ग्राम चंदनपुरा में आयोजितज श्रीमद् भागवत कथा में दी प्रेरक समझाईशशिवपुरी-ग्राम चंदनपुरा में चल रही श्रीमद् भागवत के चतुर्थ दिवस पर श्री कृष्ण जन्म उत्सव पर आचार्य राष्ट्रीय कथा प्रवक्ता पंडित बृजभूषण जी महाराज ने बताया कि हम सोने चांदी की कीमत समझते हैं मकान की कीमत समझते हैं प्लॉट की कीमत समझते हैं परंतु हम अपने जीवन की कीमत नहीं समझते, हम अपनी सांसों की कीमत नहीं समझते, व्यर्थ की चीजों को इक_ा करने में हम अपनी सांसों को रोज गवां रहे हैं और धीरे-धीरे हमारी आयु कम होती चली जा रही है, एक दिन जब आयु शेष नहीं रहेगी तो हम कहेंगे कि हमारा जीवन हमने थोड़ा समय निकालकर पूरा जीवन व्यर्थ गवा दिया।
आचार्य जी ने बताया कि मनुष्य जन्म देवताओं को भी दुर्लभ है इसलिए सभी प्रकार से मनुष्य को सत्कर्म करना चाहिए, परहित करना चाहिए, भगवान का भजन करना चाहिए, सिर्फ धन के पीछे भाग करके मनुष्य अपना जीवन बर्बाद कर रहे हैं जबकि यह धन तो मात्र संसार में काम आता है मृत्यु के बाद तो भगवान का भजन और त्याग ही मनुष्य के काम आता है, प्रहलाद चरित्र, राजा बलि का चरित्र, समुद्र मंथन, संक्षिप्त राम कथा, एवं अंत में श्री कृष्ण जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया गया एवं भगवान श्री कृष्ण की लीला सभी ने प्रेम के साथ सुनी।। महाराज जी ने पावन सुंदर प्रसंग का वर्णन कर कहा की भागवत कथा कलयुग में मुक्ति प्रदान करने वाली हैं श्रीमद् भागवत कथा का आश्रय लेकर के मनुष्य भवसागर से सहज ही में पार हो सकते हैं इसलिए जहां भी कथा हो अवश्य जाकर श्रवण करें। कथा के मुख्य यजमान प्रहलाद सिंह धाकड़, विजय सिंह धाकड़ एवं समस्त परिवारजन है।

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