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Wednesday, April 15, 2026

चिरली में पटवारी की मनमानी ग्रामीण परेशान, रिश्वतखोरी और लापरवाही के आरोपों के बीच कुर्सी पर बरकरार


ग्राम चिरली के ग्रामीणों ने कलेक्टर से लगाई थी गुहार, रिश्वतखोरी और काम में लापरवाही के गंभीर आरोप

शिवपुरी/करैरा -सुशासन के दावों के बीच तहसील क्षेत्र की ग्राम पंचायत चिरली में प्रशासनिक शिथिलता का एक बड़ा मामला सामने आया है। यहाँ पदस्थ पटवारी रूबी भार्गव के विरुद्ध ग्रामीणों द्वारा भ्रष्टाचार और अपने मुख्यालय पर न आने व रिश्वतखोरी की लिखित शिकायतों के बावजूद, अब तक कोई ठोस दंडात्मक कार्रवाई नहीं की गई है। तहसीलदार द्वारा जारी स्पष्टीकरण नोटिस की मियाद खत्म होने के महीनों बाद भी पटवारी अपने पद पर जमी हुई हैं।

रिश्वत के बिना नहीं होते काम, नामांतरण के दर्जनों मामले लंबित
ग्रामीण प्रेमनारायण लोधी सहित अन्य ग्रामीणों ने जिला कलेक्टर को सौंपे शिकायती पत्र में आरोप लगाया था कि पटवारी बिना लेन-देन के कोई भी राजस्व कार्य नहीं करती हैं। ग्रामीणों का कहना है कि गाँव के कई व्यक्तियों (लखन, देवीलाल, वीरसिंह, रामदेवी आदि) की मृत्यु के बाद उनके वारिस फौती नामांतरण के लिए महीनों से भटक रहे हैं। पटवारी द्वारा स्पष्ट रूप से पैसे की मांग की जाती है और मना करने पर काम लटका दिया जाता है।

तहसीलदार का नोटिस भी बेअसर
मामले की गंभीरता को देखते हुए तहसीलदार करैरा ने पत्र क्रमांक/आ.का./विविध/2025/1051 दिनांक 24/10/25 के माध्यम से पटवारी रूबी भार्गव को कारण बताओ नोटिस जारी किया था। नोटिस में स्पष्ट उल्लेख था कि पटवारी हलका क्षेत्र में निवास नहीं करतीं और राजस्व कार्यों में घोर लापरवाही बरत रही हैं। उन्हें 31 अक्टूबर 2025 को स्वयं उपस्थित होकर स्पष्टीकरण देने के निर्देश दिए गए थे, साथ ही चेतावनी दी गई थी कि अनुपस्थित रहने पर एकपक्षीय कार्रवाई की जाएगी।

आज दिनांक तक नहीं हुई कोई कार्रवाई
हैरानी की बात यह है कि नोटिस की अवधि बीत जाने के बावजूद आज दिनांक तक पटवारी पर कोई गाज नहीं गिरी है। ग्रामीण आज भी अपने राजस्व कार्यों के लिए परेशान हो रहे हैं। ग्रामीणों का सवाल है कि आखिर शासन-प्रशासन ऐसे लापरवाह और दागी अधिकारियों को संरक्षण क्यों दे रहा है?

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