---------------------------------News Website By 𝐑𝐚𝐣𝐮 𝐘𝐚𝐝𝐚𝐯--------------------------------

𝙎𝙝𝙞𝙫𝙥𝙪𝙧𝙞 𝙆𝙝𝙖𝙗𝙖𝙧

Friday, June 19, 2026

भूमि विवाद मामले में मेरी छवि धूमिल करने का किया प्रयास, मैं जबाब दूंगा : शिव कुमार गौतम


माननीय सत्र न्यायालय ने एफआईआर निरस्त करने के दिए आदेश, कहा बढ़ती छवि से विरोधी हो रहे हैं परेशान

शिवपुरी- मैं माननीय न्यायालय का सम्मान करता हूं और भूमि विवाद के इस मामले में जिस प्रकार से एफआईआर दर्ज की गई है उससे मेरी छवि धूमिल हुई है, चूंकि यह प्रकरण इसी समय क्यों आया, जब स्कूलों में प्रवेश का दौर जारी है, यह सब जानबूझकर किया गया कार्य है, चूकि एक स्कूल संचालक के नाते मेरे 1500 परिवारों से जुड़ाव है और सभी मेरी छवि से परिचित है और अब जिसने भी यह कृत्य किया है, अब उसे माननीय न्यायालय का सामना करना पड़ेगा, इस मामले में हालांकि मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट न्यायालय द्वारा दिए गए एफआईआर दर्ज करने संबंधी आदेश को सत्र न्यायालय ने निरस्त कर दिया है लेकिन इसके बाद भी जिन्होनें यह कृत्य किया है उनके खिलाफ मनमानी का मामला शीघ्र दायर करूंगा और मैं समय-समय पर इसका जबाब भी दूंगा। 

यह कहना है कि किड्स गार्डन स्कूल के संचालक शिव कुमार गौतम का जिन्होंने अपने फस्र्टक्राई इनटेलीट्स प्री स्कूल परिसर में आयोजित प्रेसवार्ता को संबोधित किया और भूमि विवाद मामले में अपना पक्ष रखा। उन्होंने यह भी कहा कि वह अब धीरे-धीरे राजनीतिक रूप से भी आगे बढ़ रहे है जिसे लेकर भी कई राजनीतिक विरोधी रखने वालों का भी यह षडयंत्र हो सकता है। इस दौरान शिवकुमार गौतम के साथ उनके अभिभाषक गजेन्द्र यादव एवं संजीव बिलगैंया भी विशेष रूप से मौजूद रहे जिन्होंने प्रकरण से संबंधित न्यायालयीन प्रक्रिया के बारे में जानकारी प्रदान की।

किड्स गार्डन स्कूल संचालक शिवकुमार गौतम ने प्रेसवार्ता में बताया कि माननीय न्यायालय ने अपने आदेश में यह माना है कि उपलब्ध तथ्यों एवं दस्तावेजों के आधार पर प्रथम दृष्टया उनके विरुद्ध कोई संज्ञेय अपराध बनता हुआ प्रतीत नहीं होता है। न्यायालय ने यह भी उल्लेख किया है कि मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वारा भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 175(3) के अंतर्गत निर्धारित प्रक्रिया का समुचित पालन किए बिना आदेश पारित किया गया था, जिसके कारण उक्त आदेश को अपास्त कर दिया गया। पत्रकार वार्ता के दौरान शिवकुमार गौतम ने कहा कि संबंधित भूमि के संबंध में वर्ष 2023 में उनके पक्ष में विधिवत अनुबंध किया गया था तथा उसी के आधार पर उन्होंने बाद में अपने हिस्से की भूमि के संबंध में अन्य अनुबंध किया था। उनका कहना था कि इस संपूर्ण मामले में पहले से ही संविदा के विनिर्दिष्ट अनुपालन का सिविल वाद न्यायालय में लंबित है और विवाद का निराकरण विधिक प्रक्रिया के माध्यम से होना चाहिए।

सार्वजनिक जीवन और राजनीति में बढ़ती सक्रियता, इसलिए असहज कुछ लोग
शिवकुमार गौतम ने आरोप लगाया कि प्रतिवर्ष उनके द्वारा संचालित विद्यालयों के प्रवेश सत्र के दौरान उनकी व्यक्तिगत एवं संस्थागत छवि को धूमिल करने के प्रयास किए जाते रहे हैं। उनका कहना था कि अतीत में भी विभिन्न प्रकार के आरोपों और विवादों के माध्यम से उनके विद्यालय की प्रतिष्ठा को प्रभावित करने का प्रयास किया गया, लेकिन प्रत्येक बार सत्य सामने आया है। उन्होंने कहा कि वह हाल के वर्षों में सार्वजनिक जीवन और राजनीति में सक्रिय हुए हैं तथा संभव है कि उनकी बढ़ती सक्रियता से असहज कुछ लोग उनके विरोधी बन गए हों। उन्होंने आशंका व्यक्त की कि ऐसे कुछ तत्व योजनाबद्ध तरीके से उनके विरुद्ध वातावरण बनाने का प्रयास कर रहे हैं। हालांकि उन्होंने किसी व्यक्ति विशेष का नाम लेने से परहेज करते हुए कहा कि उन्हें न्यायपालिका पर पूर्ण विश्वास है और वह हर परिस्थिति में कानूनी प्रक्रिया का सम्मान करते रहेंगे।

मुख्य उद्देश्य है शिक्षा एवं समाजसेवा करना
शिवकुमार गौतम ने कहा कि उनका मुख्य उद्देश्य शिक्षा एवं समाज सेवा के क्षेत्र में कार्य करना है तथा वे अपने विद्यालयों के माध्यम से बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए निरंतर प्रयासरत हैं। उन्होंने अभिभावकों, विद्यार्थियों और समाज के लोगों से अपील की कि वे किसी भी प्रकार की अफवाहों पर विश्वास न करें और तथ्यों को समझने के बाद ही कोई राय बनाएं। पत्रकार वार्ता के अंत में शिवकुमार गौतम ने कहा कि सत्य और न्याय पर उनका विश्वास पहले की तरह अटूट है तथा वे भविष्य में भी विधिक और लोकतांत्रिक मर्यादाओं के भीतर रहकर अपना पक्ष रखते रहेंगे

No comments: