शिवपुरी-जिले के बरोदी निवासी संतोष सैन के पुत्र राज सैन ने कक्षा 10वीं की परीक्षा में 97 प्रतिशत अंक प्राप्त कर अपने परिवार, गांव और जिले का नाम रोशन किया है। राज ने ग्वालियर के गोरखी हायर सेकेंडरी स्कूल से यह शानदार उपलब्धि हासिल की।राज की इस सफलता के पीछे कड़ी मेहनत और संघर्ष की प्रेरणादायक कहानी छिपी हुई है। उनके पिता संतोष सैन ट्रक ड्राइवर हैं, जो काम के सिलसिले में महीनों तक घर से बाहर रहते हैं। वहीं उनकी माता खेती-बाड़ी कर परिवार का पालन-पोषण करती हैं। आर्थिक स्थिति मजबूत न होने के बावजूद परिवार ने बच्चों की शिक्षा में कोई कमी नहीं आने दी। बेहतर शिक्षा के लिए राज को उनकी बुआ-फूफा अपने साथ ग्वालियर ले गए, जहां रहकर उन्होंने पढ़ाई की और यह मुकाम हासिल किया। राज के दो छोटे भाई-बहन भी हैं, जो पढ़ाई में काफी होनहार हैं और अपने बड़े भाई से प्रेरणा ले रहे हैं। राज की इस उपलब्धि ने यह साबित कर दिया है कि कठिन परिस्थितियां भी मजबूत इरादों के आगे टिक नहीं सकतीं। उनकी सफलता क्षेत्र के अन्य विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी।
शिवपुरी-जिले के बरोदी निवासी संतोष सैन के पुत्र राज सैन ने कक्षा 10वीं की परीक्षा में 97 प्रतिशत अंक प्राप्त कर अपने परिवार, गांव और जिले का नाम रोशन किया है। राज ने ग्वालियर के गोरखी हायर सेकेंडरी स्कूल से यह शानदार उपलब्धि हासिल की।राज की इस सफलता के पीछे कड़ी मेहनत और संघर्ष की प्रेरणादायक कहानी छिपी हुई है। उनके पिता संतोष सैन ट्रक ड्राइवर हैं, जो काम के सिलसिले में महीनों तक घर से बाहर रहते हैं। वहीं उनकी माता खेती-बाड़ी कर परिवार का पालन-पोषण करती हैं। आर्थिक स्थिति मजबूत न होने के बावजूद परिवार ने बच्चों की शिक्षा में कोई कमी नहीं आने दी। बेहतर शिक्षा के लिए राज को उनकी बुआ-फूफा अपने साथ ग्वालियर ले गए, जहां रहकर उन्होंने पढ़ाई की और यह मुकाम हासिल किया। राज के दो छोटे भाई-बहन भी हैं, जो पढ़ाई में काफी होनहार हैं और अपने बड़े भाई से प्रेरणा ले रहे हैं। राज की इस उपलब्धि ने यह साबित कर दिया है कि कठिन परिस्थितियां भी मजबूत इरादों के आगे टिक नहीं सकतीं। उनकी सफलता क्षेत्र के अन्य विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी।

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