कथा के छठवें दिवस पर कन्हैया की लीलाओं से आनंदित हुए श्रद्धालुशिवपुरी। जिले के टेकरी सरकार की नगरी कहे जाने वाले पिछोर नगर में इन दिनों सिद्ध शक्तिपीठ टेकरी सरकार प्रांगण में टेकरी सरकार जन्म महोत्सव के दौरान श्रीमद् भागवत कथा का आयोजन संपन्न हो रहा है। आज कथा के पांचवें दिवस कथा व्यास भागवत भूषण रमाकांत जी व्यास महाराज ने भगवान कृष्ण के जन्म उपरांत उनकी लीलाओं का दृष्टांत सुनाते हुए श्रद्धालुओं से भरे पंडाल को आनंदित किया। संगीतमय भजनो के साथ झूमते नाचते हुए श्रद्धालुओं ने महाराज श्री के मधुर कंठ से उच्चारित भगवान की लीलाओं के साथ ज्ञान उपदेश ग्रहण किया। भागवत चर्चा करते हुए भागवत भूषण श्री व्यास जी महाराज ने बताया कि मित्र को ढाल की तरह होना चाहिए। महाराज श्री ने भाई को सबसे बड़ा मित्र बताया। उन्होंने कहा कि पाप आंख से प्रवेश करता है। इसलिए दृष्टि शुद्ध होना चाहिए। महाराज श्री ने गौ सेवा को बड़ा बताते हुए कहा कि गोपाल गायों के बीच रहते हैं। इसलिए गौ सेवा करनी चाहिए। जब तक हमारे देश की गाय सुखी नहीं होगी तब तक देश समृद्ध नहीं होगा। मां के दूध से बच्चे में प्रेम व संस्कार आते हैं। मां के दूध में शक्ति होती है। अपने बालक में अच्छे संस्कार दें। सबसे बड़ी गुरु मां होती है। महाराज श्री ने भगवान गोवर्धन की कथा श्रवण कराई। कथा के दौरान टेकरी सरकार समिति द्वारा श्रद्धालुओं को समुचित व्यवस्था प्रदान की गई थी। कथा के अंत में परीक्षित परिवार के अलावा उपस्थित अतिथियों एवं श्रद्धालुओं ने भगवान की महाआरती की।
कथा के छठवें दिवस पर कन्हैया की लीलाओं से आनंदित हुए श्रद्धालुशिवपुरी। जिले के टेकरी सरकार की नगरी कहे जाने वाले पिछोर नगर में इन दिनों सिद्ध शक्तिपीठ टेकरी सरकार प्रांगण में टेकरी सरकार जन्म महोत्सव के दौरान श्रीमद् भागवत कथा का आयोजन संपन्न हो रहा है। आज कथा के पांचवें दिवस कथा व्यास भागवत भूषण रमाकांत जी व्यास महाराज ने भगवान कृष्ण के जन्म उपरांत उनकी लीलाओं का दृष्टांत सुनाते हुए श्रद्धालुओं से भरे पंडाल को आनंदित किया। संगीतमय भजनो के साथ झूमते नाचते हुए श्रद्धालुओं ने महाराज श्री के मधुर कंठ से उच्चारित भगवान की लीलाओं के साथ ज्ञान उपदेश ग्रहण किया। भागवत चर्चा करते हुए भागवत भूषण श्री व्यास जी महाराज ने बताया कि मित्र को ढाल की तरह होना चाहिए। महाराज श्री ने भाई को सबसे बड़ा मित्र बताया। उन्होंने कहा कि पाप आंख से प्रवेश करता है। इसलिए दृष्टि शुद्ध होना चाहिए। महाराज श्री ने गौ सेवा को बड़ा बताते हुए कहा कि गोपाल गायों के बीच रहते हैं। इसलिए गौ सेवा करनी चाहिए। जब तक हमारे देश की गाय सुखी नहीं होगी तब तक देश समृद्ध नहीं होगा। मां के दूध से बच्चे में प्रेम व संस्कार आते हैं। मां के दूध में शक्ति होती है। अपने बालक में अच्छे संस्कार दें। सबसे बड़ी गुरु मां होती है। महाराज श्री ने भगवान गोवर्धन की कथा श्रवण कराई। कथा के दौरान टेकरी सरकार समिति द्वारा श्रद्धालुओं को समुचित व्यवस्था प्रदान की गई थी। कथा के अंत में परीक्षित परिवार के अलावा उपस्थित अतिथियों एवं श्रद्धालुओं ने भगवान की महाआरती की।


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