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Thursday, April 9, 2026

सुनवाई न होने पर चिकित्सा शिक्षक आंदोलन को मजबूर :डॉक्टर शैलेंद्र रावल


12 सूत्रीय मांगों को लेकर चिकित्सा शिक्षक 21 अप्रैल से करेंगे आंदोलन 

शिवपुरी। चिकित्सा शिक्षकों द्वारा लंबे समय से की जा रही मांगों पर सुनवाई न होने और चिकित्सा सेवा क्षेत्र में व्याप्त असंतोष एवं आक्रोश के बाद अब आगामी 21अप्रैल से चिकित्सा शिक्षक प्रदेश व्यापी आंदोलन करने जा रहे हैं ।उक्त जानकारी देते हुए मेडिकल टीचर्स एसोसिएशन के सचिव डॉक्टर शैलेंद्र रावल ने मीडिया को दी जानकारी में बताया कि उनकी मांगों को लंबे समय से शासन स्तर पर रखने के बावजूद सुनवाई न होने पर मजबूरन आंदोलन पर विवश है। 

12 सूत्रीय मांगों के विषय में बताते हुए डॉक्टर शैलेंद्र रावल ने बताया कहा कि स्वशासी चिकित्सा महाविद्यालय में उच्च पदों पर पदोन्नति की  प्रक्रिया के माध्यम से ही पद पूर्ति की जाए यह उनकी पहली मांग है, जिससे कार्यरत शिक्षकों की वरिष्ठता सुरक्षित रह सके व अन्य हित सुरक्षित रह सके। अहर्ता पूर्ण करने के उपरांत संबंधित विभाग में सहायक प्राध्यापक के पद पर पदोन्नति प्रदान की जाना चाहिए। चिकित्सकों की दूसरी मांग में चिकित्सा एवं दंत चिकित्सा महाविद्यालय में स्वीकृत समयमान चयन वेतनमान का शत प्रतिशत क्रियान्वयन कर एक माह में लाभ प्रदान करने के अलावा तीसरी मांग में 5 अक्टूबर 2023 के विभागीय आदेश में से प्राध्यापक एवं प्राध्यापक संवर्ग के नाम को समयमान चयन वेतनमान योजना के अंतर्गत सम्मिलित किया जाना भी शामिल है ।इसी तरह चिकित्सा शिक्षकों की चौथी मांग में समयमान चयन वेतनमान में से प्राध्यापक सहायक प्राध्यापक ट्यूटर संवर्ग को उच्च वेतनमान स्वीकृत होने एवं एनएमसी की अहरता पूर्ण करने पर समयमान चयन वेतनमान समक्ष समयबद्ध पदनाम भी प्रदान किया जाना चाहिए ।

इसी तरह पांचवी मांग में वैश्विक कोविद-19 महामारी में अपने एवं परिवार के जीवन को खतरे में डालकर चिकित्सकों द्वारा फर्स्ट लाइन वॉरियर के रूप में किए गए कार्य के परिपेक्ष में उत्कृष्ट ग्रेडिंग निर्धारित किया जाना तथा छठी मांग में मंत्रिपरिषद के आदेश 109 दिनांक 4 अक्टूबर 2023 के परिपालन में सातवें वेतनमान में चिकित्सा शिक्षकों के मूल वेतन का निर्धारण तथा सातवें वेतनमान में सहायक प्राध्यापक संवर्ग हेतु 8 वर्ष की सेवा के बाद सेवा प्राध्यापक के समक्ष वेतन प्रदान करने की स्थिति वर्ष विलोपित प्रावधान को स्थापित किया जाना एवं आठवीं मांग में स्वशासी शिक्षकों को स्वीकृत ग्रेच्युटी के भुगतान हेतु भुगतान मद को निर्धारित किया जाना शामिल है।

 इसी तरह से स्वशासी शासकीय एवं शासकीय से शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय में नियुक्ति होने पर सर्विस प्रोटेक्शन का लाभ प्रदान किया जाना शामिल है ।दसवीं मांग में स्वशासी चिकित्सा महाविद्यालय में वर्ष 2002 से 2007 के मध्य चिकित्सा शिक्षकों के संविदा सेवा काल की गणना एवं वरिष्ठता के आदेश का लाभ तथा 11वीं मांग में सुपर स्पेशलिटी चिकित्सा शिक्षकों के 2018 में निर्धारित वेतन का पुनरीक्षण तथा 12वीं मांग में चिकित्सा शिक्षकों के मूलभूत विषयों संबंधी नस्तियों के निराकरण के अलावा प्रदर्शन हेतु सेवा में आगे बढ़ाने हेतु अवसर प्रदान करने के लिए ट्यूटर को स्नातकोत्तर के बाद संबंधित विभाग में सहायक प्राध्यापक के पद पर प्रमोशन के लिए स्पष्ट पॉलिसी सहित सूचना के अधिकार के अंतर्गत मांगी गई जानकारी को महाविद्यालय स्तर पर उपलब्ध करवाने की मांग की गई है।

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