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Thursday, April 9, 2026

इन्द्र के अभिमान को नष्ट करने श्रीकृष्ण ने कराई गोवर्धन पूजा : डॉ.स्वामी शिवचन्द्र जी





विरह लीला के साथ महारास और श्रीकृष्ण-रूकमणी मंगल विवाह, महामण्डलेश्वर, महंत बांकड़े व जनप्रतिनिधि हुए शामिल

शिवपुरी- इस संसार में व्यक्ति को भी अपने आप में अहंकार अभिमान नहीं पालना चाहिए, क्योंकि जब द्वापर युग में इन्द्र को अभिमान था और उसके इस अभिमान को तोडऩे के लिए ही भगवान श्रीकृष्ण गोवर्धन को अपनी ऊंगली पर उठाया और गोवर्धन पूजा कराई, आज भी बृज में गोवर्धन परिक्रमा कर लोग पुण्य कमाते है, इसलिए कभी भी धन-दौलत या किसी भी प्रकार का कोई अभिमान ना पाले बल्कि प्रभु के शरणागत होकर जीवन जीऐं, जब ठाकुरजी ने गोपियों संग महारास किया और श्रीकृष्ण बृज को छोड़कर मथुरा के लिए जा रहे थे तब मॉं यशोदा और गोपियों का विरह हमें यह सीख देता है कि इस संसार में जन्म लिया है तो मृत्यु भी निश्चित है इसलिए किसी से इतना लगाव ना रखें कि इस दुनिया से जाने के बाद वह परिवार अथवा परिजन विरह की पीड़ा में रहे और इस विरह में वह स्वयं की ही सुध-बुध भूल जाए,

इसलिए मन लगाना है तो ठाकुर जी से लगाए वही मानव जीवन का कल्याण करेगें, कथा में भगवान श्रीकृष्ण-रूकमणी मंगल विवाह भी हमें सीख देता है कि मनुष्य का दांपत्य जीवन विश्वास की डोर से चलता है इसलिए जीवन के दोनों पहियों को परस्पर जोड़कर चलें, प्रेम, सद्भाव, समर्पण और सेवा के साथ अपने दांपत्य जीवन को जीऐं और प्रभु शरणागति के लिए धर्म-कर्म और सेवा के कार्यों में अग्रणीय रहकर कार्य करें। श्रीकृष्ण-गोपियों के विरह की पीड़ा और गोवर्धन पूजा का महत्व सहित मनुष्य के वैवाहिक जीवन को बड़े ही सरल आर्शीवचना में समझाया अभा स्वामी रामतीर्थ मिशन के परमाध्यक्ष डॉ स्वामी शिवचंद्र जी महाराज ने जिन्होंने अपनी भाव भरी ओजस्वी वाणी में श्रीमद् भागवत कथा का वाचन किया।

इस अवसर पर पूरा कथा पाण्डाल भी भावविभोर नजर आया और श्रद्धालुओं के नेत्रों से अश्रु की धारा बह निकली, इस विरह पीड़ा के बाद पूज्य डॉ स्वामी शिवचंद्र जी महाराज ने भगवान श्रीकृष्ण रूकमणी मंगल विवाह की कथा का श्रवण कराया तो पूरा पाण्डाल श्रीकृष्ण भक्ति में लीन हो गया। इस अवसर पर कथा प्रारंभ से पूर्व श्रीमद् भागवत कथा पूजन कथा यजमान परिजन समाजसेवी दीवान अरविंद लाल, श्रीमती गीता दीवान एवं अर्जुन दीवान के द्वारा सपरिवार कथा का पूजन किया गया एवं तत्पश्चात पूज्य महाराज श्री का माल्यार्पण कर आर्शीवाद प्राप्त किया।

कथा में धर्मलाभ प्राप्त करने के लिए जनप्रतिनिधि के रूप में पोहरी विधायक कैलाश कुशवाह, पूर्व विधायक माखन लाल राठौर, सांसद प्रतिनिधि हरिओम राठौर, भाजपा नेता रामस्वरूप रिझारी, श्रीबांकड़े मंदिर महंत डॉ गिरीश जी महाराज, महामण्डलेश्वर पुरुषोत्तम दास जी महाराज, आध्यात्मिक गुरु डॉ रघुवीर सिंह, समाजसेवी सुरेश दुबे, सर्व ब्राह्मण समाज के पूर्व अध्यक्ष राजेंद्र दुबे खजुरी, अध्यक्ष सर्व ब्राह्मण समाज भरत शर्मा, कपिल दुबे शिक्षक, एड रामवीर शर्मा बंटी पुजारी आदि सहित नगर के गणमान्य नागरिक शामिल हुए।

 इसके साथ ही कथा के इस भव्य आयोजन को सफल बनाने के लिए श्रीविष्णु मंदिर पुजारी सुशील कुमार भार्गव एवं दीपक भार्गव के साथ व्यवस्था में सहयोगी नीरज जैन, महेंद्र उपाध्याय, पार्षद अमरदीप शर्मा, सुनील खण्डेलवाल, वार्ड क्रं.27 से पार्षद श्रीमती सुमन-राजू बाथम, आदित्य भार्गव, भूपेन्द्र शर्मा, लखन, हेमंत आदि सेवादार के शामिल रहे। शुक्रवार को कथा का विश्राम दिवस है जहां श्रीकृष्ण-सुदामा चरित कथा श्रद्धालुओं को श्रवण कराई जाएगी। समस्त धप्रेमीजनों से अधिक से अधिक संख्या में कथा स्थल श्रीविष्णु मंदिर पहुंचकर धर्मलाभ प्राप्त करने का आग्रह कथा यजमान परिवार के द्वारा किया गया है।

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