शिवपुरी-करैरा द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश श्रीमती मोनिका आध्या के द्वारा दिए गए महत्वपूर्ण फैसले में फर्जी दस्तावेज तैयार कर जमीन हड़पने के मामले में आरोपी ओबेदुल्ला उर्फ बॉबी एवं दिर्ग पाल सिंह को तीन हजार व दो हजार के अर्थदंड के साथ 5 वर्ष एवं 7 वर्ष का कारावास की सजा से दण्डित किया गया। बताना होगा कि ओबेदुउल्ला उर्फ बॉबी करैरा के फूटे तालाब पर अमन पैथोलॉजी लैब संचालित करता है। करैरा न्यायालय में फर्जी दस्तावेज तैयार कर जमीन हड़पने के प्रयास के मामले में महत्वपूर्ण फैसला सुनाया गया है। न्यायालय ने इस प्रकरण में मृतक कवी उल्ला निवासी माड़ोरी पुरा आरोपी ओबेदुल्ला उर्फ बॉबी उम्र 35 वर्ष जाति मुस्लिम पिता कवि उल्ला निवासी माड़ोरी वार्ड नंबर 01 करैरा तथा दिर्गपाल सिंह बुंदेला पुत्र जयपाल सिंह उम्र 28 वर्ष निवासी कन्या विद्यालय के पास वार्ड नंबर 05 कस्बा करैरा को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई है।प्राप्त जानकारी के अनुसार यह मामला करैरा क्षेत्र के लोटनपुरा टीला रोड स्थित जमीन से जुड़ा हुआ है। इस मामले में सफीउल्लाह खान निवासी मरोड़ीपुरा द्वारा न्यायालय में परिवाद दाखिल किया गया था। परिवाद में आरोप लगाया गया था कि आरोपियों ने आपसी साजिश कर जमीन के संबंध में फर्जी मुख्तियारनामा (पावर ऑफ अटॉर्नी) तैयार किया और उसके आधार पर जमीन से संबंधित कार्यों में लाभ लेने का प्रयास किया। मामले की सुनवाई के दौरान परिवादी शफी उल्ला पक्षकार की ओर से शासकीय अधिवक्ता हर्षवर्धन दुबे अधिवक्ता विनोद धाकड़,अधिवक्ता अतुल भार्गव सहयोगी द्वारा न्यायालय में प्रभावी पैरवी की गई। न्यायालय के समक्ष दस्तावेजी साक्ष्य और कानूनी तथ्यों को विस्तार से प्रस्तुत किया, जिसके आधार पर द्वितीय सत्र अपर न्यायाधीश श्रीमती मोनिका आध्या ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपियों को दोषी माना।
सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर न्यायालय ने पाया कि आरोपियों ने मिलकर आपराधिक साजिश के तहत फर्जी दस्तावेज तैयार किए और उन्हें असली बताकर उपयोग करने का प्रयास किया। सभी तथ्यों और साक्ष्यों को ध्यान में रखते हुए न्यायालय ने आरोपियों को भारतीय दंड संहिता की, धारा 467 (महत्वपूर्ण दस्तावेज की जालसाजी), धारा 468 (धोखाधड़ी के उद्देश्य से जालसाजी के तहत दोषी ठहराया है। लंबे समय से चल रही सुनवाई के बाद न्यायालय ने आज अपना फैसला सुनाते हुए दोनों आरोपियों को 5 वर्ष एवं सुबह 7 वर्ष की सजा सुनाई। परिवादी सफीउल्लाह ने नाम आंखों के साथ न्यायालय का शुक्रिया अदा किया और कहा की आज सत्य की जीत हुई है।

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