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𝙎𝙝𝙞𝙫𝙥𝙪𝙧𝙞 𝙆𝙝𝙖𝙗𝙖𝙧

Wednesday, March 11, 2026

महामंडलेश्वर स्वामी नीलमणिदास जी महाराज का पावन संकल्प , देवकीनंदन ठाकुर जी करेंगे श्रीमद् भागवत की अमृतवर्षा


शिवपुरी में 1000 सहस्त्र चंडी महायज्ञ से गूंजेगा सनातन का उद्घोष

शिवपुरी। धर्म, संस्कृति और आस्था के संगम से आज शिवपुरी की धरा साक्षात देवलोक में परिवर्तित हो गई। खेड़ापति पीठाधीश्वर श्री श्री 1008 महामंडलेश्वर स्वामी नीलमणिदास जी महाराज के पावन सानिध्य में आयोजित गुड़ी पड़वा महामहोत्सव के अंतर्गत 1000 सहस्त्र चंडी महायज्ञ और श्रीमद् भागवत कथा का भव्य मंगलारंभ हुआ। बलारी माता मंदिर से शुरू हुई श्रद्धा की पदयात्रा जब खेड़ापति हनुमान मंदिर पहुंची, तो हजारों भक्तों के जयघोष से आकाश गुंजायमान हो उठा। बलारी माता मंदिर से खेड़ापति हनुमान मंदिर तक निकली पदयात्रा में सैकड़ो महिलाएं पुरुष व साधुजन शामिल हुए, जगह-जगह पुष्पवर्षा कर महाराज श्री का अभिनंदन किया गया।

त्योहारों को भूलना आत्मघाती : महामंडलेश्वर नीलमणिदास जी
आज के आधुनिक परिवेश पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए महाराज नीलमणिदास जी ने कहा कि आज बड़े दु:ख का विषय है कि हमारी नई पीढ़ी और समाज विदेशी चकाचौंध में अपने मूल संस्कारों और गौरवशाली त्योहारों को भूलता जा रहा है। हमने गुड़ी पड़वा (हिंदू नव वर्ष) के अवसर पर यह विशाल आयोजन इसीलिए रखा है ताकि हिंदू समाज को अपनी सांस्कृतिक जड़ों और पर्वों की याद दिलाई जा सके। जब तक हम अपनी पहचान नहीं बचाएंगे, राष्ट्र सशक्त नहीं होगा।

विश्वविख्यात कथा व्यास देवकीनंदन ठाकुर जी सुनाएंगे भागवत रसधार
इस महोत्सव का मुख्य आकर्षण विश्वविख्यात कथा व्यास देवकीनंदन ठाकुर जी महाराज (वृंदावन धाम) होंगे। उनके मुखारविंद से प्रवाहित होने वाली श्रीमद् भागवत कथा के माध्यम से भक्तों को ज्ञान, भक्ति और वैराग्य की त्रिवेणी में स्नान करने का अवसर मिलेगा। महाराज श्री ने बताया कि कथा के साथ-साथ चल रहा 1000 सहस्त्र चंडी महायज्ञ राष्ट्र की सीमाओं की सुरक्षा और नकारात्मक ऊर्जा के नाश के लिए एक अभेद्य कवच सिद्ध होगा।

अधर्म के विरुद्ध आध्यात्मिक युद्ध : मोहित दास
इस पुनीत अवसर पर मोहित दास जी महाराज ने भी अपना मत रखते हुए कहा कि महाराज श्री के नेतृत्व में शिवपुरी की धरती पर हो रहा यह महायज्ञ केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि समाज में व्याप्त वैचारिक प्रदूषण और अधर्म के विरुद्ध एक आध्यात्मिक शंखनाद है। यह आयोजन सामाजिक समरसता की मिसाल पेश करेगा जहां जाति-पाति का भेद मिटाकर हर सनातनी एक सूत्र में बंधेगा।

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