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Sunday, August 22, 2021

कोरेाना काल और बाढ़ आपदा के बीच सादगी के साथ मना रक्षाबंधन का त्यौहार



आज मनाया जाएगा भुजरिया पर्व, भुजरिया तालाब पर उमड़ेंगें लोग

शिवपुरी-कोरेाना काल और प्राकृतिक बाढ़ रूपी आपदा के बीच इस वर्ष सादगी के साथ रक्षाबंधन का त्यौहार मनाया गया। हालांकि शहर में बाजार तो सजा लेकिन रौनक ना के बराबर रही। खासकर महिलाओं के उत्साह और उल्लास का यह त्यौहार इस बार बाढ़ से हुए नुकसान और कोरोना काल के बीच अपनों को खाने के बीच मनाया गया जिसमें उत्साह कम और सादगी अधिक नजर आई। यही कारण है कि दूरस्थ ग्रामीण अंचलों में तो हालात ही विपरीत नजर आए जहां महिलाओं ने ग्राीमण क्षेत्रों में बाढ़ के हालातों के बीच जैसे-तैसे यह त्यौहार मनाया। कुछ यही हालात शहर के उन स्थानों के भी रहे जहां बाढ़ ने लोगों को लाखों रूपये के नुकसान का दर्द पहुंचाया। इस दौरान शहर के कुछ ही क्षेत्रों में रक्षाबंधन के त्यौहार की रौनक नजर आई बाबजूद इसके संपूर्ण जिले में पारंपरिक तौर पर रक्षाबंधन का पर्व मनाया गया।

जेल में नहीं हुई मुलाकात, लगा प्रतिबंध

कोरोना की तीसरी लहर के मद्देनजर संभावना को देखते हुए इस वर्ष रक्षाबंधन के त्यौहार पर संपूर्ण जिलों की जेल, उपजेल में मुलाकात पर आज पूरी तरह से प्रतिबंध लगा रहा। यहां सर्किल जेल प्रभारी विदित सरवैंया ने बताया कि शासन के निर्देशों के तहत कोरोना के तीसरे फेज को देखते हुए शासन स्तर से जेलों में मुलाकात पर प्रतिबंध लगाया गया है जिसका हम समस्त जिला जेलों में पालन कर रहे है। बता दें कि रक्षाबंधन के त्यौहार पर अधिकांश बहिनें जेलों में बंद अपने भाईयों से रक्षासूत्र बांधकर उनसे आगे से अपराध की दुनिया से बाहर निकलने का संकल्प लेती है लेकिन इस बार यह संकल्प जेलों में नहीं हो सका बाबजूद इसके घरों पर रहकर ही महिलाओं बहिनों ने अपनों के बीचों रहकर रक्षाबंधन का त्यौहार मनाया।

आज मनाया जाएगा भुजरिया पर्व

एक ओर कोरोनाकाल है तो दूसरी ओर रीतिरिवाजों और परंपराओं से ओतप्रोत तीज-त्यौहार यही कारण है कि रक्षाबंधन के त्यौहार के बाद आज सोमवार को भुजरिया पर्व मनाया जाएगा। पारंपरित रीतिरिवाज के अनुसार भुजरिया विसर्जन के बाद बड़ों को भुजरिया देकर उनसे आर्शीवाद लेने की परंपरा है और यह किसी एक व्यक्ति जाति विशेष नहीं बल्कि इस अवसर पर अपने सारे गिले-शिकवे भुलाकर एक-दूसरे को भुजरिया देकर गले भी लगाया जाता है। इस पारंपारिक त्यौहार पर ट्रैफिक व्यवस्था को लेकर छत्री रोड़ पर लोगों के भीड़ उमडऩे की संभावना है जिसे देखते हुए छत्री रोड़ पर कम ही संख्या में लोग पहुंचेंगें जिन्हें रीतिरिवाज अनुसार ही भुजरिया विसर्जन के बाद वहां से जाने को कहा जाएगा ताकि भीड़ एकत्रित ना हो और त्यौहार में भी कोई खलल ना हो। शहर के छत्री रोड़ स्थित भुजरिया तालाब, कालीमाता मंदिर, भदैयाकुण्ड सहित बाणगंगा स्थलों पर लोग भुजरिया विसर्जन के लिए पहुंचते है जहां पुलिस सुरक्षा व्यवस्था के तौर पर मौजूद रहेगी।

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