शिवपुरी। सिद्ध क्षेत्र खेड़ापति सरकार के पावन दरबार में भक्ति और अध्यात्म का अद्भुत संगम देखने को मिला। सौभाग्य योग, पुष्य नक्षत्र और गोविंद द्वादशी के अत्यंत दुर्लभ व शुभ संयोग पर श्री श्री 1008 स्वामी नीलमणि दास जी महाराज के सानिध्य में भव्य दीक्षा कार्यक्रम संपन्न हुआ।इस पावन अवसर पर शुभ्रा शर्मा, अनुराधा शर्मा और हेमलता शर्मा ने विधि-विधान के साथ स्वामी जी से दीक्षा ग्रहण कर आध्यात्मिक पथ पर अग्रसर होने का संकल्प लिया। दीक्षा समारोह से पूर्व खेड़ापति हनुमान मंदिर परिसर में विशेष हवन, पूजन और महाआरती का आयोजन किया गया, जिससे संपूर्ण वातावरण भक्तिमय और सकारात्मक ऊर्जा से सराबोर हो गया। स्वामी नीलमणि दास जी महाराज ने शिष्याओं को आशीर्वाद देते हुए कहा कि गुरु दीक्षा केवल एक संस्कार नहीं, बल्कि आत्मा के कल्याण का मार्ग है। शास्त्रों में पुष्य नक्षत्र और गोविंद द्वादशी के मिलन को साधना के लिए सर्वश्रेष्ठ माना गया है। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद वितरण किया गया।
शिवपुरी। सिद्ध क्षेत्र खेड़ापति सरकार के पावन दरबार में भक्ति और अध्यात्म का अद्भुत संगम देखने को मिला। सौभाग्य योग, पुष्य नक्षत्र और गोविंद द्वादशी के अत्यंत दुर्लभ व शुभ संयोग पर श्री श्री 1008 स्वामी नीलमणि दास जी महाराज के सानिध्य में भव्य दीक्षा कार्यक्रम संपन्न हुआ।इस पावन अवसर पर शुभ्रा शर्मा, अनुराधा शर्मा और हेमलता शर्मा ने विधि-विधान के साथ स्वामी जी से दीक्षा ग्रहण कर आध्यात्मिक पथ पर अग्रसर होने का संकल्प लिया। दीक्षा समारोह से पूर्व खेड़ापति हनुमान मंदिर परिसर में विशेष हवन, पूजन और महाआरती का आयोजन किया गया, जिससे संपूर्ण वातावरण भक्तिमय और सकारात्मक ऊर्जा से सराबोर हो गया। स्वामी नीलमणि दास जी महाराज ने शिष्याओं को आशीर्वाद देते हुए कहा कि गुरु दीक्षा केवल एक संस्कार नहीं, बल्कि आत्मा के कल्याण का मार्ग है। शास्त्रों में पुष्य नक्षत्र और गोविंद द्वादशी के मिलन को साधना के लिए सर्वश्रेष्ठ माना गया है। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद वितरण किया गया।

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