सीसीएफ की 13 वीं वेबिनार में आयोग सदस्य और डायल 100 एसपी ने दिया मार्गदर्शन
शिवपुरी- बाल हिंसा के मामलों में पिछले कुछ वर्षों में देश भर में बढ़ोतरी हुई है। इसका सबसे बड़ा कारण यह भी है कि अब बाल हिंसा के मामलों में अब द्विपक्षीय कारवाई औऱ शिकायत का सिलसिला भी बड़ा है। पहले लोगों को बाल मामलों में कानून और नियमों का ज्ञान इतना अधिक नहीं था जिसके कारण लोग शिकायत दर्ज नहीं कराते थे। लेकिन पिछले कुछ वर्षों में शासकीय स्तर पर बाल संरक्षण नियमों एवं कानूनों का प्रचार प्रसार बड़े पैमाने पर होने से लोगों में जागरूकता बढ़ी है ।
अभिभावकों सहित बच्चे भी समझने लगे हैं कि यह हमारे लिए सही है या गलत है। अत: अब बाल शोषणए बाल श्रम एवं बाल यौन उत्पीडऩए बाल हिंसा के मामलों में बड़ी संख्या में शिकायतें दर्ज होने लगी है। यह विचार राजस्थान बाल आयोग की सद्स्य श्रीमती वन्दना व्यास ने चाइल्ड कंजर्वेशन फाउंडेशन के 13 वें वेबिनार में बाल हित मे आती चुनौतियां व उनका निराकरण विषय पर संबोधित करते हुए व्यक्त किए।
इस वेबीनार में मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से डायल 100 की पुलिस अधीक्षक श्रीमती बीना सिंह एचाइल्ड कंजर्वेशन फाउंडेशन के अध्यक्ष डॉ राघवेंद्र शर्मा, सचिव डॉ कृपाशंकर चौबे सहित देशभर के 12 राज्यों के सीडब्ल्यूसी.जेजेबी अध्यक्ष.सदस्यों सहित बाल अधिकार कार्यकर्ता शामिल हुए। अतिथि वक्ता एवं भोपाल 100 डायल की एसपी श्रीमती बीना सिंह ने ष्बाल हित मे 100 डायल की भुमिका विषय पर बोलते हुए कहा कि माह जनवरी से अब तक सैंकड़ों बच्चे बाल उत्पीडन से लेकर माता पिता के घरेलू विवाद जैसे मामलों तक सुलझाने या शिकायत दर्ज कराने के लिए 100 डायल की मदद ले चुके हैं। ऐसे सभी मामलों में कॉलर तक पहुँचकर डायल 100 टीम द्वारा परामर्श देने और निराकरण करने जैसी भूमिका निभाई है।
उन्होंने कहा कि बच्चो के लिये 100 डायल काफी मददगार हैं। सीसीएफ की इस वेबिनार के उत्तराद्र्ध में देशभर के बाल अधिकार कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों के विभिन्न प्रश्नों का जवाब देते हुए अतिथियों द्वारा शंकाओं का समाधान भी किया गया। वेबिनार का कुशल संचालन सीसीएफ के सचिव डॉ कृपाशंकर चौबे एवं आभार प्रदर्शन लीगल सेल के सदस्य रूपसिंह द्वारा किया गया।

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