मामला शराब दुकानों के नहीं हुए ठेके, 01 अप्रैल से विभाग संभालेगा कमानशिवपुरी। शहर में संचालित शराब दुकानों को आगामी समय में आबकारी विभाग संभालने वाला है और इसके लिए विभाग ने भी अपनी तेयारियां कर ली है। बता दें कि शहर में 31 मार्च को शराब के ठेके खत्म होने जा रहे हैं और एक अप्रैल से नए ठेके लागू हो जाएंगे। इस बार जिले की शराब की दुकानों को आबकारी विभाग ने 33 समूहों में बांटा था। इनसें से महज 46 दुकानों के ही ठेके लिए हैं, जबकि 67 दुकानों का ठेका लेने के लिए अभी कोई आगे नहीं आया है। इसमें जो दुकानें क्रीमी लेयर में शामिल हैं यानी ज्यादा बिक्री होती है वहां तो ठेकेदार सामने आ गए, लेकिन बाकी दुकानें शेष रह गईं। यहां तक कि शहरी क्षेत्र में भी 17 में से सिर्फ 7 दुकानों के ही ठेके हो पाए हैं।
एक दिन का बचा है समय, नहीं तो विभाग को संभालनी होगी जिम्मेदारी
इन हालातों में अब स्थिति यह है कि नए ठेके लागू होने में महज एक ही दिन का समय शेष बचा हुआ है। विभाग अभी पूरी कोशिश कर रहा है कि शराब ठेकेदारों को मना लें और शेष दुकानों में से कुछ के ठेके और उठ जाएं। अन्यथा की स्थिति में 1 अप्रैल से आबकारी विभाग के द्वारा ही इन शेष 67 दुकानों का संचालन किया जाएगा, इसके लिए कर्मचारियों की व्यवस्था करने प्रस्ताव भी भेजा गया है। अभी आबकारी का पूरा अमला और आउटसोर्स कर्मचारी इसकी कमान संभालेंगे। वहीं अब नए ठेके होने के पूर्व वर्तमान ठेकेदारों ने शराब की दुकानों के बाहर डिस्काउंट के बड़े-बड़े होर्डिंग लगा दिए। इसकी जानकारी जैसे ही आबकारी अधिकारी वीरेंद्र धाकड़ को लगी तो उन्होंने कार्रवाई के लिए टीम को भेजा। आबकारी के अमले ने दुकानों से होर्डिंग हटवाए और कई जगह इसके प्रकरण भी बना दिए।
महंगे ठेके होना है ठेकेदारों की उदासीनता का कारण
इस बार शराब के ठेकों प्रति ठेकेदारों की उदासीनता से यह भी स्पष्ट हो गया है कि प्रदेश के लिए जो सबसे अधिक राजस्व का जरिया है वह कारोबारियों के लिए अब घाटे का सौदा हो गया है। दरअसल 2015-16 में एक दम से ठेके की लागत लभगभ दोगुना हो गई थी। इसके बाद पिछले तीन सालों से 10 से 20 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी शुल्क में हो रही है। कारोबारियों का कहना है कि सरकार भले ही राजस्व से मुनाफा कमा रही है, लेकिन हमारे लिए कुछ नहीं बचा है। स्थिति यह है कि इस धंधे में अब 10 प्रतिशत का मार्जिन भी नहीं रह गया है।
इनका कहना है-
अभी जिले में 67 दुकानों के ठेके नहीं हुए हैं। यदि कोई ठेका नहीं लेता है तो फिर विभाग ही इनका संचालन करेगा। होम गार्ड सैनिकों हेतू प्रस्ताव भेजा गया है। इसके अलावा आउटासोर्स कर्मचारियों की मदद लेंगे।
वीरेंद्र धाकड़
आबकारी अधिकारी, शिवपुरी

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