वन परिक्षेत्र से करीब 300 बीघा भूमि को अतिक्रमण से कराया मुक्त
शिवपुरी- वन मंडल अधिकारी सुधांशु यादव के आदेश अनुसार एवं उपवन मंडल अधिकारी करैरा आदित्य शांडिल्य के निर्देशन में वन परिक्षेत्र अधिकारी बदरवास रवि पटेरिया के कुशल मार्गदर्शन में अतिक्रमण के विरुद्ध रेंज बदरवास में बुलडोजर कार्यवाही की गई। जिसके तहत रेंज बदरवास के बीट बसई में अनंत राम गुर्जर निवासी बील खेड़ा बसाई से वन क्षेत्र कक्ष क्रमांक आर.एफ. 152 से 150 बीघा जमीन मुक्त कराई एवं जेसीबी से कंटूर खुदाई अनंत राम गुर्जर पर वैधानिक कार्रवाई की गई।
इसी क्रम में कक्ष क्रमांक 182-183 बीट रामपुरी में 150 बीघा वन भूमि से मुक्त कराकर उसमें जेसीबी से अतिक्रमण विरोधी खंती खोदी गई एवं अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई निरंतर जारी है। अतिक्रमण के खिलाफ रेंज बदरवास स्टाफ के अलावा वन मंडल उडऩ दस्ता स्टाफ का भी सराहनीय योगदान रहा। इस कार्यवाही में वन मंडल उडऩदस्ता प्रभारी टी आर चोपड़ा, रवि पटेरिया वन परिक्षेत्र अधिकारी बदरवास, विष्णु खंगार उप वन क्षेत्रपाल, अरविंद पाराशर उपवन क्षेत्रपाल, संतोष शर्मा वनपाल, महिलाल जाटव वनपाल, पुरुषोत्तम शर्मा वनरक्षक बीट मुड़ेरी, अरविंद शौर्य वनरक्षक नैना गिर, सूरज मारिया बीट रामपुरी, राम सुखी रघुवंशी वनरक्षक बीट मझारी, सोनू सोनी वनरक्षक वीटा आगरा, वासुदेव पटसरिया वनरक्षक बीट भद्रोन, आजाद सिंह वनरक्षक बसाई, शिवचरण कुशवाहा वनरक्षक, लखन सेन वनरक्षक एवं वनरक्षक वर्मा आदि अधिकारी-कर्मचारी शामिल रहे।
वन परिक्षेत्र पिछोर में भी अवैध उत्खनन के विरुद्ध कार्यवाही
सामान्य वन मंडल शिवपुरी के अंतर्गत पिछोर वन परिक्षेत्र में अवैध उत्खनन पर प्रभावी रोक लगाने हेतु आज मंगलवार को कार्यवाही की गई। यह कार्रवाई वनमंडलाधिकारी शिवपुरी सुधांशु यादव के निर्देशन एवं उप वनमंडलाधिकारी करैरा आदित्य शांडिल्य के मार्गदर्शन में वन परिक्षेत्राधिकारी पिछोर ऋषभ बिसारिया द्वारा की गई। वन अमले ने बीट पिपरो क्षेत्र में मौके पर कुछ व्यक्तियों को एक ट्रक में पत्थर फर्सी भरते हुए देखा। तत्काल कार्रवाई करते हुए ट्रक को जब्त कर अवैध उत्खनन संबंधी वन अपराध प्रकरण दर्ज किया गया। जब्तशुदा ट्रक को पत्थर फर्सी सहित सुरक्षा की दृष्टि से वन चौकी राजापुर में रखा गया है। इस दौरान ग्रामीणों को वन क्षेत्र की सुरक्षा के प्रति जागरूक किया गया और अपील की गई कि यदि कहीं भी अवैध गतिविधियां होती दिखाई दें तो तत्काल वन विभाग को सूचना दें, ताकि समय पर कार्यवाही की जा सके।


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