शिवपुरी। मेहनत, लगन और आत्मविश्वास के दम पर शिवपुरी के एक होनहार छात्र ने यह साबित कर दिया कि सफलता के लिए महंगी कोचिंग नहीं, बल्कि दृढ़ संकल्प और नियमित अध्ययन सबसे बड़ा आधार होता है। शिवपुरी के खेड़ापति कॉलोनी निवासी अंश नामदेव, पिता मनीष नामदेव, ने घर पर रहकर पूरी तरह सेल्फ स्टडी के माध्यम से राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (हृश्वश्वञ्ज) में सफलता प्राप्त की है। अंश ने ऑल इंडिया रैंक (्रढ्ढक्र) 62,371 हासिल कर अपने परिवार, विद्यालय और पूरे शिवपुरी जिले का नाम रोशन किया है। अंश केंद्रीय विद्यालय, शिवपुरी के छात्र रहे हैं। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता के निरंतर सहयोग, शिक्षकों के मार्गदर्शन और स्वयं के अनुशासित अध्ययन को दिया है। उन्होंने नियमित पढ़ाई, समय का सही प्रबंधन और पिछले वर्षों के प्रश्नपत्रों का अभ्यास कर यह उपलब्धि हासिल की। अंश की इस सफलता से परिवार में खुशी का माहौल है। परिजनों, रिश्तेदारों और शुभचिंतकों ने उन्हें बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। उनकी सफलता उन विद्यार्थियों के लिए भी प्रेरणा है, जो सीमित संसाधनों के बावजूद अपने लक्ष्य को हासिल करने का सपना देखते हैं। अंश नामदेव की इस उपलब्धि पर क्षेत्रवासियों ने भी हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि उनकी मेहनत और समर्पण आने वाली पीढ़ी के लिए प्रेरणास्त्रोत बनेगा।
शिवपुरी। मेहनत, लगन और आत्मविश्वास के दम पर शिवपुरी के एक होनहार छात्र ने यह साबित कर दिया कि सफलता के लिए महंगी कोचिंग नहीं, बल्कि दृढ़ संकल्प और नियमित अध्ययन सबसे बड़ा आधार होता है। शिवपुरी के खेड़ापति कॉलोनी निवासी अंश नामदेव, पिता मनीष नामदेव, ने घर पर रहकर पूरी तरह सेल्फ स्टडी के माध्यम से राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (हृश्वश्वञ्ज) में सफलता प्राप्त की है। अंश ने ऑल इंडिया रैंक (्रढ्ढक्र) 62,371 हासिल कर अपने परिवार, विद्यालय और पूरे शिवपुरी जिले का नाम रोशन किया है। अंश केंद्रीय विद्यालय, शिवपुरी के छात्र रहे हैं। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता के निरंतर सहयोग, शिक्षकों के मार्गदर्शन और स्वयं के अनुशासित अध्ययन को दिया है। उन्होंने नियमित पढ़ाई, समय का सही प्रबंधन और पिछले वर्षों के प्रश्नपत्रों का अभ्यास कर यह उपलब्धि हासिल की। अंश की इस सफलता से परिवार में खुशी का माहौल है। परिजनों, रिश्तेदारों और शुभचिंतकों ने उन्हें बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। उनकी सफलता उन विद्यार्थियों के लिए भी प्रेरणा है, जो सीमित संसाधनों के बावजूद अपने लक्ष्य को हासिल करने का सपना देखते हैं। अंश नामदेव की इस उपलब्धि पर क्षेत्रवासियों ने भी हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि उनकी मेहनत और समर्पण आने वाली पीढ़ी के लिए प्रेरणास्त्रोत बनेगा।

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