बलारपुर मेले में उमड़ा जनसैलाव, हजारों लाखों लोगों ने किए माँ के दर्शन
शिवपुरी-शिवपुरी माधव राष्ट्रीय उद्यान मैं ग्राम करई से 20 किलोमीटर अंदर घने जंगलों मैं माँ बलारी का मंदिर स्थित है प्राचीन मंदिर पर हजारों लाखों भक्तों की आस्था का केंद्र है 3 दिन चलने वाले ग्रामीण मेले में शिवपुरी जिले के आसपास के क्षेत्र के ग्रामीणजन माँ की आराधना करने के लिए बड़ी दूर-दूर से आते हैं। मां के मंदिर तक पैदल यात्रा कर मंदिर पर दर्शनों के लिए पहुंचते हैं नवरात्रि में लगने वाले मेले में लोग पहुंचकर पूजा पाठ करते हैं बच्चों के मुंडन संस्कार से लेकर आस्था के केंद्र पर लोगों की भावनाएं जुड़ी हुई है इस मंदिर पर पिछले 8 वर्षों से जल सेवा कर रहे राठौर समाज के अध्यक्ष अशोक राठौर ने बताया कि 2 दिन के अंदर करीब 10 टैंकरों पानी वितरण कर चुके है। पर लो
गों का हुजूम कम होने का नाम नहीं ले रहा पैदल यात्रियों की टोलियां आती जा रही है। इतना ही नहीं कई भक्तों ने माँ के दर्शन लाभ लेने आ रहे श्रद्धालुओं के जगह-जगह भण्डों का भी आयोजन किया जा रहा हैं। इस भीषण गर्मी में लोगों के लिए पानी सुविधा उपलब्ध कराने के लिए भी भक्तों ने माँ मंदिर तक पहुंचने वाले रास्ते में जगह-जगह प्याऊ भी लगा रखी हैं।
माँ के दर्शनों के लिए नेशनल पार्क ने खोला रास्ता
नेशनल पार्क के अंदर होने के कारण वन विभाग और पुलिस विभाग के संयुक्त अभियान तहत पूरे क्षेत्र पुलिस व्यवस्था भी चाक चौबंद की गई हैं। इतना ही नहीं बलारपुर मंदिर पर लगने वाले मेले में शिवपुरी पुलिस अधीक्षक राजेश हिंगणकर के आदेश अनुसार चाक-चौबंद व्यवस्था बनाए रखने के लिए अलग से बल तैनात किया गया हैं। जिससे माँ के दरबार में कोई भी अप्रिय घटना देखने में नहंी आई। इतना ही नहीं हजारों लोगों के आने जाने में वाले भक्तों के माँ दर्शनों की कतार बद्ध तरीके नागरिकों को लगाकर माँ के दर्शन लाभ दिलाया जा रहा हैं।
आज चढ़ाए जायेंगे माँ के नेजे
माँ बलारी के दरबार में आज नेजे चढ़ाए जायेंगे भक्तगणों ध्वजा लेकर कई अपनी मन्नतें मांग लेकर आते हैं आते और मँा के दरबार में सप्तमी से लेकर नवमीं तक दर्शन करने के पश्चात विशाल ध्वजा चढ़ाई जाती हैं। जिसका आयोजन नवमीं के दिन किया जाता हैं। इस प्राचीन मंदिर में पूर्व में डकैत रामबाबू गड़रिया ने भी अपनी मनोकामना पूर्ण होने पर माँ के दरबार में विशाल घंटा चढय़ा गया था।
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