जागो ग्राहक जागो की शपथ दिलाईशिवपुरी। उपभोक्ता अधिकार दिवस उपभोक्ताओं को सेवाएं प्रदान करने में लापरवाही ने 1960 के अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में उपभोक्ता मुद्दों को संबोधित करने के लिए एक मंच तैयार किया और विश्व स्तर पर इसका पालन किया गया। इसे यूनेस्को ने भी मान्यता दी थी। इसलिए हर साल 15 मार्च को विश्व उपभोक्ता अधिकार दिवस के रूप में मनाया जाता है। यद्यपि उपभोक्ता को अर्थव्यवस्था का राजा कहा जाता है, फिर भी उसे बाजार में लगातार अवरुद्ध किया जाता है,किसी को ठगा जाता है और धोखा दिया जाता है।
भारत सरकार ने उपभोक्ताओं के शोषण को रोककर उनके हितों की रक्षा के लिए 26 दिसंबर 1986 को उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम बनाया था, लेकिन केवल कानून अपने उद्देश्य को प्राप्त नहीं करता है। यह कानून कोई अपवाद नहीं है। यदि कानून का भय भय पैदा करना है, तो जिस तत्व के लिए यह अभिप्रेत है, उसे पहले जागरूक होना चाहिए। उसे कानून का हथियार चलाने में सक्षम होना चाहिए। नहीं तो यह अनपढ़ के सामने सैकड़ों उत्कृष्ट पुस्तकें रखने जैसा होगा। यह कहना था शक्तिशाली महिला संगठन के सयोंजक रवि गोयल का जो की ग्राम पिपरसमां में आगनवाड़ी परिसर में सुपोषण सखी को उपभोगताओ के संरक्षण एवम अधिकार पर जागरूकता कार्यक्रम में बोल रहे थे।
प्रोग्राम सहायक धर्मगिरी गोस्वामी ने कहा कि विकासशील देश में, वास्तविक उपभोक्ता संरक्षण के लिए उपभोक्ता संरक्षण, उपभोक्ता जागरूकता और उपभोक्ता जागरूकता आवश्यक है। कई मुद्दों के चक्रव्यूह में पाए जाने वाले ग्राहक प्रश्न अंतहीन हैं। ठेकेदार को सौंपने से समस्या का समाधान नहीं होता है। उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम के तहत कुछ मुद्दों को हल किया जा सकता है, लेकिन इसकी सीमाएं भी हैं। कार्यक्रम में आधा सैकड़ा सुपोषण सखी, आशा कार्यकर्ता एवम समुदाय के उपभोगताओं ने भाग लिया प्रोग्राम में सुपोषण कमला जाटव ने सबको किसी भी उपभोग की वस्तु का बिल अनिवार्य रूप से लेने की शपथ दिलाई एवम कोई भी सामान लेने से पहले उसकी प्राइस एवम एक्सपायरी डेट जरूर देख कर ही उपयोग करे।
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