जिस कमरे में बैठकर पीएससी का इंटरव्यू दिया, उसी कमरे में पीएससी अध्यक्ष के रूप में वर्षों बैठे अशोक कुमार पाण्डेय
शिवपुरी-डॉ. चन्द्रपाल सिंह सिकरवार स्मृति सम्मान समारोह गत दिवस परिणय वाटिका में सम्पन्न हुआ. वर्ष 2021 का डॉ. चन्द्रपाल सिंह सिकरवार स्मृति सम्मान इस बार पीएससी के पूर्व अध्यक्ष अशोक कुमार पाण्डेय को उनकी ईमानदारी, कर्तव्यनिष्ठा और समर्पण भाव से देश और समाज की सेवा के लिए प्रदान किया गया।
गौरतलब है कि अशोक कुमार पाण्डेय 1971 से 1987 तक स्कूल एजुकेशन में शिक्षक के रूप में शिवपुरी में पदस्थ रहे थे. इसी बीच 1975 से 1977 तक एमरजेंसी के दौर में 19 महीने शिवपुरी और ग्वालियर जेल में रहे. एमरजेंसी के दौर का कष्ट और संत्रास लोकतंत्र रक्षक सेनानी के नाते लोकतांत्रिक मूल्यों के सशक्तिकरण के लिए उन्होंने सहा. 1988 से 2009 तक प्रदेश के विभिन्न ज़िलों में न्यायाधीश के रूप में वे पदस्थ रहे. 2009 से 2011 तक मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग के सदस्य रहे. 2011 से 2015 तक मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष पद का निर्वहन उन्होंने किया।
पीएससी की जिस परीक्षा को पास कर अशोक कुमार पाण्डेय न्यायाधीश बने उस परीक्षा को देने के लिए आर्थिक स्थिति ठीक न होने के कारण ट्रक में बैठकर इंदौर जाना पड़ा था। पीएससी के जिस कमरे में बैठकर पीएससी का इंटरव्यू दिया था, बाद में उसी कमरे में वर्षों पीएससी के चैयरमेन के रूप में बैठने का अवसर अशोक कुमार पाण्डेय को प्राप्त हुआ. यह उनके कठिन जीवन की साधना और तपस्या का प्रतिफल था।
कार्यक्रम के प्रारम्भ में प्रोफेसर चन्द्रपाल सिंह सिकरवार के जीवन-वृत को व्याख्याता केशव शर्मा ने रेखांकित किया. कार्यक्रम में स्वागत भाषण डॉ. आर.आर. धाक? ने दिया. कार्यक्रम के संचालन की कमान प्रोफेसर दिग्विजय सिंह सिकरवार ने संभाली. आभार व्याख्याता भरत भार्गव ने व्यक्त किया. अरविंद सिकरवार रक्षित निरीक्षक ने प्रोफेसर सिकरवार की जीवन-यात्रा पर आधारित स्वरचित गीत से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया. पूर्व विधायक प्रहलाद भारती आयोजन समिति के संरक्षक के रूप में मंचासीन रहे एवं अतिथियों को स्मृति चिन्ह भेंट किये।
जो जमाने के लिए जीता है, उसी को सदैव याद किया जाता है : कलेक्टर अक्षय कुमार सिंह
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कलेक्टर अक्षय कुमार सिंह ने कहा कि उन्हें इस बात का हमेशा रंज रहेगा कि वे अपने जीवन में प्रोफेसर चन्द्रपाल सिंह सिकरवार से कभी सीधे संपर्क में नहीं रह सके. पर उनके बारे में इस जिले में जितना भी सुना है उससे महसूस होता है कि जो जमाने के लिए जीता है, उसे सदैव याद किया जाता है।
महापुरुषों के जीवन से सदैव पॉजिटिव वाइब्रेशन मिलती है : राजेश सिंह चंदेल, एसपी
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए एसपी राजेश सिंह चंदेल ने कहा कि महापुरुषों के जीवन से सदैव पॉजिटिव वाइब्रेशन मिलती है. उन्होंने कहा कि प्रोफेसर चन्द्रपाल सिंह सिकरवार से वे कभी मिल न सके इसे वे अपना दुर्भाग्य मानते हैं। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए आईटीबीपी के डीआईजी रघुवीर सिंह वत्स ने प्रोफेसर चन्द्रपाल सिंह सिकरवार को शाब्दिक स्मृत्यान्जलि अर्पित की और कहा कि अपने गुरु की स्मृतियां विद्यार्थियों को जीवन पर्यंत याद रहती हैं और जीवन के हर मोड़ पर मार्गदर्शन करती हैं।
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