो टूट जाता है, धर्मेंद्र साहू संगीता श्रीवास्तव- आज रपट जाएं तो हमें न उठइयो हमें जो उठइयो तो खुद भी फिसल जइयो, मुकेश आचार्य प्रियंका मिश्रा- चुरा लिया है तुमने जो दिल को नजऱ नहीं चुराना सनम, सुकून शिवपुरी संगीता श्रीवास्तव-प्यार हमारा अमर रहेगा याद करेगा जहां तू मुमताज है मेरे ख़्वाबों की मैं तेरा शाहेजहां, जहांगीर खान संगीता श्रीवास्तव- प्यार का तोहफा तेरा बना है जीवन मेरा दिल के सहारे तूने पा लिए,
ज़क़ी ख़ान संगीता श्रीवास्तव-प्यार कभी कम नहीं करना कोई सितम कर लेना, शालू गोस्वामी शुभ्रा शर्मा-कजरा मोहब्बत वाला अंखियों में ऐसा डाला कजरे ने ले ली मेरी जान, त्रिलोचन जोशी-बहुत शुक्रिया बड़ी मेहरबानी हुजूर मेरी ज़िंदगी में जो आप आए नीतेश शर्मा-सैय्यारा तू तो रूठा नहीं है मौसम जऱा सा बदला हुआ है, राजेंद्र जैन राजमाया- हमने जफ़ा न सीखी उनको वफ़ा न आई गीत की प्रस्तुत दी। यह कार्यक्रम देर रात तक चलता रहा। अंत में आयोजक राजेंद्र जैन ने सभी का हार्दिक धन्यवाद ज्ञापित किया।

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