कब्जाधारी डॉ.नीतेश शर्मा को 6 लाख 41 हजार 600 रूपये का किराया दो माह में करने होंगें जमा, डेंगरे परिवार को मिली राहतशिवपुरी- शहर के समाजसेवी और व्यापारी अनिल डेंगर के स्वामित्व का मकान जो कि पोहरी रोड़ शिवपुरी पर सिद्धि विनायक हॉस्पिटल के समीप स्थित था जिसे कराए के रूप में डॉ.नीतेश शर्मा निवासी वर्मा कॉलोनी झांसी तिराहा को दिया गया लेकिन 01 जनवरी 2022 को किराए पर लेने के बाद इस बिल्डिंग पर जबरन कब्जा किया गया और सितम्बर 2022 के बाद ना तो किराया दिया ओर ना ही भवन खाली किया। ऐसे में अपने स्वामित्व की बिल्डिंग पर अवैध कब्जे को लेकर अपने अभिभाषक एस.एस.गोयल के माध्यम से माननीय न्यायालय प्रथम व्यवहार न्यायाधीश वरिष्ठ खण्ड के न्यायालय के अतिरिक्त न्यायाधीश ऋचा सिंह राजावत के समक्ष प्रकरण की सुनवाई हुई और माननीय न्यायालय के द्वारा महत्वपूर्ण निर्णय अनिल डेंगरे एवं उनकी धर्मपत्नि श्रीमती ज्योति गुप्ता के पक्ष में दिया गया जिसमें कब्जा धारी डॉ.नीतेश शर्मा को दो माह के अंदर पूरे किराए के रूप में 6 लाख 41 हजार 600 रूपये जमा करने होंगें और बिल्डिंग भी खाली करनी होगी। इस निर्णय से डेंगर परिवार में हर्ष की लहर व्याप्त है और सभी परिजनों ने माननीय न्यायालय के प्रति कृतज्ञता प्रकट की है।
प्रकरण के अनुसार फरियादी अनिल कुमार डेंगर पुत्र नंदकिशोर डेंगरे एवं श्रीमती ज्योति गुप्ता पत्नि अनिल कुमार डेंगरे निवासी टेकरी गली, हाल निवासी शंकर कॉलोनी शिवपुरी के द्वारा 01 जनवरी 2022 को अपने नवनिर्मित तीन मंजिला भवन को किराए के रूप में चिकित्सक डॉ.नीतेश कुमार शर्मा पुत्र डॉ.के.के.शर्मा निवासी वर्मा कॉलोनी झांसी तिराहे के पास शिवपुरी को दिनांक 23.10.2021 को दिया था और तभी एग्रीमेंट भी किया गया था जिसमें प्रतिमाह 80 हजार रूपये किराया बिल्डिंग का तय हुआ था लेकिन यह किराया 01 जनवरी 2022 से देने पर सहमति बनी।
हालांकि डॉ.नीतेश शर्मा के द्वारा किराए के रूप में राशि कुछ समय तो दी गई लेकिन चंद माह किराया देकर डेंगरे परिवार की इस बिल्डिंग पर अवैध कब्जा करने का कार्य किया गया जिसमें मनमानी करते हुए भवन का नाम नारायण कॉम्पलेक्स को बदलकर ऊॅ डेन्टल क्लीनिक किया गया जब भवन स्वामी ने आपत्ति जताई तो डॉ. के द्वारा भवन स्वामी के साथ वाद-विवाद व अभद्रता की गई और फिर भवन का कोई किराया भी नहीं दिया गया। अपनी संपत्ति पर जबरन अवैध कब्जे को लेकर फरियादी अनिल डेंगर के द्वारा इस प्रकरण की शिकायत तत्समय एसपी, एसडीओपी व पुलिस थाना कोतवाली में भी की गई लेकिन जब कोई कार्यवाही नहीं हुई तो अपने अभिभाषक एस.एस.गोयल के माध्यम से माननीय न्यायालय की शरण ली।
यहां वर्ष 01 जनवरी 2022 से लेकर फैसला दिनांक 23 दिसम्बर 2025 को डेंगरे परिवार को राहत मिली और पूरे प्रकरण में माननीय न्यायालय प्रथम व्यवहार न्यायाधीश वरिष्ठ खण्ड के न्यायालय के अतिरिक्त न्यायाधीश ऋचा सिंह राजावत के द्वारा प्रकरण की सुनवाई उपरांत निर्णय पारित किया गया कि आधिपत्य दिनांक से दो माह के भीतर प्रतिवादी डॉ.नीतेश शर्मा के द्वारा वादीगण अनिल डेंगरे एवं श्रीमती ज्योति गुप्ता को दिनांक 01.01.2022 से किरायानामा प्रारंभ होने से दिनांक 30.09.2022 तक का बकाया राशि 6 लाख 41 हजार 600 रूपये जमा किए जाए साथ ही वाद प्रस्तुति दिनांक से डिक्री दिनांक तक का कुल भाड़ा 80 हजार रूपये प्रतिमाह जिसमें से 60 हजार तथा 20 हजार रूपये पर 18 प्रतिशत जीएसटी की दर से प्रतिमाह 83600 रूपये की दर से तथ डिक्री दिनांक से रिक्त कब्जा सुपुर्द करने की दिनांक तक उपरोक्तानुसार भाड़ा भवन स्वामी अनिल कुमार डेंगरे एवं श्रीमती ज्योति गुप्ता को अदा किया जावे। इसके साथ ही प्रतिवादी डॉ.नीतेश शर्मा के द्वारा स्वयं का और वादीगणों का वाद व्यय भी देना होगा।

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