डेढ़ साल में टाइगर के लिए चुराईं 100 भैंसें, गुर्जर समाज ने ज्ञापन सौंप रखी चार प्रमुख मांगेंशिवपुरी। ग्वालियर-चंबल संभाग से आए हजारों गुर्जर समाज के लोगों ने गुरुवार को शिवपुरी के गांधी पार्क से कलेक्ट्रेट तक विशाल रैली निकालकर जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। इस दौरान समाज के नेताओं ने वन विभाग और माधव टाइगर रिजर्व प्रबंधन पर बेहद सनसनीखेज और गंभीर आरोप लगाए हैं। गुर्जर समाज के प्रतिनिधियों का दावा है कि सुरवाया क्षेत्र से पिछले डेढ़ साल में करीब 100 भैंसों को चोरी कर टाइगरों के पिंजरे या क्षेत्र में छोड़ा गया है। इस कथित घोटाले का खुलासा तब हुआ जब एक बुजुर्ग ग्रामीण ने वन विभाग के डीसीएम वाहन में भैंस के बच्चे (पड़ा) को ले जाते हुए रंगे हाथ देखा। ग्रामीणों का आरोप है कि टाइगर रिजर्व के लिए आने वाले सरकारी फंड का दुरुपयोग छिपाने के लिए उनके मवेशियों को जबरन टाइगरों का निवाला बनाया जा रहा है। गौरतलब है कि इस मामले में सुरवाया थाना पुलिस पहले ही अज्ञात चोरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर चुकी है।
गंभीर आरोपों की जांच की मांग अन्यथा होगा उग्र आन्दोलन
गुर्जर समाज के प्रतिनिधि प्रदीप सिंह गुर्जर ने कहा कि इस प्रदर्शन में करीब 10 हजार लोग शामिल हुए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इन गंभीर आरोपों की उच्च स्तरीय जांच नहीं हुई और मांगें पूरी नहीं की गईं, तो प्रदेश स्तर पर लाखों की संख्या में जुटकर उग्र आंदोलन किया जाएगा।
गुर्जर समाज के प्रतिनिधि प्रदीप सिंह गुर्जर ने कहा कि इस प्रदर्शन में करीब 10 हजार लोग शामिल हुए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इन गंभीर आरोपों की उच्च स्तरीय जांच नहीं हुई और मांगें पूरी नहीं की गईं, तो प्रदेश स्तर पर लाखों की संख्या में जुटकर उग्र आंदोलन किया जाएगा।
4 सूत्रीय मांगों को लेकर सौंपा ज्ञापन
गर्जुर समाज के द्वारा 4 सूत्रीय मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा गया जिसमें माधव नेशनल पार्क के विस्थापित परिवारों का दोबारा सर्वे कराकर सही मुआवजा दिया जाए, वन विभाग द्वारा ग्रामीणों का कथित उत्पीडऩ तुरंत बंद हो और वर्षों से काबिज किसानों को पट्टे दिए जाएं, झिरना सरकार देवस्थान और ऐतिहासिक मंदिरों का संरक्षण किया जाए एवं वीर धनसिंह कोतवाल, माता पन्नाधाय और भगवान देवनारायण की प्रतिमाएं स्थापित की जाएं।
गर्जुर समाज के द्वारा 4 सूत्रीय मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा गया जिसमें माधव नेशनल पार्क के विस्थापित परिवारों का दोबारा सर्वे कराकर सही मुआवजा दिया जाए, वन विभाग द्वारा ग्रामीणों का कथित उत्पीडऩ तुरंत बंद हो और वर्षों से काबिज किसानों को पट्टे दिए जाएं, झिरना सरकार देवस्थान और ऐतिहासिक मंदिरों का संरक्षण किया जाए एवं वीर धनसिंह कोतवाल, माता पन्नाधाय और भगवान देवनारायण की प्रतिमाएं स्थापित की जाएं।

No comments:
Post a Comment