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Friday, April 26, 2019

गोवर्धन पूजा का अर्थ है सभी मनुष्य करें गौ सेवा: महाराज बृजभूषण

ग्राम आनंदपुर में गोवर्धन पूजा और गौ सेवा का महत्व बताया गया 
शिवपुरी- प्रत्येक मनुष्य को गौ माता की सेवा अवश्य करना चाहिए क्योंकि गौमाता परमात्मा के द्वारा दिया गया एक अनुपम वरदान है जिसके द्वारा मनुष्य अपने जीवन को सुखमय बना सकता है गौ माता का गोबर मनुष्य के अनेकों रोगों को मिटा सकता है, गोमूत्र लाखों कर्मो को हटा सकता है और गौ माता की सेवा स्वर्ग और मुक्ति को देने वाली है हमारे ग्रंथों में आता है एक गौमाता की पूंछ पकड़कर ही हमारे पितर बा रानी नदी को पार करते हैं और जब हमारा अंत समय आता है तो हम भी गौ दान करके हमारे जीवन को सुधारते हैं गौमाता का महत्व हमारे जीवन में इतना है कि जितना गुणात्मक होना उतना ही कम है। यह प्रवचन लुकवासा के समीप ग्राम आनंदपुर में चल रही भागवत कथा के दौरान ऊँ नम: शिवाय मिशन के आचार्य बृज भूषण महाराज ने गोवर्धन पूजा के दौरान दिया।उन्होंने बताया कि भगवान श्री कृष्ण ने गोवर्धन की पूजा की थी कि उन्होंने गौ माता को बढ़ाने का संदेश दिया गो का मतलब है गौ माता वर्धन यानी कि बडाना भगवान ने बताया कि सभी गौ माता की रक्षा करें आचार्य जी ने भगवान श्री कृष्ण की बाल लीलाओं का बहुत लाभ उठाया। ही सुंदर चरित्र सुनाया और कहा कि भगवान भक्तों के बस में हो कर के प्रकट होते हैं और बाल लीला द्वारा अपने भक्तों को आनंद प्रदान करते हैं आचार्य ने पहले बताया कि मैं भगवान रक्षा के लिए भी अवतार लेता हूं और इसलिए श्री कृष्ण कभी भी गौ से माता का बलिदान नहीं किया और अपना नाम भी उन्होंने गोपाल रखवा लिया, इसलिए सभी मनुष्य का कर्म की गौ की सेवा करें और अपने जीवन की कल्याण करें।महाराज श्री ने बताया कि गौ माता परमात्मा का दिया हुआ वरदान है शास्त्रों में आता है गंगा सबके पाप दूर करती है लेकिन गंगा के पाप कौन धोता है हमारे पुराणों में आता है कि माता के चरणों में इतनी शक्ति है कि जब गौ माता के चरण गंगा में आ जाए। हैं हैं। मां के भीतर जाते हैं तो गौ माता गंगा माता के पापो को धोतों है यजमान द्वारा भगवान गोवर्धन को छप्पन भोग लगाया गया और कथा में पधारे भक्तों ने प्रसाद पाया। यह कथा चक्र .2 बजे से शुरू होकर देर सायं तक जारी रहती है जिसका समापन 27 अप्रैल को होगा। सभी भक्तजन कथा में पधारकर पुण्यबल अर्जित किए। 2 बजे से शुरू होकर देर सायं तक जारी रहता है जिसका समापन 27 अप्रैल को होगा। सभी भक्तजन कथा में पधारकर पुण्यबल अर्जित किए। 2 बजे से शुरू होकर देर सायं तक जारी रहता है जिसका समापन 27 अप्रैल को होगा। सभी भक्तजन कथा में पधारकर पुण्यबल अर्जित किए। 

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