शिवपुरी। न्यू बस स्टैण्ड पोहरी वायपास के समीप दो पक्षों में रास्ता बंद किए जाने को लेकर विवाद हो गया और बाद में दोनों ही पक्षों में मारपीट हो गई। चूंकि इसमें एक व्यक्ति कलेक्ट्रेट कार्यालय का चपरासी रहा इसलिए स्थानीय विवाद करने वाले लोग मंगलवार को होने वाली जनसुनवाई में पहुंचे और शिकायत दर्ज कराई। यहां लालाराम, लक्ष्मण सिंह, निवासी वार्ड नंबर 12 शिवपुरी ने बताया कि वह न्यू बस स्टैंड पोहरी बाईपास के पास रहते हैं 13 मार्च को नारायण सिंह कुशवाह, शिवकुमार, बालू पत्नी शिव कुमार, मोहन एवं तरुण पुत्र शिवकुमार लाठी लोहागी लेकर आए और उन्होंने हमारे आने जाने का रास्ता बंद कर दिया। जब हमने कारण पूछा तो सभी ने मिलकर हमारी मारपीट कर दी।
इस मारपीट का वीडियो भी हमारे पास है। मारपीट के दौरान एक महिला जिसका नाम बालू है वह कह रही थी कि उसका पति कलेक्टर के यहां नौकरी करता है वह सबको झूठे केस में फंसा कर बंद कर दूंगी। उक्त महिला द्वारा पूर्व में भी महिला थाने में मारपीट वह छेड़छाड़ का किस दर्ज करवाया गया है अधिकारियों को लालाराम ने बताया कि रास्ता बंद हो जाने के कारण उन्हें काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है इसलिए रास्ते को खुलवा है और सारे विवादों की जड़ शिवकुमार जोकि कलेक्ट्रेट कार्यालय में चपरासी है उस पर कार्रवाई कर निलंबित किया जाए।
वहीं दूसरे पक्ष के मोनू कुशवाह का कहना है कि वह व उसके माता-पिता रात में घर में बैठकर चाय पी रहे थे तभी वहां घनश्याम कुशवाह, पूरन कुशवाह, लालाराम कुशवाह, जगदीश कुशवाह एक राय होकर आए और गाली-गलौंज करने लगे। जब गाली देने से मना किया तो हम पर पत्थर व लात-घूसों से हमला कर दिया जिससे हमारे सिर व शरीर में अन्य जगह चोटें आई। उक्त लोगों ने जान से मारने की भी धमकी दी। मामले को लेकर पुलिस में भी आवेदन दिया लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसलिए वह सुनवाई को लेकर कलेक्ट्रेट में चल रही जनसुनवाई कार्रवाई की मांग को लेकर पहुंचे।
सेवानिवृत्ति के 10 साल बाद भी नहीं मिली सुरक्षा राशि तो कलेक्ट्रेट पहुंचकर मांगी इच्छा मृत्यु
मंगलवार को आयोजित हुई जनसुनवाई में एक उम्रदराज व्यक्ति वह भी आया जब उसके सेवानिवृत्ति के 10 साल बीत गए लेकिन उसे मिलने वाली सुरक्षा राशि अब तक नहीं मिली जिससे आहत होकर वह कलेक्ट्रेट परिसर स्थित परिसर में पहुंचकर जनसुनवाई में पहुंचा और अपनी शिकायत दर्ज कराते हुए इच्छामृत्यु की मांग की। यहां शिकायत करने आए महेश शर्मा निवासी शिवपुरी ने बताया कि 31 मार्च 2012 को समिति प्रबंधक के पद पर से वह सेवानिवृत्त हुए 10 साल गुजर जाने के बाद भी उनकी सिक्योरिटी राशि 1 लाख राशि 19500 का आज तक भुगतान नहीं किया गया है। मामले को लेकर कई बार आवेदन दे चुके हैं लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं हो रही इसलिए महेश शर्मा ने आवेदन के माध्यम से अधिकारियों को बताया कि उसकी सिक्योरिटी राशि वापस दिलाई जाए नहीं तो उसे इच्छा मृत्यु करने की स्वीकृति दी जाए।
दिव्यांग ने जनसुनवाई में पहुंचकर गैंगरीन पीडि़त ने उपचार के नाम परमांगी राशि वापिसी की लगाई गुहार
जिले के ग्राम अमोला में रहने वाले भान सिंह पाल मंगलवार को आयोजित हुई जनसुनवाई में अपनी फरियाद लेकर आए थे यह बता दे कि भान सिंह पाल गैंगरीन बीमारी से पीडि़त है और पैरों से विकलांग है। वह जनसुनवाई में अपनी पत्नी के साथ आया था। यहां अधिकारियों के समक्ष अपनी समस्या बताते हुए भान सिंह ने बताया कि वह गैंगरीन बीमारी से पीडि़त है जिसका इलाज कराने के लिए वह डॉक्टर के पास गया हुआ था यह डॉक्टर ने इलाज के एवज में उससे राशि 2000 ले लिए उसे कोई फायदा भी नहीं हुआ है, भान सिंह ने बताया कि वह अत्यंत ही गरीब है और राशि 2000 उसके लिए बहुत मायने रखते हैं। इसलिए संबंधित डॉक्टर से उपचार के नाम पर लिए गए रुपए वापस दिलवाए जाए ताक वह अपनी बीमारी के इलाज में लगा सके और शासन के द्वारा पीडि़त को अपनी बीमारी के उपचार को लेकर आर्थिक मदद भी प्राप्त हो सके।
विवाह प्रोत्साहन को लेकर दिव्यांग रिंकी लगाई सहायता राशि की गुहार
शिवपुरी के ग्राम दीदावली तहसील करैरा की रहने वाली रिंकू परिहार पुत्री श्रीराम परिहार जनसुनवाई में पहुंची और अपने विभाग के लिए आर्थिक सहायता की मांग आवेदन के माध्यम से की। रिंकी ने बताया कि वह एक हाथ से 80 प्रतिशत दिव्यांग है उसके परिवार की आर्थिक स्थिति बहुत ही खराब है। 9 मई को उसका विवाह नीरज सिंह परिहार निवासी ग्राम किशनगढ़ जिला दतिया के साथ होना तय हुआ है। इस विवाह के खर्चे उठाने में उसका परिवार असमर्थ है इसलिए उसे मुख्यमंत्री कन्यादान योजना तथा दिव्यांग विवाह प्रोत्साहन राशि दिलवाई जाए।
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