विष्णु मंदिर प्रांगण में आयोजित कथा में जिला पंचायत अध्यक्ष नेहा यादव हुई शामिल, लिया धर्मलाभशिवपुरी- जीवन और मृत्यु क्या है यदि इसे जानना है तो इसके लिए श्रीमद् भागवत कथा का श्रवण जरूर करें, परमपिता परमात्मा ने इस संसार में जीव को यदि जन्म दिया तब निश्चित है कि उसे मृत्यु भी दी गई है लेकिन इस भंवर से यदि हमें अपने जीवन का कल्याण और मोक्ष का मार्ग प्राप्त करना है तो इसके लिए श्रीमद् भागवत कथा का श्रवण जरूर करें, यह कथा हमें जीवन जीने का मार्ग प्रशस्त करती है, यह कथा हमें जीवन के सही मूल्यों को बताती है और ऐसा नहीं है कि मनुष्य ने केवल आयोजन कर कथा का पुण्य लाभ ले लिया, यदि कथा का पुण्य लाभ लेना है तो इसे आत्मसात करना जरूरी है, इसलिए श्रीमद् भागवत कथा को यदि श्रवण करें तो उसे जीवन में भी उतार लें तभी यह मानव जीवन सदमार्ग की ओर जाएगा और जीव का कल्याण होगा। जीवन और मरण के इस भंवर बड़े ही सरल शब्दों में व्यासपीठ से समझाया अभा स्वामी रामतीर्थ मिशन के परमाध्यक्ष डॉ.स्वामी शिवचंद्र जी महाराज ने जो स्थानीय श्रीविष्णु मंदिर प्रांगण में श्री हरि विष्णु एवं समस्त भक्तगण शिवपुरी के साथ संयोजक शिवपुरी आध्यात्मिक सांस्कृतिक समाज कल्याण ट्रस्ट के तत्वाधान में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा के द्वितीय दिवस की कथा का श्रवण करा रहे थे।
इस अवसर पर कथा में जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती नेहा यादव भी कथा श्रवण करने पहुंची, जहां कथा प्रारंभ से पूर्व कथा यजमान परिजन समाजसेवी दीवान सुरेन्द्र लाल, श्रीमती गीता दीवान एवं अर्जुन दीवान के द्वारा सपरिवार कथा का पूजन किया गया एवं तत्पश्चात जिला पंचायत अध्यक्ष नेहा यादव के द्वारा पूजन करते हुए पूज्य महाराज श्री का माल्यार्पण कर आर्शीवाद प्राप्त किया। इस अवसर पर कथा के इस भव्य आयोजन को सफल बनाने के लिए यहां श्रीविष्णु मंदिर पुजारी सुशील कुमार भार्गव एवं दीपक भार्गव के साथ व्यवस्था में सहयोगी महेंद्र उपाध्याय, पार्षद अमरदीप शर्मा और पूर्व पार्षद हरिचरण पाल शामिल रहे। इन सभी के विशेष योगदान से भव्य श्रीमद् भावगत कथा का सुचारु रूप से संचालन हो रहा हैं, दीवान परिवार के सभी सदस्य दीवान अरविंद लाल, श्रीमती गीता दीवान, नीतू धीर और समस्त स्टाफ के साथ और नगर के गणमान्य नागरिक उपस्थित होकर श्रीमद् भागवत कथा का आनंद ले रहे हैं। कथा 4 अप्रैल से प्रारंभ होकर 11 अप्रैल तक जारी रहेगी जहां सायं 4 बजे से 7 बजे तक कथा का श्रवण धर्मप्रेमीजन कथा स्थल श्रीविष्णु मंदिर प्रांगण पहुंचकर ले सकेंगें।

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