बैठक में ही पीआईसी परिषद से पार्षद रामसिंह यादव ने दिया इस्तीफा, पार्षद मट्टू खटीक ने दी चेतावनीशिवपुरी- नारी सशक्तिकरण के नाम पर आयोजित नपा का साधारण सम्मेलन इन दिनों नगर में व्याप्त पेयजल समस्या में उलझा रहा और इसी बीच नारी सशक्तिकरण बिल तो पास कर दिया लेकिन पेयजल समस्या को लेकर पार्षदों ने नपा प्रबंधन पर अपना ठीकरा फोड़ा। शहर में गहराते पानी संकट के कारण पूरा एजेंडा ही एक तरह से पीछे छूट गया। बैठक के दौरान पार्षदों ने पेयजल व्यवस्था, गंदगी और अन्य अव्यवस्थाओं को लेकर जमकर हंगामा किया। पार्षदों ने बैठक में विभिन्न मुद्दों पर अपनी नाराजगी व्यक्त करते हुए नगर पालिका प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की।
बैठक के बीच पार्षद रामसिंह यादव ने पीआईसी की सदस्यता से दिया इस्तीफा, पार्षद मट्टू ने दी चेतावनी
बैठक के दौरान नगर पालिका में व्याप्त भ्रष्टाचार और जनहित के मुद्दों पर कोई कार्य ना होता देख पार्षदों की असुनवाई को लेकर बैठक में मौजूद पार्षद राम सिंह यादव ने नगर पालिका की पीआईसी (पार्षद इंप्लीमेंटेशन कमेटी) की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने नगर पालिका में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए कहा कि कर्मचारी खुलेआम रिश्वत लेते पकड़े जा रहे हैं, जबकि शहर की जनता पानी के लिए तरस रही है। यादव ने यह भी आरोप लगाया कि नालों की सफाई नहीं हो रही है, जिससे बारिश में स्थिति और खराब हो सकती है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि आवश्यक हुआ तो वह पार्षद पद से भी इस्तीफा दे देंगे। पार्षद मट्टू खटीक ने भी कड़ा रुख अपनाते हुए चेतावनी दी कि यदि अगले आठ दिनों के भीतर शहर की पेयजल व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ, तो वह अपने पद से इस्तीफा दे देंगे। पार्षदों ने बैठक में मौजूद ईई सचिन चौहान से जवाब मांगा। चौहान ने पहले तीन दिन में जल संकट दूर करने का आश्वासन दिया था, लेकिन निर्धारित समय सीमा बीत जाने के बावजूद स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ है।
नपाध्यक्ष ने सीएमओ को बताया जिम्मेदार
बैठक के बाद नगर पालिका अध्यक्ष गायत्री शर्मा ने इस पूरे मामले में सीएमओ को जिम्मेदार ठहराया और आरोप लगाए कि शहर में जल संकट जानबूझकर पैदा किया गया है और नगर पालिका की व्यवस्था दलालों के हाथों में चली गई है। उन्होंने बताया कि सिंध जलावर्धन योजना के तहत मोटरों के लिए टेंडर निकाला गया था, लेकिन बिना किसी सूचना के उसे रद्द कर दिया गया। उनका कहना है कि सीएमओ शहर की व्यवस्था सुधारने में रुचि नहीं ले रहे और केवल ट्रांसफर व प्रशासनिक फेरबदल में लगे हुए हैं। नगर पालिका अध्यक्ष ने घोषणा की कि आगामी तीन दिनों में पानी के मुद्दे को लेकर विशेष परिषद बैठक दोबारा बुलाई जाएगी।
इनका कहना है-
नगर परिषद के सम्मेलन को लेकर ईई को चार्ज सौंपा था वह बैठक में मौजूद भी थे, नपाध्यक्ष के द्वारा मुझ पर लगाए आरोप बेबुनियाद है पूर्व में भी वह हमसे अभद्रता कर चुकी है, चूंकि आज हाईकोर्ट में झील संरक्षण मामले में सुनवाई थी इसके लिए मैंने पत्र लिखकर पूर्व में ही नपाध्यक्ष को अवगत करा दिया था, मैं माननीय न्यायालय की अवमानना का शिकार नहीं होना चाहता, इसलिए मैं बैठक में मौजूद नहीं रहा।
ईशांक धाकड़
सीएमओ, नपा, शिवपुरी

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