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Friday, April 10, 2026

तनाव और स्वस्थ जीवन जीने के लिए हास-परिहास जरूरी : डॉ.स्वामी शिवचन्द्र जी







बृज की फूलों की होली के साथ श्रीसुदामा चरित कथा वृतान्त के श्रीमद् भागवत कथा का विश्राम, हवन-पुर्णाहुति आज  

शिवपुरी- आज के जीवन में मनुष्य भागम-भाग युक्त जीवन जा रहा है लेकिन इस जीवन में तनाव और स्वस्थ जीवन के लिए हास-परिहास भी जरूर करें, क्योंकि एक-दूसरे के सुख-दु:ख में सहभागी तो बने लेकिन तनाव युक्त जीवन से यदि दूर रहना है तो आध्यात्म का मार्ग अपनाऐं, श्रीठाकुर ने स्वयं अपना पूरा जीवन दूसरों के लिए समर्पित कर दिया और उन्होंने अपनी बाल लीला से लेकर कंस वध और श्रीकृष्ण सुदामा चरित के रूप में मानव जीवन को यह संदेश दिया है कि कभी भी अपने आप को अकेला ना समझे और जीवन में रंग-भरने के लिए हास-परिहास, मिलना-जुलना, धर्म-आध्यात्म आदि मार्गो को भी अपनाऐं ताकि यह मानव जीवन भी विभिन्न रूपों को ग्रहण कर मोक्ष के मार्ग की ओर प्रशस्त हो और दूसरों के लिए भी सदैव समर्पित भाव से सहयोग प्रदान कर उनका जीवन भी खुशहाल बनाऐं, श्रीकृष्ण-सुदामा की मित्रता श्रीमद् भागवत कथा में यह सीख देती है कि जीवन में अच्छे मित्र रखें और मित्र की सार्थकता को उन्होंने सुदामा के रूप में सार्थक करके भी दिखाया है जब वह गरीब ब्राह्मण होकर भी श्रीकृष्ण के महल पहुंचते है तो वह राजा के रूप में नहीं बल्कि एक मित्र के रूप में दौड़े-दौड़े सुदामा के पास पहुंचते है और मित्रता के भाव को दूसरों के लिए साकार करके दिखाया। 

मित्रता का यह भाव बताया स्वामी रामतीर्थ मिशन के परमाध्यक्ष डॉ स्वामी शिवचंद्र जी महाराज ने जिन्होंने अपनी भाव भरी ओजस्वी वाणी में श्रीमद् भागवत कथा के विश्राम दिवस के अवसर पर श्रीकृष्ण सुदामा चरित कथा का वृतान्त श्रवण कराया। इसके पूर्व कथा में बृज की होली बड़े उत्साह के साथ खेली गई और सभी ने मिलकर श्रीठाकुरजी को स्मरण करते हुए कथा का रसपान किया। इस अवसर पर कथा प्रारंभ से पूर्व श्रीमद् भागवत कथा पूजन कथा यजमान परिजन समाजसेवी दीवान अरविंद लाल, श्रीमती गीता दीवान एवं अर्जुन दीवान के द्वारा सपरिवार कथा का पूजन किया गया एवं तत्पश्चात पूज्य महाराज श्री का माल्यार्पण कर आर्शीवाद प्राप्त किया। 

कथा विश्राम दिवस पर  आध्यात्मिक गुरू डॉ.रघुवीर सिंह गौर, पूर्व विधायक माखन लाल राठौर, पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष राजू बाथम, भाजपा जिला महामंत्री के पी परमार, पूर्व जिला पंचायत उपाध्यक्ष जंडेल सिंह गुर्जर, युवा तरूणाई प्रशांत राठौर सहित अन्य गणमान्य नगरवासी शामिल रहे। इस दौरान कथा में व्यासपीठ से डॉ.स्वामी शिवचन्द्र जी ने भगवान श्रीकृष्ण के विवाह के रूप में 16108 विवाह के महत्व को भी बताया जिसमें उन्होंने बताया कि भगवान ने यह विवाह स्त्रीत्व की रक्षा के लिए किया। कथा में भजन ...ओ मेरे लाला को कोई मत देखो, नजरिया लग जाएगी, को सुन श्रोतागण भाव विभोर हो गए और नृत्य करते हुए ईश्वर भक्ति की। श्रीमद ्भागवत कथा के इस भव्य आयोजन को सफल बनाने में श्रीविष्णु मंदिर पुजारी सुशील कुमार भार्गव एवं दीपक भार्गव के साथ व्यवस्था में सहयोगी नीरज जैन, महेंद्र उपाध्याय, पार्षद अमरदीप शर्मा, सुनील खण्डेलवाल, वार्ड क्रं.27 से पार्षद श्रीमती सुमन-राजू बाथम, आदित्य भार्गव, भूपेन्द्र शर्मा, लखन, हेमंत आदि सेवादार के शामिल रहे। कथा विश्राम पश्चात शनिवार 11 अप्रैल को प्रात: 8 बजे से हवन-पुर्णाहुति होगी जिसमें कथा यजमान परिजन शामिल होंगें।

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